अकाली दल में बड़ा बदलाव, वन फैमिली-वन टिकट फॉर्मूला के अलावा लिए गए ये फैसले
चंडीगढ़, 03 सितंबर। पार्टी को मजबूत करने के इरादे से शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को कई बड़े बदलावों की घोषणा की। पार्टी ने युवाओं, महिलाओं के साथ-साथ समाज के अन्य वर्गों को अधिक स्थान देने का फैसला किया है। साथ ही पार्टी एक नवगठित केंद्रीय चुनाव निकाय का भी गठन करेगी। ताकि पार्टी को ज्यादा से ज्यादा मजबूती मिल सके।

शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों पर कायम रहेगी, जिसमें एक सच्चे संघीय ढांचे की आवश्यकता, समाज के सभी वर्गों और सभी धार्मिक धर्मों के लोगों को गुरु साहिबान के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए और जारी रखना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अकाली दल 102 साल पुरानी क्षेत्रीय पार्टी है। पिछले 102 वर्ष से पार्टी गरीबों, किसानों और मजदूरों के साथ-साथ 'पंथ' और 'कौम' की सेवा कर रही है। पार्टी आगे भी ऐसा करती रहेगी और पंजाब के लोगों के भरोसे को कायम रखेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने के दौरान सुखबीर बादल ने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए यह भी कहा कि उन्हें समझना होगा कि कौन सी पार्टियां उन्हें छोटी राजनीति और अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए विभाजित करना चाहती हैं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी अगली पीढ़ी के नेताओं को तैयार करेगी। इसके लिए आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी 50 प्रतिशत सीटें 50 वर्ष से कम उम्र के कार्यकर्ताओं के लिए आरक्षित करेगी। ताकि पार्टी में युवाओं को भी अधिक मौका मिल सके।
बादल ने कहा कि पार्टी में निर्णय लेने के ऊपरी स्तर यानि कि कोर कमेटी में भी बदलाव किए जाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधियों सहित नई पीढ़ी के सदस्यों को शामिल करने के लिए कोर कमेटी का पुनर्गठन किया जाएगा।
इसके अलावा बादल ने कहा कि पार्टी अब से एक परिवार एक टिकट के सिद्धांतों का सख्ती से पालन करेगी। साथ ही उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि सरकार बनने पर जिला और राज्य दोनों स्तरों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को अध्यक्षता दी जाएगी। सबसे बड़ी बात इन पदों के लिए सांसदों और विधायकों के परिवार के सदस्यों पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी के नेताओं को मौका मिल सके और उन्हें आगामी राजनीति के लिए तैयार किया जा सके। वहीं, उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब से जिलाध्यक्ष विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे।
बादल ने पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं, बुद्धिजीवियों और पार्टी के शुभचिंतकों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय चुनाव निकाय की देखरेख में नए संगठनात्मक ढांचे के चुनाव 30 नवंबर तक पूरे करा लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में पूरे अभ्यास की निगरानी के लिए 117 पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा बूथ समितियों के निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा जो बूथ अध्यक्ष का चयन करेंगी। वहीं, बाद में मंडल अध्यक्षों का चुनाव किया जाएगा, जो बदले में जिला अध्यक्षों का चुनाव करेंगे।
पार्टी संगठनों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, बादल ने घोषणा की कि युवा अकाली दल (YAD) और भारतीय छात्र संगठन (SOI) का पुनर्गठन किया जाएगा और सिख छात्र संघ को पुनर्जीवित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि YAD सदस्यों के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष होगी और अध्यक्ष को आयु में पांच वर्ष की छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी तरह SOI और SSF सदस्यों की ऊपरी आयु केवल 30 वर्ष होगी और इन संगठनों में केवल छात्रों का ही नामांकन किया जाएगा।
बादल ने यह भी घोषणा की कि अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों को सभी स्तरों पर पार्टी में सामान प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने सभी क्षेत्रों के विद्वान लोगों सहित एक सलाहकार बोर्ड के गठन की भी घोषणा की। ये सभी लोग अध्यक्ष को महत्वपूर्ण मामलों पर सलाह देंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब से पार्टी में सभी सिख पदाधिकारी 'सबत सूरत' होंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी घोषणा कि अब से पार्टी का अध्यक्ष पांच-पांच साल के दो ही कार्यकाल धारण कर सकेगा। इसके बाद उसे पद छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि शीर्ष पद पर नए नेतृत्व को मौका मिल सके।
बादल ने कहा कि नए बदलावों में एक संसदीय बोर्ड का गठन भी शामिल है। यह संसदीय बोर्ड पार्टी में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करने के तरीकों और साधनों की जांच करेगा। साथ ही विधानसभा चुनावों के लिए सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों का सुझाव देगा। बादल ने घोषणा की कि सिकंदर सिंह मलूका की अध्यक्षता में एक अनुशासनात्मक बोर्ड पहले ही बनाया जा चुका है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील है कि वो अपना सुझाव सिंकदर सिंह मलूका को दें, ताकि पार्टी आगे के लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम कर सके।
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