Padma Awards 2026: पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण में क्या है अंतर? विजेताओं को मिलती है मोटी रकम?
Padma Awards 2026: भारत में मिलने वाले सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों (Padma Awards) को लेकर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। राष्ट्रपति भवन में चल रहे पद्म सम्मान समारोह के बीच लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण में क्या फर्क होता है और इन सम्मानों के साथ लोगों को क्या मिलता है।
कई लोग यह मानते हैं कि इन पुरस्कारों के साथ बड़ी धनराशि भी दी जाती होगी, लेकिन सच्चाई इससे अलग है। इन तीनों सम्मानों की अपनी अलग पहचान, स्तर और महत्व है। देश के लिए खास योगदान देने वाले लोगों को यह सम्मान दिया जाता है। कला, साहित्य, विज्ञान, खेल, समाज सेवा, चिकित्सा और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों के लोग इसमें शामिल होते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं तीनों पद्म सम्मानों से जुड़ी पूरी जानकारी।

कितने प्रकार के होते हैं पद्म सम्मान (Types of Padma Awards)
भारत सरकार तीन तरह के पद्म सम्मान देती है - पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण। यह देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। इनमें भारत रत्न सबसे ऊपर होता है और उसके बाद पद्म विभूषण का स्थान आता है।
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तीनों में सबसे बड़ा सम्मान कौन सा?
- पद्म श्री को देश का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान माना जाता है। यह उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने किसी क्षेत्र में खास काम किया हो।
- पद्म भूषण तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। यह उन लोगों को मिलता है जिनका योगदान बड़े स्तर पर असर डालने वाला माना जाता है।
- पद्म विभूषण इन तीनों में सबसे बड़ा पद्म सम्मान है। यह भारत रत्न के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान माना जाता है। इसे बहुत ही असाधारण और बेहद खास सेवा के लिए दिया जाता है।
पद्म सम्मान के साथ क्या मिलता है?
तीनों पद्म सम्मानों में सम्मानित व्यक्ति को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला एक प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसके साथ एक खास पदक भी दिया जाता है।
इसके अलावा एक छोटा प्रतीक पदक भी मिलता है, जिसे सम्मान पाने वाले लोग सरकारी या खास समारोहों में पहन सकते हैं।
हालांकि इन सम्मानों के साथ किसी तरह की नकद राशि नहीं दी जाती। यानी सरकार की तरफ से कोई पैसा नहीं मिलता। यह केवल सम्मान के रूप में दिए जाते हैं।
तीनों सम्मानों में असली फर्क क्या है?
पद्म श्री उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में अच्छा और खास योगदान दिया हो। हर साल सबसे ज्यादा संख्या में यही सम्मान दिए जाते हैं। पद्म भूषण उससे एक स्तर ऊपर माना जाता है। यह उन लोगों को मिलता है जिनकी सेवा और उपलब्धि बड़े स्तर की मानी जाती है।
पद्म विभूषण सबसे खास पद्म सम्मान है। यह केवल उन लोगों को दिया जाता है जिनका काम असाधारण और बेहद प्रभावशाली माना जाता है।
कब शुरू हुए थे पद्म सम्मान
पद्म विभूषण की शुरुआत साल 1954 में हुई थी। वहीं पद्म श्री और पद्म भूषण साल 1955 से दिए जा रहे हैं।
नाम के आगे नहीं लगा सकते सम्मान
सरकार के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने नाम के आगे या पीछे पद्म श्री, पद्म भूषण या पद्म विभूषण नहीं लिख सकता। इन्हें किसी उपाधि की तरह इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती।
दो सम्मानों के बीच जरूरी होता है अंतर
अगर किसी व्यक्ति को पहले पद्म श्री मिला है और बाद में उसे पद्म भूषण देने पर विचार किया जाता है, तो दोनों सम्मानों के बीच कम से कम 5 साल का अंतर होना चाहिए। हालांकि बहुत खास मामलों में इस नियम में छूट दी जा सकती है।
एक साल में कितने सम्मान दिए जा सकते हैं
सरकार के नियम के मुताबिक एक साल में अधिकतम 120 पद्म सम्मान दिए जा सकते हैं। हालांकि इसमें मरणोपरांत सम्मान, विदेशी नागरिक और प्रवासी भारतीय शामिल नहीं होते।
कौन लोग नहीं होते पद्म सम्मान के पात्र
सरकारी कर्मचारी आम तौर पर पद्म सम्मान के लिए पात्र नहीं माने जाते। हालांकि डॉक्टर और वैज्ञानिकों को इसमें छूट दी गई है।
पद्म सम्मान के लिए नाम कैसे भेजे जाते हैं
इन सम्मानों के लिए नाम भेजने की प्रक्रिया पूरी तरह खुली होती है। कोई भी व्यक्ति किसी का नाम भेज सकता है। यहां तक कि कोई व्यक्ति अपना नाम भी भेज सकता है।
इसके बाद प्रधानमंत्री द्वारा बनाई गई समिति नामों पर विचार करती है। हर साल गणतंत्र दिवस से पहले इन सम्मानों की घोषणा की जाती है। बाद में मार्च या अप्रैल में राष्ट्रपति भवन में भव्य समारोह के दौरान सम्मान दिए जाते हैं।
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