पंजाब: दूसरे दिन भी रेल ट्रैक पर बैठे किसान, सरकार से है ये मांग
कृषि कानूनों की वापिसी के बाद भी पंजाब में किसान अपनी कुछ मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। सोमवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रेल रोको अभियान की शुरुआत की जिसके बाद आज मंगलवार सुबह भी किसान रेल ट्रैक पर बैठे दिखाई
चंडीगढ़, 21 दिसम्बर 2021। कृषि कानूनों की वापिसी के बाद भी पंजाब में किसान अपनी कुछ मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। सोमवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रेल रोको अभियान की शुरुआत की जिसके बाद आज मंगलवार सुबह भी किसान रेल ट्रैक पर बैठे हुए हैं। बता दें कि किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती है उनका यह प्रदर्शन ऐसे ही चलता रहेगा।

ठंड में भी ट्रैक पर डटे रहे किसान
देश भर में ठंड ने अपना सितम ढाना शुरू कर दिया है। ऐसे में पंजाब में रोजाना तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है लेकिन किसान अपनी मांग को पूरा कराने के लिए सर्दी का सामना कर ने को भी तैयार हैं। सोमवार की पूरी रात और आज मंगलवार की सुबह भी किसान सर्द हवाओं के बीच रेलवे ट्रैक पर अड़ दिखाई दिए।
किसानों की ये है मांग
रेल रोको अभियान के तहत प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि फसलों के दाम पिछले 50 सालों में महज 80 फीसदी बढ़े हैं लेकिन अगर लागत की बात की जाए तो वो 300 फीसदी बढ़ गई है। ऐसे में ज्यादातर किसान कर्ज लेकर अपना गुजारा कर रहे हैं और जो कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं वो खुदखुशी कर रहे हैं। किसान चाहते हैं कि ओलावृष्टि के बाद नष्ट हुई फसलों पर सरकार प्रति एकड़ 50 हजार रुपए किसानों को दे। इतना ही नहीं किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवार को पांच लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकार नौकरी भी मिले। इसके साथ ही गन्ने का बकाया तुरंत चुकाया जाए। इन सभी मांगों को पूरा कराने के लिए पंजाब में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन रेलवे ट्रैक को किया है जाम
किसानों ने अपनी मांग को पूरा करवाने के लिए पंजाब में चार स्थानों पर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है। जिसमें जंडियाला-मानावाला ट्रैक, जालंधर-पठानकोट रेल मार्ग, टांडा उड़मुड़ फिरोजपुर ट्रैक और अमृतसर-खेमकरण ट्रैक शामिल हैं। किसानों के इस तरह से ट्रैक पर बैठ जाने कारण रेलवे और ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। बता दें कि यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए रेलवे ने कुछ रूट को डायवर्ट भी किया है।
घबरा रहे उद्योगपति
किसानों के इस प्रदर्शन के बाद कई उद्योगपति काफी घबरा गए हैं क्योंकि ट्रेन के नहीं चलने की वजह से उनकों काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि रेलवे के जरिए करोड़ों के माल को एक राज्य से दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जाता है।
राशन लेकर आए हैं किसान
दिल्ली में टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर जिस तरह से किसान पूरा राशन लेकर आए थे उसी तरह पंजाब में भी अपनी मांग को पूरा कराने के लिए किसान राशन मंगा लिया है। किसान किसी भी कीमत पर अपनी मांग पूरी हुए बिना पीछे हटने को राजी नहीं हैं। किसानों ने रेलवे ट्रैक पर ही टेंट लगाकर अपना प्रदर्शन कर रहे हैं।
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