पंजाब: हरीश रावत के 'पंज प्यारे' वाले बयान पर भाजपा के नेताओं ने क्या कहा?
पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन नज़दीक आ रहे हैं। सभी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुई हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस में कलह ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है।
चंडीगढ़ सितम्बर 2, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन नज़दीक आ रहे हैं। सभी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुई हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस में कलह ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इसी बीच कांग्रेस में अंदरूनी कलह को ख़त्म करने के लिए पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत चंडीगढ़ पहुंचे थे, जहां वह अपने ही द्वारा दिए गए बयानों से विपक्ष के निशाने पर आ गए। हालांकि पंज प्यारे वाले बयान पर काफ़ी बवाल होने के बाद उन्होंने माफ़ी मांग ली है।

माफ़ी मांगने के बाद नहीं होना चाहिए विवाद
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ट नेता हरजीत सिंह ग्रेवाल ने वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए कहा कि हरीश रावत को इस तरह से टिप्पणी कर किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहिए। उनके बयानों से सिख समुदाय को ठेस पहुंची है।
हरीश रावत को सोच समझ कर बयान देना चाहिए था हालांकि उन्होंने अब माफ़ी मांग ली है तो इस बात पर विवाद खड़ा नहीं करना चाहिए।
विपक्ष के निशाने पर रावत
आपको बता दें कि पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत पार्टी के नेताओं से मुलाक़ात करने के लिए चंडीगढ़ पहुंचे थे। पार्टी नेताओं से मुलाक़ात करने और उनकी समस्याएं सुनने के बाद वह पत्रकारों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने 'पंज प्यारे' लफ़्ज़ का इस्तेमाल किया। हरीश रावत ने कहा कि पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू और उनके अधीन चार कार्यकारी अध्यक्ष 'पंज प्यारे' की तरह हैं। हरीश रावत के इस बयान से अकाली दल नाराज हो गया और आरोप लगाते हुए कहा था कि हरीश रावत ने "धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है" उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए।
हरीश रावत ने मांगी माफ़ी
पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने अपने शब्दों के चयन के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि कभी आप इज़्ज़त देते हुए कुछ ऐसे लफ्ज़ों का इस्तेमाल कर देते हैं जो आपत्तिजनक होते हैं। मुझसे भी अपने अध्यक्ष और चार कार्यकारी अध्यक्षों के लिए पंज प्यारे शब्द का उपयोग करने की गलती हुई है। मैं देश के इतिहास का विद्यार्थी हूं। पंज प्यारों के अग्रणी स्थान की किसी और से तुलना नहीं की जा सकती है। मुझसे ये गलती हुई है, मैं लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफ़ी मांगता हूं।
मैं प्रायश्चित करूंगा- रावत
हरीश रावत ने कहा कि मैं प्रायश्चित के तौर पर अपने राज्य के किसी गुरुद्वारे में कुछ देर झाड़ू लगाकर सफाई करूंगा। सिख धर्म और उसकी महान परंपराओं की मैं हमेशा से इज़्ज़त करता आया हूं। मैंने चंपावत जिले में श्री रीठा साहब के मीठे-रीठे, देश के राष्ट्रपति से लेकर, न जाने कितने लोगों को प्रसाद स्वरूप पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री बना तो जहां श्री गुरु नानक देव जी पधारे थे, श्री नानकमत्ता साहब और रीठा साहब से सड़क जोड़ने का काम किया था। ताकि हिमालयी सुनामी के दौर में हेमकुंड साहिब यात्रा सही से की जा सके। उन्होंने कहा कि वहां मेरे कार्यकाल में हुये काम को आज भी देखा जा सकता है। कुछ और वक्त मिल गया होता तो घांगरिया से हेमकुंड साहब के मार्ग तक रोपवे का निर्माण भी शुरू करवा दिया होता। उन्होंने आखिर में कहा कि मैं आदर सूचक शब्द समझकर इस्तेमाल किये गये अपने शब्द के लिये सबसे माफ़ी चाहता हूं।












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