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रायबरेली में हुई घटना पर मायावती ने ट्वीट कर सरकार को घेरा, कहा- 'सरकार उठाए सख्त कदम'

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उत्तर प्रदेश के रायबरेली में शनिवार को लगभग 4 दर्जन से अधिक गुंडों ने एक गांव में घुसकर जमकर तांडव मचाया और मारपीट की जिसमे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह झगड़ा सामान्य व अनुसूचित जाति के लोगो के बीच हुआ था। इसी घटना पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रायबरेली में दलितों के साथ हुई घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है। दलितों पर हो रहे अत्याचार पर सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है।

बसपा सुप्रीमो का सरकार पर हमला

बसपा सुप्रीमो का सरकार पर हमला

दरअसल पूरा मामला रायबरेली जिले के डीह थाना क्षेत्र स्थित पूरे शिव गुलाम गांव का है। रायबरेली जनपद के डीह थाना क्षेत्र में शनिवार की शाम शैलेंद्र शुक्ला का विनोद कुमार पासी से विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया की लगभग 4 दर्जन दबंगों ने घर में घुस कर महिलाओं समेत पूरे परिवार के साथ बुरी तरह मारपीट करना शुरू कर दिया। आनन फानन में पुलिस को इस बात की सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौके से अवैध असलहे व दबंगो की बाइकें भी बरामद हुई हैं। इसी घटना पर बसपा सुप्रीमों मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया है।
ट्वीट में मायावती लिखती हैं 'यूपी के रायबरेली में दबंगों ने कई दलितों को मार-मार कर अधमरा कर दिया। इसी प्रकार प्रदेश में आएदिन दलित अत्याचार व हत्या आदि की घटनाएं आम हो गई हैं, जो अति-दुःखद, शर्मनाक व निन्दनीय। सरकार इनके मामले में पूरी तत्परता व गंभीरता दिखाए तथा सख्त कदम उठाए, बीएसपी की यह माँग।'

दलितों पर नहीं हुआ कोई अत्याचार

दलितों पर नहीं हुआ कोई अत्याचार

जहाँ एक तरफ मायावती दलितों को पीड़ित बता रही है वही दूसरे पक्ष का कुछ और ही कहना है। मौके पर मौजूद अर्चना शुक्ला बताती हैं कि लगभग 40-50 की संख्या में लड़के कई मोटरसाइकिलों पर सवार हो कर आए और घर में घुस गए। उसके बाद घर में मौजूद दोनों भाइयों को बेरहमी से पीटने लगे। हमने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन ऐसा कोई व्यक्ति नहीं था जिसके हाथ में हथ्यार न हो। घर में मौजूद महिलाओं के विरोध करने पर गुंडे गाड़ी छोड़कर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पूरी घटना में एक महिला और दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटनाक्रम के अनुसार पीड़ित दलित समाज के लोग नहीं बल्कि दूसरा पक्ष है।

भारत में जातिवाद का राजनीतिकरण

भारत में जातिवाद का राजनीतिकरण

भारत में जातिवाद ने न केवल यहाँ की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक प्रवृतियों को ही प्रभावित किया है, बल्कि राजनीति को भी पूर्ण रूप से प्रभावित किया है। भारत की राजनीति में जाति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केन्द्र ही नहीं राज्यस्तरीय राजनीति भी जातिवाद से प्रभावित है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बहुत ही खतरनाक है, क्योंकि इसके कारण राष्ट्रीय एकता एवं विकास मार्ग अवरुद्ध हो रहा है।
इस मामले में जो भी आरोपी है उसपर सख्त कारवाई जरूर होनी चाहिए लेकिन सोचने वाली बात यह है कि दो पक्षों के बीच हुए किसी भी व्यक्तिगत झगडे में जाती का इस्तेमाल करना कहाँ तक सही है। हम यह नहीं कहते कि जातिवाद के आधार पर अत्याचार कभी नहीं हुआ है लेकिन राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को इस तरह के मामले को गभीरता से लेना चाहिए और दो लोगों की व्यक्तिगत लड़ाई दो समाजों के बीच झगडे की वजह न बने, इसलिए पूरी जांच पड़ताल के बाद ही कोई ब्यान देना चाहिए।

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English summary
Mayawati surrounded the government by tweeting on the incident in Rae Bareli
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