Punjab: भगवंत मान का 'ऑपरेशन क्लीन', 3 महीने में तोड़ दी गैंगस्टरों की कमर, 49,000 अपराधी ढेर या जेल के अंदर
Punjab Police Operation: पंजाब सरकार और राज्य पुलिस ने मिलकर संगठित अपराध को खत्म करने के लिए 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान छेड़ा हुआ है। पिछले तीन महीनों में मुख्यमंत्री भगवंत मान की देखरेख में पुलिस ने गैंगस्टर नेटवर्कों की कमर तोड़ दी है। इस ऑपरेशन का मकसद सिर्फ अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि उनकी फंडिंग और हथियारों की सप्लाई को पूरी तरह बंद करना है।
20 जनवरी से शुरू हुए इस अभियान के तहत राज्यभर में हजारों छापेमारी की गई, जिससे अपराधियों में डर का माहौल है और आम जनता सुरक्षित महसूस कर रही है।

भारी गिरफ्तारियां और पुलिस की मुस्तैदी
इस अभियान के तहत पुलिस ने रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई की है। पिछले तीन महीनों में लगभग 62,000 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप 49,000 से अधिक अपराधियों पर कार्रवाई हुई है। इनमें 22,605 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई बड़े गैंगस्टर और उनके साथी शामिल हैं। पुलिस ने न केवल गैंगस्टरों को पकड़ा, बल्कि 900 से ज्यादा भगोड़े अपराधियों को भी सलाखों के पीछे पहुँचाया है, जो लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे।
ये भी पढे़ं: 'बेअदबी रोकने का स्थायी समाधान,' सत्कार बिल पास होते ही AAP के मंत्री चीमा ने विपक्ष को घेरा
हथियार और गोला-बारूद की बड़ी बरामदगी
अपराधियों की ताकत कम करने के लिए पुलिस ने उनके हथियारों के जखीरे पर बड़ा हमला बोला है। जांच के दौरान 408 आधुनिक हथियार, 148 धारदार हथियार और लगभग 1200 कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 6 हैंड ग्रेनेड और भारी मात्रा में विस्फोटक भी जब्त किया गया है। हथियारों की इस बरामदगी से भविष्य में होने वाली कई बड़ी आपराधिक घटनाओं को समय रहते टालने में मदद मिली है और गिरोहों की हमला करने की क्षमता कमजोर हुई है।
नशे के काले कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक
गैंगस्टर नेटवर्क अक्सर नशे के व्यापार से पैसा कमाते हैं, इसलिए पुलिस ने इनके ड्रग कनेक्शन को भी निशाना बनाया है। अभियान के दौरान 378 किलो हेरोइन, 301 किलो अफीम और भारी मात्रा में नशीली गोलियां जब्त की गई हैं। पुलिस ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा की 'ड्रग मनी' और भारी कैश भी पकड़ा है। नशे के खिलाफ इस सख्त कार्रवाई से न केवल अपराध कम हुआ है, बल्कि युवाओं को बर्बाद कर रहे नशा माफियाओं की आर्थिक ताकत भी टूट गई है।
ये भी पढ़ें: 'पंजाब में रजिस्ट्री के लिए 28 अफसरों को देनी पड़ी रिश्वत', IPL के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर का बड़ा खुलासा
तकनीक और जनता का मिला साथ
इस लड़ाई को जीतने के लिए पंजाब पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। गैंगस्टरों को ट्रैक करने के लिए एक बड़ा डेटाबेस तैयार किया गया है। साथ ही, जनता की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर (93946-93946) भी जारी किया गया है, ताकि लोग गुप्त रूप से जानकारी दे सकें। 31 ड्रोन और 4,000 से ज्यादा मोबाइल फोन जब्त होने से अपराधियों का संचार सिस्टम भी पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
भविष्य की योजना: अपराध मुक्त पंजाब
एडीजीपी प्रमोद बान के अनुसार, यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पंजाब से 'गैंगस्टर कल्चर' पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। पुलिस अब केवल जमीनी अपराधियों को ही नहीं, बल्कि विदेशों में बैठे उनके हैंडलर्स को भी कानून के दायरे में लाने की कोशिश कर रही है। इस ऑपरेशन की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब अपराधी और उनके मददगार पुलिस की सख्ती से खौफ खा रहे हैं, जिससे राज्य में शांति बढ़ी है












Click it and Unblock the Notifications