कौन हैं कुलदीप सिंह धालीवाल? जो पिछले 20 महीनों से देख रहे थे मंत्रालय, वो 'Exist' ही नहीं करता
Kuldeep Singh Dhaliwal Kon Hai: पंजाब की भगवंत मान सरकार एक बार फिर मीडिया की सुर्खियों में छा गई है। दरअसल, पंजाब में पिछले 20 महीनें से एक ऐसा विभाग चल रहा था जो 'Exist' ही नहीं करता। यह विभाग है 'प्रशासनिक सुधार विभाग'। इस विभाग की कमान पिछले 20 महीनों से संभाले बैठे थे कुलदीप सिंह धालीवाल।
वहीं, अब पंजाब सरकार ने आधिकारिक तौर पर मान लिया है कि 'प्रशासनिक सुधार विभाग' जैसा कोई विभाग अस्तिव में ही नहीं है। यह मंत्रालय केवल कागजों पर ही चल रहा था। जैसे ही इस बात की जानकारी हुई तो पंजाब सरकार ने इस 'भूतिया विभाग' को बंद करने का फैसला लिया है और इसके लिए सरकारी गजट अधिसूचना को भी जारी किया है।

पंजाब के राज्यपाल ने सीएम भगवंत मान की सलाह पर एक गजट नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा है कि अब धालीवाल केवल एनआरआई मामलों के मंत्रालय को संभालेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धालीवाल से अब तक कुल तीन विभाग वापिस लिए जा चुके हैं। इससे पहले ग्रामीण विकास एवं पंचायत और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भी उनसे वापिस लिया गया था।
कुलदीप सिंह धालीवाल कौन हैं?
कुलदीप सिंह धालीवाल का जन्म 14 अगस्त 1960 में पंजाब प्रांत के अजनाल में हुआ था। उनके पिता का नाम हनबंस सिंह है। कुलदीप सिंह धालीवाल ने अमृतसर के जगदेव कलां सरकारी स्कूल से 10वीं तक की शिक्षा प्राप्त की है। पढ़ाई के दिनों से धालीवाल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के समर्थक थे। धालीवाल साल 1990 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए।
2022 में जीते थे चुनाव
हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। लेकिन, वे फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए। जब कांग्रेस पार्टी से उन्हें चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला तो धालीवाल ने आम आदमी पार्टी से हाथ मिला लिया। धालीवाल ने 2019 में पहली बार चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। धालीवाल 2022 अजनाला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत गए।
धालीवाल बने कैबिनेट मंत्री
19 मार्च को चंडीगढ़ में पंजाब राजभवन के गुरु नानक देव सभागार में नौ अन्य विधायकों के साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। हालांकि, 2024 में दूसरी आप की तरफ से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। पंजाब सरकार में मंत्री कुलदीप अजनाला विधानसभा सीट से लगातार 2 बार चुनाव जीत चुके हैं।
ना स्टाफ-ना बैठक, 20 महीने से चल रहा था मंत्रायल
खबर के मुताबिक, प्रशासनिक सुधार मंत्रालय में ना किसी अफसर की नियुक्ति की गई थी और ना ही कोई कर्मचारी था और ना कोई बैठक हुई। यानी धालीवाल बिना किसी वास्तविक विभाग के ही 20 महीनों तक इसका चार्ज संभाले बैठे रहे। अब पंजाब के राज्यपाल ने सीएम भगवंत मान की सलाह पर एक गजट नोटिफिकेशन जारी अब प्रशासनिक सुधार विभाग को ही खत्म कर दिया है।
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