'बेअदबी रोकने का स्थायी समाधान,' सत्कार बिल पास होते ही AAP के मंत्री चीमा ने विपक्ष को घेरा
पंजाब की राजनीति में धर्म और कानून के बीच संतुलन को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। भगवंत मान सरकार द्वारा 'जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026" को मंजूरी मिलने के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी बीच राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए इस बिल को स्थायी समाधान बताया।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बिल पास होने के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अकाली दल और कांग्रेस की सरकारें सत्ता में आने के बाद बेअदबी की घटनाओं को बढ़ावा देती थीं और धर्म-जाति के नाम पर माहौल खराब करती थीं।

चीमा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए सख्त कानून लागू किया है।
'सत्कार बिल 2026' को राज्यपाल की मंजूरी
पंजाब में लंबे समय से उठ रही बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लाया गया यह विधेयक अब कानून बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने 'जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026" को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है, जिससे इसे ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
दोषियों के लिए उम्रकैद तक की सजा
इस संशोधन विधेयक की सबसे अहम बात इसकी सख्ती है। अब अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करता पाया जाता है, तो उसे उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा दी जा सकती है। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर कड़ा अंकुश लगेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया के जरिए इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं और मर्यादा की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि उनकी सरकार पवित्र धर्मग्रंथों के सम्मान को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
क्यों अहम है यह कानून?
- पंजाब में बेअदबी के मामलों को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है
- यह कानून धार्मिक संवेदनशीलता (religious sensitivity) को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है
- सख्त सजा के प्रावधान से कानून का डर (deterrence effect) बढ़ेगा
- राजनीतिक तौर पर भी यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में बड़ा फैक्टर रहा है














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