पंजाबी को अनिवार्य विषय की सूची बाहर करने पर विरोध शुरू, ज़्यादातर पार्टियों के निशाने पर केंद्र सरकार
पंजाबी को अनिवार्य विषय की सूची से बाहर करने का पंजाब में पुरज़ोर विरोध शुरू हो गया है। सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने सीबीएसई द्वारा पंजाबी को प्रमुख विषयों से बाहर रखने का फैसले को संविधान की संघीय भावना के खिलाफ है।
चंडीगढ़, अक्टूबर 26, 2021। पंजाबी को अनिवार्य विषय की सूची से हटाए जाने का पंजाब में पुरज़ोर विरोध शुरू हो गया है। सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने सीबीएसई द्वारा पंजाबी को प्रमुख विषयों से बाहर रखने का फैसले को संविधान की संघीय भावना के खिलाफ है। पंजाबी युवाओं के मूल भाषा सीखने के अधिकार का उल्लंघन बताया है। वहीं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि केंद्र सरकार एक के बाद एक पंजाब को निशाने पर ले रही है। इस मामले में पंजाब के सीएम चुप्पी साध कर बैठे हैं। सिर्फ कुर्सी की खातिर वह पहले ही पंजाब को केंद्र के हवाले कर आए हैं। वहीं केंद्रीय शिक्षा बोर्ड ने इसे पूरी तरह से प्रशासनिक फैसला है। शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि सीबीएसई के पाठ्यक्रम से पंजाबी को माइनर भाषा का दर्जा देकर साइड लाइन करना पंजाब पर दूसरा हमला है। इससे पहले बीएसएफ को पंजाब में 50 किलोमीटर तक कार्रवाई करने का अधिकार देकर पहला हमला किया गया था।

पंजाबी मुख्य भाषा की कैटेगरी से बाहर
सीबीएसई ने पंजाबी को मुख्य भाषा की कैटेगरी से बाहर करने के जवाब में कहा कि विषयों का वर्गीकरण विशुद्ध रूप से प्रशासनिक आधार पर किया गया है, जो विषय में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर टर्म - I परीक्षा आयोजित करने के उद्देश्य से किया गया है और किसी भी तरह से इसके महत्व को नहीं दर्शाता है। शैक्षणिक दृष्टि से प्रत्येक विषय समान रूप से महत्वपूर्ण है। सीबीएसई ने कहा कि पंजाबी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं को बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रशासनिक सुविधा के लिए माइनर श्रेणी में रखा है।सीबीएसई ने 2021-22 बैच के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को दो टर्म और विषयों को दो समूहों में विभाजित किया है। माइनर पेपर के लिए कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 नवंबर से शुरू होगी और कक्षा 12वीं के माइनर पेपर 16 नवंबर से शुरू होंगे। कक्षा 10वीं के लिए मुख्य पेपर 30 नवंबर से शुरू होंगे और 11 दिसंबर तक जारी रहेंगे। कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए, 1 दिसंबर से 22 दिसंबर तक प्रमुख पेपर आयोजित किए जाएंगे।
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विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने भी जताया ऐतराज़
लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष और आत्म नगर से विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि सीबीएसई की ओर से पंजाबी भाषा को माइनर भाषा की केटेगरी में रखने को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार लगातार पंजाबियों के हितों के साथ धोखा कर रही है।सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि सीबीएसई ने पंजाबी को मुख्य भाषा से बाहर कर हिंदी और इंग्लिश को मुख्य विषयों में रख कर पंजाबियों के साथ धोखा किया है। सभी भाषाओं का ज्ञान होना जरूरी है, लेकिन इसके लिए मातृ भाषा की अनदेखी करना सही नहीं है। पार्टी इसका विरोध करती है। लोक इंसाफ पार्टी पंजाब से जुड़े मुद्दों को लेकर हमेशा ही आवाज बुलंद करती है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई को यह आदेश वापस लेना चाहिए। अन्यथा पार्टी सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार धीर-धीरे पंजाबियों के अधिकारों का हनन कर रही है। अब जनता इस तरह अधिकारों के हनन को बर्दाश्त नहीं करेगी।
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