पंजाब में बाढ़ के बाद सोमवार से खुलेंगे प्राइवेट स्कूल-कॉलेज, सरकारी विद्यालयों में कब से शुरू होगी पढ़ाई?
Punjab Floods Schools to Reopen: पंजाब इस समय एक बड़ी प्राकृतिक चुनौती से जूझ रहा है। बीते दिनों आई बाढ़ ने जहां लाखों लोगों को प्रभावित किया, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह बाधित हुई है। गांव-गांव में पानी घुस जाने से स्कूलों को बंद करना पड़ा और पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई। लेकिन अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की है कि सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान दोबारा खोले जाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। 23 जिलों में बाढ़ की वजह से 1,400 से अधिक गांव डूब गए, लगभग 3.5 लाख लोग प्रभावित हुए, और लगभग 30 लोग इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवा बैठे। इस आपदा की वजह से 27 अगस्त से 30 अगस्त तक स्कूल-कॉलेज बंद रहे, और बाद में यह बंदी 7 सितंबर तक बढ़ा दी गई थी।

जल्द खुलेंगे स्कूल -कॉलेज
7 सितंबर को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि सोमवार, 8 सितंबर से सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोल दिए जाएंगे।
ये भी पढ़ें: 'परदे के विलेन, रियल लाइफ हीरो', एक बार फिर मसीहा बनकर उभरे सोनू सूद, बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे पंजाब
8 सितंबर से खुलेंगे स्कूल
8 सितंबर (सोमवार) से सभी निजी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय सामान्य रूप से खुलेंगे। बस यह सुनिश्चित करना होगा कि इमारतें और कक्षाएं पूरी तरह सुरक्षित हों। इसका फर्ज संस्थानों की प्रबंधन टीम का होगा।
सरकारी स्कूल
8 सितंबर (सोमवार) से सिर्फ शिक्षक एवं कर्मचारी स्कूलों में उपस्थित रहेंगे। इस दिन, स्कूल परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा जांच संचालित होगी। इसमें स्कूल प्रबंधन समितियां (SMC), पंचायत, नगर परिषद और निगम सभी शामिल होंगे। अगर कोई संरचनात्मक समस्या जैसे दरार, रिसाव या कोई अन्य दोष मिलता है, तो तुरंत जिला उपायुक्त और इंजीनियरिंग विभाग को बताया जाएगा। 9 सितंबर (मंगलवार) से छात्रों के लिए सरकारी स्कूल पूर्ण रूप से खोल दिए जाएंगे।
अगर कोई क्षेत्र अभी भी बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित है, तो वहां किसी भी स्कूल या कॉलेज को खोलने या बंद रखने का निर्णय जिला उपायुक्त (DC) ले सकते हैं। यह कदम छात्रों के पढ़ाई के नुकसान को कम करने और साथ ही उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संतुलित प्रयास है।
बाढ़ का पैमाना
2025 की यह बाढ़ पंजाब में 1988 के बाद सबसे भयंकर मानी जा रही है। इसने 1,400 से अधिक गाँव और 2.5 लाख हेक्टेयर से ज़्यादा खेती को प्रभावित किया, और 20,000 से ज़्यादा लोगों को बचाया गया।
राहत और बचाव प्रयास
राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF, SDRF), भारतीय सेना, बीएसएफ और लोकल प्रशासन ने मिलकर ज़बरदस्त बचाव कार्य किया। सेना ने हेलीकॉप्टर, ड्रोन और एम्बिफ़ियस वाहनों का उपयोग कर पानी में फंसे लोगों को निकाला। साथ ही, कई राहत शिविरों की स्थापना हुई, जहां खाने, दवाओं और वस्तु आपूर्ति की गई। NGO और सिख धार्मिक संस्थाएं जैसे खालसा एड, ग्लोबल सिख्स भी इस काम में बढ़-चढ़कर शामिल रहीं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभी 23 जिलों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर, विशेष गिर्दावरी करवाई और प्रभावित किसानों को मुआवज़ा देने का आश्वासन दिया। साथ ही, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया और वॉर्निंग सिस्टम सक्रिय किए।
ये भी पढ़ें: बाढ़ की तबाही के बीच पंजाब के दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, कब और कहां पहुंच कर पीड़ितों से करेंगे मुलाकात?












Click it and Unblock the Notifications