Amritpal Singh: पुलिस ने अमृतपाल के चाचा को डिब्रूगढ़ जेल में किया शिफ्ट, हरियाणा और हिमाचल में भी अलर्ट
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस का तलाशी अभियान आज चौथे दिन में प्रवेश कर गया है, लेकिन आरोपी अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। इस बीच संवेदनशील इलाकों को छोड़कर इंटरनेट प्रतिबंध हटा दिया है।

Punjab: खालिस्तान समर्थक और 'पंजाब दे वारिस' के प्रमुख अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के खिलाफ पुलिस का तलाशी अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी है। पंजाब पुलिस की एक टीम, मंगलवार को भगोड़े खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह के चाचा हरजीत सिंह को लेकर असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची। समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि असम पुलिस की सुरक्षा में टीम गुवाहाटी से सड़क मार्ग के जरिए सुबह करीब 7.10 बजे डिब्रूगढ़ जेल पहुंची, जहां अन्य चार को रविवार को लाया गया था।
अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा अमृतपाल सिंह
हालांकि, पुलिस ने अभी तक जेल में लाए गए व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया है। हरजीत सिंह और अमृतपाल के ड्राइवर हरप्रीत सिंह ने रविवार देर रात पंजाब में सरेंडर किया था। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने उसके कई समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही सिंह के कई ठिकानों पर छापेमारी चल रही है, हालांकि, हर संभव कोशिश के बाद भी अमृतपाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
संवेदनशील इलाकों को छोड़कर अन्य स्थानों से इंटरनेट प्रतिबंध हटा
इस बीच पंजाब सरकार (Punjab Govt) ने कुछ संवेदनशील इलाकों को छोड़कर इंटरनेट प्रतिबंध हटा दिया है। पंजाब सरकार ने मंगलवार को फिरोजपुर, मोगा, तरन तारन, संगरूर और अमृतसर के अजनाला सब-डिवीजन मोहाली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं के निलंबन की अवधि 23 मार्च तक बढ़ा दी है, जबकि राज्य के शेष हिस्सों में ये सेवाएं आज दोपहर तक सामान्य रूप से काम करना शुरू कर देंगी। गृह मामले और न्याय विभाग ने एक आदेश में कहा कि राज्य के बाकी हिस्सों से, मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियां मंगलवार को दोपहर तक हटा ली जाएंगी।
राज्य में सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे का मिला संकेत
पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि, पुलिस महानिदेशक ने मेरे संज्ञान में लाया है कि समाज के कुछ वर्ग राज्य में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और हिंसा के लिए उकसाने से सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा होने की संभावना है, साथ ही भड़काने के उद्देश्य से व्यापक हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। सांप्रदायिक तनाव, संपत्ति के लिए खतरा, सार्वजनिक शांति और राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो सकता है।
भड़काऊ सामग्री को फैलाने के लिए सोशल मीडिया का लेते हैं सहारा
अधिकारी ने कहा कि 'पंजाब के डीजीपी ने उनके संज्ञान में लाया है कि ये 'समाज के वर्ग' व्यापक रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप आदि का उपयोग करते हैं, और 'भड़काऊ सामग्री' फैलाने के लिए एसएमएस का भी उपयोग करते हैं। इसलिए, मुझे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्देश दिया जाता है कि सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं इस अवधि (23 मार्च) के दौरान निलंबित रहेंगी। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ब्रॉडबैंड सेवाओं को निलंबित नहीं किया जा रहा है, ताकि बैंकिंग सुविधाएं, अस्पताल सेवाएं और अन्य आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।
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पुलिस अब तक संगठन के 78 सदस्यों को कर चुकी है गिरफ्तार
अधिकारियों ने कहा कि पंजाब सरकार ने शनिवार को अमृतपाल के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की थी, जिसमें पुलिस ने उसके नेतृत्व वाले संगठन के 78 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खालिस्तान प्रचारक को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।












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