पंजाब: क्या सिद्धू मूसेवाला के कत्ल की केंद्रीय एजेंसी करेगी जांच, जानिए क्यों तेज़ हुई चर्चा

पंजाब कांग्रेस का एक शिष्टमंडल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में आज राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से मिला

चंडीगढ़, 1 जून 2022। पंजाब कांग्रेस का एक शिष्टमंडल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में आज राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से मिला और पंजाब में कानून व्यवस्था की बिगड़ रही हालत से अवगत करवाया। शिष्टमंडल ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में किसी भी केंद्रीय एजेंसी, चाहे वह सीबीआई या एनआईए हो, से जांच करवाए जाने की मांग करते हुए, कहा कि किसी को भी राज्य सरकार पर विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी सरकार राज्य के लिए विनाशकारी साबित हुई है।

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आप को जनादेश मिला, लेकिन वह पूरी तरह फेल है- कांग्रेस

शिष्टमंडल ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि आप को जनादेश मिला, लेकिन वह पूरी तरह फेल साबित हुई है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त पंजाबी गायक शुभदीप सिंह सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े हत्या, सभी के लिए एक चेतावनी है। यह हत्या का कोई आम मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश रची गई और हत्यारों द्वारा कानून के किसी डर के बगैर अंजाम दिया गया। निर्ममता से की गई हत्या को 3 दिन बीतने के बावजूद भी पुलिस के पास कोई सुराग नहीं है। वह सिर्फ कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए कबूलनामे पर ही काम कर रही है।

'मुख्यमंत्री भगवंत मान पूरी तरह से विफल हो चुके हैं'

शिष्टमंडल ने राज्यपाल से कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पूरी तरह से विफल हो चुके हैं। यहां तक कि या तो वह बहुत कठोर हैं या फिर हालात और घटना की गंभीरता को समझने में नाकाबिल है। मान में पीड़ित माता-पिता के पास जाकर दुख जाहिर करने की भी हिम्मत नहीं है, जिनका इकलौता बेटा हमलावरों की गोलियों का शिकार बन गया, क्योंकि उसकी सुरक्षा को ना सिर्फ वापस लिया गया था, बल्कि सस्ती शोहरत के लिए उसका लोक दिखावा भी किया गया था। उन्होंने कहा कि दोहरा दुर्भाग्य यह भी है कि भगवंत मान ना सिर्फ नाकाबिल हैं, बल्कि उन्हें दिल्ली में बैठे उन लोगों से निर्देश मिलते हैं, जिन्हें पंजाब के हालातों के बारे में कुछ भी नहीं पता है। वे हमेशा से कहते रहे हैं कि पंजाब को ऐसे लोगों के हाथों में नहीं छोड़ा जा सकता। लोग खुद को सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं। कोई भी किसी का कत्ल कर देता है। कानून का डर नहीं है।

'सरकार के पास पंजाब को चलाने के लिए कोई तजुर्बा नहीं'

शिष्टमंडल ने चेतावनी देते हुए कहा कि हम बार-बार कह रहे हैं कि पंजाब दिल्ली नहीं है और हम सही साबित हुए हैं, क्योंकि इस सरकार के पास पंजाब को चलाने के लिए ना तो कोई तजुर्बा है, ना ही कोई काबिलियत, जो साबित हो चुका है। शिष्टमंडल के सदस्यों ने हालातों की गंभीरता के प्रति राज्यपाल का ध्यान खींचते हुए, कहा कि हम तीन दशक पहले ही बुरे हालातों को देख चुके हैं। हम अराजकता के एक अन्य दौर का सामना नहीं कर सकते। अराजकता के बीच पंजाब तरक्की नहीं कर सकता। यहां तक कि कोई राज्य विकास नहीं कर सकता। मीडिया की खबरों के मुताबिक आज ही व्यस्त रहने वाले लुधियाना-जालंधर हाईवे पर एक यात्री बस को हाईजैक कर लिया गया और गन प्वाइंट पर यात्रियों को लूटा गया। ऐसी किसी को उम्मीद नहीं थी और इससे सिर्फ लोगों में डर बड़ा है। राज्य में अराजकता और कानून की विफलता चरम सीमा पर है।


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