प्रकाश सिंह बादल को श्रद्धांजलि देने चंडीगढ़ पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार को 95 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पीएम मोदी बुधवार को चंडीगढ़ पहुंचे।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार की रात 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वो सांस लेने में तकलीफ होने के कारण मोहाली के अस्पताल में भर्ती थे जहां उनहोंने अंतिम सांस ली।। शिरोमणि अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया था।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस मौके पर पीएम मोदी ने स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल के परिजनों को ढाढस बंधाई।
#WATCH | PM Narendra Modi pays last respects to Shiromani Akali Dal patron Parkash Singh Badal in Chandigarh pic.twitter.com/gIrJYHHt6h
— ANI (@ANI) April 26, 2023
पीएम मोदी ने बादल के निधन पर कहा प्रकाश सिंह बादल का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। मैंने कई दशकों तक उनके साथ निकटता से बातचीत की और उनसे बहुत कुछ सीखा।
पीएम मोदी ने अकाली दल के मुखिया बादल के साथ कई बातचीत को याद किया और कहा उनकी बुद्धिमत्ता हमेशा स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने बादल को 'उल्लेखनीय राजनेता के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने हमारे देश में बहुत योगदान दिया, पंजाब की प्रगति के लिए अथक प्रयास किया।
केंद्र सरकार ने दिग्गज राजनेता प्रकाश सिंह बादल के निधन के बाद उनके सम्मान में पूरे भारत में दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है। एक सरकारी बयान में कहा गया कि शोक के दिनों तक राष्ट्रीय ध्वज उन सभी भवनों पर आधा झुका रहेगा जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और इन दो दिनों में कोई आधिकारिक मनोरंजन नहीं होगा।
मोहाली के जिस अस्पताल में बादल बीमार होने के बाद एडमिट हुए थे वहां के डॉक्टरों ने बताया कि बेहतरीन इलाज किया गया लेकिन एस प्रकाश सिंह बादल ने अपनी बीमारी के चलते दम तोड़ दिया।
फोर्टिस अस्पताल मोहाली ने एस प्रकाश सिंह बादल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रकाश सिंह बादल ने सबसे कम उम्र में सरपंच करने का रिकार्ड बनाया था इसे बाद 1957 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े और राजनीति के शिखर पर पहुंचे और पांच बार सीएम की कुर्सी संभाली।
2020 में मोदी सरकार के द्वारा लागू किए गए कृषि कानून के विरोध में काली दल प्रमुख बादल की पार्टी ने एनडीए सरकारसे नाता तोड़ लिया था। देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान - विरोध करने वाले किसानों के सरकार के विरोध के संकेत के रूप में प्रकाश सिंह बादल ने अपना पद्म विभूषण पुरस्कार भी वापस कर दिया था।












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