Rajya Sabha: राज्यसभा में CM विजय की एंट्री तय! TVK के एक फैसले से बदल सकता है सियासी गेम,कांग्रेस भी लाइन में
Rajya Sabha Election 2026: देश की राजनीति में जून का महीना सिर्फ राज्यसभा चुनावों के लिए नहीं, बल्कि नए राजनीतिक समीकरणों के लिए भी बेहद अहम बनने जा रहा है। 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा तमिलनाडु की उस एक सीट की हो रही है, जहां अभिनेता से मुख्यमंत्री बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम यानी टीवीके पहली बार राज्यसभा में कदम रख सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि इस सीट पर सिर्फ टीवीके की एंट्री का सवाल नहीं है, बल्कि कांग्रेस भी इसी रास्ते से अपना आंकड़ा बढ़ाने की कोशिश में जुट गई है। यही वजह है कि यह उपचुनाव अब साधारण सीट नहीं, बल्कि दक्षिण भारत की बदलती राजनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

26 सीटों पर चुनाव, लेकिन नजर तमिलनाडु पर (Rajya Sabha Elections 2026 Explained)
चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि राज्यसभा की 26 सीटों के लिए मतदान होगा। इनमें कई बड़े नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री ऍच. डी. देव गौड़ा, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह और जॉर्ज कुरियन भी उन्हीं नेताओं में शामिल हैं जिनकी सीटें दांव पर हैं।
आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में 4-4 सीटों पर चुनाव होगा, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान में 3-3 सीटों पर मुकाबला रहेगा। झारखंड में 2 सीटें और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में 1-1 सीट पर वोटिंग होगी। लेकिन तमिलनाडु और महाराष्ट्र में होने वाले उपचुनाव सबसे ज्यादा राजनीतिक दिलचस्पी पैदा कर रहे हैं।
TVK की पहली बड़ी परीक्षा
तमिलनाडु की जिस सीट पर उपचुनाव हो रहा है, वह पहले एआईएडीएमके के नेता शनमुगम सी वी के पास थी। विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद यह सीट खाली हुई।
अब सारी नजरें टीवीके पर हैं। पार्टी के पास 107 विधायक हैं और इतनी संख्या किसी भी उम्मीदवार को आसानी से जिता सकती है। यही वजह है कि माना जा रहा है कि विजय की पार्टी बिना किसी संघर्ष के अपनी पहली राज्यसभा सीट जीत सकती है।
अगर ऐसा होता है, तो पार्टी लॉन्च होने के सिर्फ 26 महीने के भीतर टीवीके संसद के ऊपरी सदन तक पहुंच जाएगी। दक्षिण भारतीय राजनीति में इसे विजय की सबसे बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।
कांग्रेस क्यों चाहती है TVK का समर्थन?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प एंगल कांग्रेस का है। पार्टी ने टीवीके सरकार को अपने 5 विधायकों का समर्थन पत्र सौंप दिया है और बदले में राज्यसभा सीट की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस चाहती है कि यह सीट उसे दी जाए ताकि राज्यसभा में उसकी संख्या 4 से बढ़कर 5 हो सके।
अगर टीवीके यह सीट कांग्रेस को देती है, तो पार्टी की ओर से प्रवीण चक्रवर्ती का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। प्रवीण चक्रवर्ती को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और वे लंबे समय से कांग्रेस-टीवीके गठबंधन के समर्थक रहे हैं।
DMK से दूरी, नई राजनीति की शुरुआत?
तमिलनाडु की राजनीति में यह पूरा मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि कांग्रेस अब डीएमके से दूरी बनाकर टीवीके के साथ आगे बढ़ती दिख रही है। सूत्रों का दावा है कि 2026 विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस ने तेजी से टीवीके के करीब जाना शुरू किया। यहां तक कि 2029 लोकसभा चुनाव तक गठबंधन जारी रखने की बात भी कही गई।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर टीवीके कांग्रेस को यह सीट देती है, तो यह सिर्फ एक राज्यसभा डील नहीं होगी, बल्कि तमिलनाडु में नए विपक्षी समीकरण की आधिकारिक शुरुआत मानी जाएगी।
NDA और विपक्ष का क्या रहेगा गणित?
फिलहाल राज्यसभा में कुल 244 सीटें हैं। इनमें एनडीए के पास 149 सीटें हैं, जबकि विपक्ष के खाते में 78 सीटें हैं। बाकी 17 सीटें उन दलों के पास हैं जो किसी भी खेमे में साफ तौर पर शामिल नहीं हैं।
हालांकि इस चुनाव के बाद तस्वीर थोड़ी बदल सकती है। अनुमान है कि एनडीए की संख्या 18 से घटकर 17 हो सकती है, जबकि कांग्रेस का आंकड़ा बढ़ सकता है। गुजरात में बीजेपी सभी 4 सीटें जीत सकती है, जिससे पहली बार कांग्रेस का राज्यसभा में गुजरात से कोई सांसद नहीं रहेगा। वहीं कर्नाटक, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।
सबसे बड़ा सवाल अब भी बाकी
राज्यसभा चुनाव में एक और बड़ा सवाल कर्नाटक से जुड़ा है। क्या बीजेपी पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा को समर्थन देगी या खुद का उम्मीदवार उतारेगी? वहीं मध्य प्रदेश से कमल नाथ के नाम को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा सुर्खियां विजय और उनकी टीवीके बटोर रही है। क्योंकि अगर पार्टी इस सीट के जरिए राज्यसभा में पहुंचती है, तो यह साफ संकेत होगा कि तमिलनाडु की राजनीति अब पूरी तरह नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।














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