Aditi Singh ने प्रियंका गांधी पर कसा सियासी तंज, बोलीं- कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व का गंभीर संकट
रायबरेली, 23 जनवरी: प्रियंका गांधी की बेहद खास रही अदिति सिंह ने कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ नंवबर 2021 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम लिया था। भाजपा ने अदिति सिंह रायबरेली सदर सीट से प्रत्याशी घोषित किया है। तो वहीं, अब अदिति सिंह ने कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी पर तंज कसा है। अदिति सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व का गंभीर संकट है।

अदिति सिंह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बता करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी को यूपी का सीएम चेहरा बनने का अधिकार है, लेकिन सवाल ये है कि सीएम बनने के लिए जो सीटें चाहिए वह कहां से लेकर आएंगी। अदिति ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व का गंभीर संकट है। अदिति सिंह आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के पास पांच साल तक राज्य में पीछे मुड़कर देखने का समय नहीं है, वे यहां चुनाव से पहले ही आते हैं।
अदिति सिंह ने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को रायबरेली सीट से चुनाव लड़ना चाहिए और अगर रायबरेली सीट से प्रियंका गांधी चुनाव लड़ती हैं तो चाहूंगी कि वह वहां से चुनाव लड़े। ताकि कांग्रेस को उसकी जमीन मालूम चल सके। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी रायबरेली नहीं आते हैं और जिन्हें जमीन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वो जनता का विश्वास कैसे जीतेंगे। यूपी में लोग बीजेपी के दोबारा सत्ता में आने का स्वागत करने को तैयार हैं।
पार्टी में रहते हुए अदिति सिंह बगावत पर उतर आई थी
बता दें, अदिति सिंह 2017 में रायबरेली की सदर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुनी गई थीं। हालांकि, कुछ समय बाद से उन्होंने बगावती तेवर अपना लिए। अदिति सिंह कई मौकों पर कांग्रेस की नीतियों के विरुद्ध और बीजेपी सरकार के कामकाज की तारीफ करती नजर आईं। उन्होंने जम्मू कश्मीर से 370 हटाने का समर्थन किया था। इससे कांग्रेस को काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी।
कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा
अदिति सिंह ने दो दिन पहले ही रायबरेली सदर से कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया था। साथ ही, अदिति सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष को भी इस्तीफा भेजकर विधायकी छोड़ी थी। बता दें कि कांग्रेस ने उनकी सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा लेकिन जुलाई 2020 में विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता रद्द करने संबंधी याचिका खारिज कर दी और उनकी विधायकी को बरकरार रखा था।












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