पंजाब में कक्षा 10वीं तक के सभी छात्रों के लिए पंजाबी अनिवार्य विषय, उल्लंघन पर 2 लाख रु. जुर्माना लगेगा
चंडीगढ़। पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने कक्षा एक से दसवीं तक के सभी छात्रों के लिए पंजाबी भाषा को अनिवार्य विषय बना दिया है। अब सभी स्कूलों में दसवीं तक पंजाबी भाषा के सिलेबस की शिक्षा देनी होगी। यदि कोई स्कूल इसका उल्लंघन करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस बार में पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने खुद ऐलान किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, पंजाब में कक्षा एक से दसवीं तक के सभी छात्रों के लिए पंजाबी भाषा को अनिवार्य विषय बना दिया गया है। उल्लंघन करने पर स्कूलों पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
पंजाब सरकार का बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने यह भी कहा कि, राज्य के दफ्तरों में भी पंजाबी भाषा अनिवार्य रहेगी। साथ ही राज्य के सभी बोर्डों के ऊपर पंजाबी लिखा जाएगा। कांग्रेस सरकार के इस फैसले से पंजाबी भाषा बोलने वालों को अब अत्यंत खुशी हो रही है।

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पंजाब विधानसभा में 16 बिल पास
वहीं, मुख्यमंत्री चन्नी की अगुवाई में राज्य सरकार ने पंजाब विधानसभा में सत्र के अंतिम दिन 16 बिल पास कराए हैं। इन बिलों में पंजाब एफिलिएटेड कॉलेज सिक्योरिटी आफ सर्विस, पंजाब लर्निंग ऑफ पंजाबी एंड अदर लैंग्वेज, पंजाब एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट, पंजाब वॉलिंटियरी डिस्क्लोजर एंड सेटेलमेंट, पंजाब एनर्जी सिक्योरिटी रिफॉर्म एंड टर्मिनेशन, पंजाब रिन्यूएबल एनर्जी, पंजाब इंस्टीटयूशन एंड अदर बिल्डिंग टैक्स, पंजाब फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट, पंजाब राइट टू बिजनेस, पंजाब फ्रूट नर्सरीज, पंजाब ऑफिशियल लैंग्वेज, पंजाब गुड एंड सर्विस, लैमरिन स्किल्स यूनिवर्सिटी, प्लास्का यूनिवर्सिटी, पंजाब कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और पंजाब प्रोटेक्शन एंड रेगुलराइजेशन बिल शामिल हैं। इन बिलों में किसानों के लिए "पंजाब एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट बिल-2021" लाया गया था, जिसे पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार के कृषि सुधार की जगह पास किया है।

विधानसभा का सेशन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
वहीं, सरकार ने पंजाब विधानसभा में हंगामे के बाद साल 2013 में भाजपा सरकार के वक्त बने कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट को भी रद्द कर दिया। फिर अपनी कार्रवाही के अंत में विधानसभा के सेशन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सियासी जानकारों का मानना है कि, विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब सरकार का यह आखिरी सेशन हो सकता है। चूंकि, बहुत से बिलों को पंजाब सरकार पास करवा चुकी है।












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