पंजाब:'जिन्हें दिया सुरक्षा का अधिकार, वही फोड़ रहे सिर, हरियाणा लाठीचार्ज को लेकर बोले किसान नेता निर्मल सिंह
। केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ तीन कृषि कानून को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन अभी तक आंदोलन का कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इसी कड़ी में विरोध प्रदर्शन के तहत मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत का आयोजन
चंडीगढ़, सितम्बर 3, 2021। केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ तीन कृषि कानून को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन अभी तक आंदोलन का कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इसी कड़ी में विरोध प्रदर्शन के तहत 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस बाबत वन इंडिया हिन्दी से किसा नेता निर्मल सिंह ने बात की उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत की किस तरह से तैयारी की जा रही है साथ ही उन्होंने दूसरे मुद्दे पर भी बेबाकी से जवाब दिया।
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किसान समर्थकों का काफ़िला पहुंचेगा मुजफ्फरनगर
किसान नेता निर्मल सिंह ने बताया मुजफ्फऱनगर महापंचायत में उनके नेतृत्व में किसानों का काफिला मोहाली के बलौंगी से रैली के कूच करेगा। यहां से किसान समर्थकों के लिए मुफ़्त बस सेवा मुहैय्या करवाई जा रही है। किसान नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में मुजफ्फरनगर में महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महापंचायत में 18 से 20 लाख लोगों के जुटने की संभावना है। किसानों की मांगों को लेकर राकेश टिकैत शुरू से ही इस संघर्ष में अहम भूमिका निभाते आए हैं। निर्मल सिंह ने कहा कि इस संघर्ष को अंतिम रूप देने तक जारी रखेंगे। जब तक कामयाबी हासिल नहीं हो जाएगी तब तक वह इस संघर्ष में पूरी तरह से सहयोग देते रहेंगे।
'जिन्हें दिया सुरक्षा का अधिकार वहीं फोड़ रहे हैं सिर'
हरियाणा किसान लाठीचार्ज मामले के सवाल पर निर्मल सिंह ने कहा कि आप कुछ महीने पीछे के सरकार के बयानों को सुनें। उन्होने कहा कि जब कृषि क़ानून बने थे तो मोदी सरकार ने कहा था कॉर्पोरेट सेक्टर से आपको कोई परेशानी होती है तो आप सरकार के अधिकारी के पास जाकर निपटारा कर सकते हैं। IAS अधिकारी को मामले के निपटारा का अधिकार दिया गया था। आज के दौर में IAS उन अधिकारों का इस्तेमाल किसानों का सिर फोड़ने के लिए कर रहे हैं।
सरकार ने जिन्हें मामला सुलझाने का अधिकार दिया था वही अधिकारी अब किसानों को पीट रहे हैं उनका सिर फोड़ रहे हैं।
इससे अंदाज़ा लग सकता है कि सरकार कितनी गिर चुकी है। वही उन्होंने भारतीय आर्थिक पार्टी के सवाल पर कहा कि उस पार्टी का किसान आंदोलन से कोई लेना देना नहीं है। उसका इस आंदोलन के साथ दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है।
'किसान आंदोलन से पहले दिन से जुड़ा हुआ हूं'
पंजाब में राकेश टिकैत आते हैं तो वह आपके ही यहां उनका बसेरा होता है इसकी कोई ख़ास वजह ? इस सवाल के जवाब में निर्मेल सिंह ने कहा कि राकेश टिकैत के साथ वह किसान आंदोलन के पहले दिन से जुड़े हुए हैं। उनके साथ परिवारिक रिश्ता सा बन गया है। इसलिए वह जब भी पंजाब आते हैं तो वह मेरे यहां ही रुकना पसंद करते हैं। निर्मल सिंह ने बताया कि 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत रैली के लिए उनके द्वारा फ्री बस सेवा का इंतजाम भी किया गया है। 5 सितम्बर को मोहाली के बलौंगी से सुबह 3:30 बजे बसे मुजफ्फरनगर के लिए रवाना होंगी। उन्होंने कहा कि जो लोग भी इस बस सेवा का लाभ उठाना चाहते हैं वह समय के अनुसार बलौंगी ओवर ब्रिज के नीचे पहुंच कर बस से मुजफ़्फ़र नगर जा सकते हैं। शहर के लोगों से अपील करते हुए निर्मल सिंह ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस संघर्ष में अपना योगदान दें और इस महापंचायत रैली में शामिल होने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि इसके लिए 20 बसों का इंतजाम किया गया है। अगर जरूरत पड़ी तो मौके पर बसों की संख्या को और ज्यादा बढ़ाया जाएगा।
रैली में शामिल लोगों के लिए लंगर का इंतज़ाम
किसान नेता निर्मल सिंह ने बताया कि इस रैली में शामिल होने वाले लोगों के लिए लंगर और पानी का भी इंतज़ाम किया गया है। इसके लिए वे राशन तथा पानी का योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसानों का नहीं है, बल्कि यह संघर्ष हर इंसान के साथ जुड़ा हुआ है। क्योंकि तीन कृषि कानून लागू होने के बाद महंगाई की मार हर व्यक्ति पर पड़ेगी। इसलिए हर किसी को अपना फ़र्ज़ समझते हुए इस संघर्ष का हिस्सा बनना चाहिए और रोष प्रकट करने के लिए आगे आना चाहिए।
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