पंजाब: 2017 विधानसभा चुनाव के मुक़ाबले 2022 में कम हुई वोटिंग, किसे मिलेगी सत्ता की चाभी ?
पंजाब में रविवार को मतदान थम गया अब पूरे प्रदेश की जनता को चुनाव के नतीजे का इंतज़ार है। रविवार को मतदान ख़त्म होने के बाद निर्वाचन आयोग के जारी आंकड़ों के मुताबिक 66.45 फ़ीसदी हुआ।
चंडीगढ़, 21 फरवरी 2022। पंजाब में रविवार को मतदान थम गया अब पूरे प्रदेश की जनता को चुनाव के नतीजे का इंतज़ार है। मतदान ख़त्म होने के बाद निर्वाचन आयोग के जारी आंकड़ों के मुताबिक 66.45 फ़ीसदी हुआ। 2017 के विधानसभा चुनाव के मुक़ाबले इस बार के चुनाव में 10 फ़ीसदी कम मतदान हुए। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण इलाक़ों में ज्यादा वोटिंग हुई है, वहीं पंजाब के शहरी इलाकों में कम मतदान हुआ है। पंजाब में इस बार कई ऐतबार से सियासी समीकरण बदले हुए नज़र आ रहे थे। भाजपा गठबंधन, शिअद-बसपा गठबंधन, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और किसानों की पार्टी की वजह से बहुकोणीय मुक़ाबला देखने को मिला।

कांग्रेस ने पिछली बार 80 सीटों पर जमाया था क़ब्ज़ा
पंजाब में 2017 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो कांग्रेस ने 80 सीटों पर क़ब्ज़ा जमाया था। वहीं आम आदमी पार्टी ने 17 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके साथी शिरोमणि अकाली दल ने 14 सीटों पर क़ब्ज़ा जमाया था। 4 विधानसभा सीटों पर अन्ट दल के उम्मीदवार और आज़ाद उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में 76.39 फ़ीसदी मतदान हुए थे और इस बार के चुनाव में पंजाब के सभी 117 विधानसभा सीटों पर 66.45 फ़ीसदी मतदान हुए। राज्य के सभी विधानसभा के पोलिंद बूथों पर तय समय के मुताबिक आठ बजे से वोटिंग शुरू होने के बावजूद इस बार मतदान कम हुए। सियासी गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कम मतदान होने से फ़ायदा किसे मिलेगा। किस पार्टी को फ़ायदा हुआ ये तो मतदान के नजीते के बाद ही खुलासा हो पाएगा।

पिछली बार के मुक़ाबले कम हुई वोटिंग
पंजाब के सियासी गलियारों की चर्चा की बात की जाए तो निर्वाचन आयोग ने जो आंकड़े जारी किया है। उसके मुताबिक शहरी इलाकों से ज़्यादा मतदान ग्रामीण इलाकों में हुआ है। दूसरे दलों के मुक़ाबले में ग्रामीण इलाकों में शिरोमणि अकाली दल के मतदाताओं की तादाद ज़्यादा है। ग्रामीण इलाकों में अधिक मतदान होने से शिअद को फ़ायदा पहुंच सकता है। पंजाब के ज्यादातर विधानसभी सीटों पर सुबह 11 बजे तक मतदान की गति धीमी थी लेकिन दिन चढ़ते ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला और वोटिंग प्रतिशत में भी इज़ाफ़ा हुआ। दोपहर के 3 बजे तक की वोटिंग प्रतिशत की बात की जाए तो 58.12 फ़ीसदी तक मतदान हुए थे। शाम 6 बजे जब मतदान खत्म हुआ तो उस वक़्त 66.45 फ़ीसदी आंकड़ा दर्ज किया गया था।

EVM में क़ैद हुई दिग्गजों की क़िस्मत
पंजाब में मतदान ख़त्म होते ही सभी प्रत्याशियों की क़िस्मत ईवीएम में क़ैद हो गई। राज्य की सियासत के दिग्गज चेहरे कांग्रेस से चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू पर सभी की निगाहें टिकी हुईं हैं। वहीं शिरोमणि अकाला दल की तरफ़ से प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया पर की क़िस्मत दांव पर लगी है। वहीं आम आदमी पार्टी की तरफ़ से भगवंत मान पर भी पार्टी का मान रखने का दवाब है। इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी अपनी शाख बचानी ज़रूरी है क्योंकि कांग्रेस को छोड़ कर उन्होंने अपनी सियासी पार्टी बनाई है। सियासी जानकारों की मानें तो मतदान के आकड़ों के बाद शिरोमणि अकाली दल की सीटों में इज़ाफ़ा हो सकता है लेकिन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है।
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