जीरो भेदभाव दिवस पर पंजाब सरकार ने एकजुटता की अपील की
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जीरो डिस्क्रिमिनेशन डे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर भेदभाव दिवस का उद्देश्य सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के लिए एकजुटता का एक वैश्विक आंदोलन बनाना है।
संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान ने कहा था कि हमारे धर्म अलग हो सकते हैं, हमारी भाषा अलग हो सकती है, हमारी त्वचा का रंग अलग हो सकता है, लेकिन हम एक ही मानव जाति के हैं, हम इस बात से असहमत नहीं हो सकते हैं। हम इस आदर्श वाक्य को आत्मसात करने की कोशिश करते हैं।

आज के समय में लोगों के बीच नफरत और भेदभाव के लिए हम इसे इलाज के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, हमे इसे बीमारी नहीं बनने देना है। शून्य भेदभाव दिवस हर वर्ष समावेशन, समानता, शांति को बढ़ावा देता है और लोगों के बीच शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए उनके विश्वअधिकारों के बारे में जागरूक करता है।
इस दिवस को भेदभाव मिटाकर लोगों के अधिकारों बारे में जागरूकता पैदा करने, व्यक्तियों-समुदायों और समाज जागरुक करने के लिए मनाया जाता है।
जीरो भेदभाव दिवस को पहली बार 1 मार्च 2014 में मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2013 में विश्व एड्स दिवस पर अपना शून्य भेदभाव अभियान शुरू किया था। यूएनएड्स के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक मिशेल सिदीबे ने 2014 में बीजिंग में एक प्रमुख कार्यक्रम के साथ इस दिन की शुरुआत की।












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