कौन हैं सिमरनजीत सिंह मान? संगरूर में AAP को दी पटकनी, भिंडरावाले को दिया है जीत का श्रेय
चंडीगढ़, जून 26। पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शिरोमणी अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने जीत दर्ज की है। सिमरनजीत सिंह मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के गढ़ में सेंध लगाई है, क्योंकि भगवंत मान इसी सीट से लोकसभा सांसद थे। उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद सिमरनजीत सिंह मान विवादों में घिर रहे हैं। दरअसल, उन्होंने अपनी जीत का श्रेय खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले को दिया है। 77 साल के सिमरनजीत सिंह मान ने जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं और संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की जीत है।

यह जीत दीप सिद्धू को समर्पित- सिमरनजीत सिंह मान
सिमरनजीत सिंह मान ने आगे कहा है कि हमारी यह जीत भिंडरावाले के साथ-साथ दीप सिद्धू को समर्पित है। उन्होंने कहा कि इन सभी ने सिख समुदाय के लिए अपने खून को समर्पित किया है। आपको बता दें कि दीप सिद्धू वही शख्स है जो हाल ही में रोड एक्सीडेंट में मारा गया था और पिछले साल गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता था। आपको बता दें कि संगरूर के नवनिर्वाचित सांसद सिमरनजीत सिंह मान पहले भी अपनी खालिस्तानी सोच को लेकर विवादों में रह चुके हैं।
जेलों से सिखों की रिहाई कराएंगे सिमरनजीत सिंह
आपको बता दें कि सिमरनजीत सिंह मान ने हाल ही में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर एक कैंपेन भी चलाया था। सिमरनजीत सिंह मान अपनी खालिस्तानी सोच को लेकर अक्सर विवादों में रहते हैं। इस जीत के बाद उनके करीबियों ने बताया है कि अब उनकी (सिमरनजीत सिंह मान) प्राथमिकता सालों से जेलों में बंद पड़े सिख युवकों की रिहाई सुनिश्चित करना होगा।
कौन हैं सिमरनजीत सिंह मान?
सिमरनजीत सिंह मान पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 20 मई 1945 को शिमला में हुआ था। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जोगिंदर सिंह मान 1967 में पंजाब विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं। 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद सिमरनजीत सिंह मान ने पुलिस सर्विस से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद उन्हें हिरासत में भी लिया गया था। आपको बता दें कि सिमरनजीत सिंह मान पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगा था, जिसकी वजह से उन्हें बाद में करीब 30 बार हिरासत में लिया गया था।












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