• search
रायबरेली न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

'डिजिटल इंडिया' ने ली गरीब की जान, राशन न मिलने से महिला को मिली मौत

|

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में गरीबों के लिए चलाई गई विभिन्न प्रकार की योजनाएं गरीबों तक नहीं पहुंच रही है। यह बात कोई और नहीं बल्कि इस घटना के बाद साफ जाहिर हो गई है। एक गरीब वृद्ध महिला महीनों से अपने परिवार की भूख मिटाने के लिये दाने-दाने के लिए मोहताज थी। उसके बावजूद भी उसे सरकारी राशन नहीं दिया जा रहा था। प्रशासन की बेरुखी और नयी डिजिटल प्रणाली के बदले में उसे अपनी जान देकर गवांनी पड़ी।

मौत की जिम्मेदारी किसकी?

मौत की जिम्मेदारी किसकी?

डलमउ क्षेत्र के पूरे भवानी मजरे कुरौली दमा गांव निवासिनी सरयू देवी 70 वर्ष पत्नी रघुवर के घर में परिवार के लोग दाने-दाने के लिए पूरे महीने से मोहताज थे। वृद्ध महिला सरकारी राशन लेने के लिए कोटेदार के पास रोज जाकर हाथ पैर भी जोड़ती रही साथ ही राशन दुकान के चक्कर भी काटती रही। लेकिन डिजिटल ईपास मशीन के काम न करने से वह राशन देने में असमर्थ रहा लेकिन अगर कोटेदार चाहता तो वह आपूर्ति अधिकारी और जिले के अन्य विकास से सम्बन्धित अधिकारी को सूचित कर सकता था। साथ ही ग्राम प्रधान और लेखपाल की भी जिम्मेदारी बनती थी कि गांव का कोई भी सदस्य भूख से नहीं मरना चाहिये, इसकी जिम्मेदारी सीधे प्रधान की होती है लेकिन ऐसा किसी ने नही किया। उस महिला की मौत हो जाने के बाद अब सभी उसके पास जाकर सहायता देते नजर आ रहे हैं।

मौत के बाद जागा प्रशासन

मौत के बाद जागा प्रशासन

उधर कोटेदार ने दोबारा आधार कार्ड मांगा। वृद्धा राशन पाने के लिए कभी कोटेदार की दुकान के चक्कर काटते-काटते थक गई आखिरी में उसकी झोली में मौत मिली। वृद्धा की मौत के बाद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और राशन उसके घर तक बिना अगूंठा लगाए ही पहुंचा दिया। अधिकारियों के निर्देश पर मृतक वृद्ध महिला के परिजनों के यहां बिना राशन कार्ड एवं अंगूठा के ही राशन भिजवा दिया गया और अधिकारियों ने अपनी लाज बचा ली।

बायोमैट्रिक मशीन ने ली जान

बायोमैट्रिक मशीन ने ली जान

सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों में बायोमैट्रिक मशीन की व्यवस्था की गई है। राशन लेने गई वृद्धा जैसे ही अंगूठा लगाने के लिए गई। वैसे ही चक्कर आने से वृद्धा गिर कर घायल हो गई। परिजनों ने मामूली रूप से घायल समझ कर पास के ही चिकित्सक के पास इलाज करा दिया। वृद्ध महिला ने दम तोड़ दिया। वृद्धा की मौत की खबर सुनकर विभागीय अधिकारियों के हाथ-पैर फूलने लगे। अधिकारियों ने आनन-फानन कोटेदार के माध्यम से मृतक के परिजनों को घर तक राशन भिजवा दिया। लेकिन यह न्याय कैसा कि वृद्धा के जीते जी ईपास मशीन के चक्कर में उसे एक दाना भी नहीं मिल सका। अधिकारियों ने मौत के बाद उसके घर तक राशन भिजवा दिया, जबकि महिला भीषण ठंडी में पांच तारीख से राशन के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान के चक्कर काट रही थी। कोतवाली प्रभारी लक्ष्मीकांत मिश्रा ने बताया कि उन्हें घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है, अगर शिकायती पत्र मिलता है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

इसे भी पढ़ें: पति बना हैवान, बच्चों को कमरे में किया बंद फिर पत्नी को पीट-पीटकर किया मरणासन्न

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
An old woman died in Raebareli due to hunger
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more