5 वजहें जिनके चलते आप ने पंजाब में रच दिया इतिहास, तोड़ा 70 साल का मिथक
चंडीगढ़, 10 मार्च। पंजाब की राजनीतिक में आज ऐतिहासिक बदलाव होता नजर आ रहा है। महज 10 साल पहले राजनीति में कदम रखने वाली आम आदमी पार्टी ने पंजाब में प्रचंड बहुमत हासिल किया है। जिस तरह से कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और शिरोमणि अकाली दल की कमजोर पड़ती स्थिति का आप ने फायदा उठाया और प्रदेश के लोगों को यह भरोसा दिलाया कि उन्हें एक मौका दिया जाए जिससे कि वह दिल्ली मॉडल को यहां भी लागू कर सके, उसपर लोगों ने विश्वास किया।

कांग्रेस-अकाली से आजिज लोग
पंजाब में मुख्य रूप से कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल ही प्रदेश की जनता के पास विकल्प थे। दोनों ही दलों की बात करें तो शिरोमणि अकाली दल का भाजपा के साथ प्रदेश में 24 साल गठबंधन रहा और कांग्रेस का मुख्य विकल्प यह गठबंधन था। अकाली दल ने 2007 और 2012 में मिलकर सरकार बनाई। वहीं कांग्रेस की बात करें तो कैप्टन अमरिंदर सिंह पर आरोप लगा कि उनकी बादल के साथ सांठगांठ है और उनके खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाते हैं। जिसकी वजह से लोगों में यह संदेश गया कि अकाली और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। यही वजह है कि पंजाब में खासतौर पर मालवा क्षेत्र में लोगों ने 70 साल तक इन दोनों दलों पर भरोसा जताने के बाद इस बार आप पर भरोसा जताया। लोगों ने आप के इस बार ना खावंगा धोखा, भगवंत मान ते केजरीवाल नू दवांगे मौका के नारे का साथ दिया।

दिल्ली मॉडल
आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के लोगों के सामने दिल्ली का मॉडल रखा, जो लोगों को काफी पसंद आया है। केजरीवाल ने अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सस्ते पानी जैसी मूलभूत सेवाओं का वादा किया। प्रदेश में महंगी बिजली एक बड़ी समस्या है, लोग स्वास्थ्य और शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ हैं। यही वजह है कि लोगों ने केजरीवाल के दिल्ली मॉडल पर भरोसा जताया और लोगों को उम्मीद है कि आप इन क्षेत्रों में अहम बदलाव करेगी।

महिला और युवाओं का मिला साथ
पंजाब में आम आदमी पार्टी को लोगों का जमीनी स्तर पर साथ मिला। लोग आम आदमी को एक मौका देने के पक्ष में दिखे। केजरीवाल ने जिस तरह से भ्रष्टाचार को खत्म करने की बात कही वह युवाओं को पंसद आया। युवाओं ने व्यवस्था में बदलाव की आप की अपील पर भरोसा जताया, उन्हें इस बात की भी उम्मीद है कि पार्टी शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर काम करेगी। इसके साथ ही आप ने 1000 रुपए प्रति माह महिलाओं के खाते में भी डालने की बात कही है, यही नहीं उन्होंने कहा कि महिलाओं को यह पैसा उनके अपने बैंक खाते में मिलेगा नाकि उनके पति या बेटों के खाते में मिलेगा जिसके चलते महिलाओं ने आप को खुलकर सपोर्ट किया।

भगवंत मान मुख्यमंत्री पद का चेहरा
जिस तरह से आप ने भगवंत मान को चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया उसकी वजह से पार्टी को इस आरोप से मुक्ति मिली कि प्रदेश में अगर आप जीतती है तो कोई बाहरी मुख्यमंत्री बनेगा। विपक्ष लगातार आप पर बाहरी चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर निशाना साध रहा था, जिसे आप ने मान के नाम के ऐलान के साथ खत्म कर दिया। भगवंत मान पंजाब में काफी लोकप्रिय कॉमेडियन हैं और लोगों के दिल में उनके लिए खास जगह है। जिस तरह से वह अपनी कॉमेडी में राजनीतिक कटाक्ष करते हैं उसकी वजह से भी वह लोगों में काफी लोकप्रिय हैं। इसके साथ ही उन्हें जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है, वह किराए के घर में रहते हैं, लगातार चुनाव में उनकी गिरती संपत्ति भी एक अहम वजह बनी जिसके चलते लोगों को मान जमीनी नेता लगे।

मालवा में किसान आंदोलन
पंजाब में जिस तरह से किसानों ने एक साल से अधिक समय तक आंदोलन किया, उसकी वजह से केंद्र सरकार को अपने तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े। इस फैसले से पंजाब में एक बड़े बदलान की नींव रखी गई। जोगिंदर सिंह जोकि भारतीय किसान यूनियन उग्रहण के अध्यक्ष हैं, उनका मालवा की 69 सीटों पर प्रभाव है, उन्होंने सवाल खड़ा किया कि आखिर लोग 70 साल से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव क्यों नहीं करते और इस बदलाव के तौर पर आप मुख्य विकल्प के तौर पर सामने आई।












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