Prakash Singh Badal: पंजाब के सबसे युवा मुख्यमंत्री होने का गौरव, AAP नेता के हाथों हारे जीवन का आखिरी इलेक्शन
Prakash Singh Badal पंजाब में कभी चुनाव न हारने वाले वेटरन राजनेता रहे। हालांकि, जीवन के अंतिम विधानसभा चुनाव में प्रकाश सिंह बादल को 36 साल जूनियर नेता के हाथों मात मिली। सियासत के धुरंधर बादल के बारे में कुछ रोचक बातें

Prakash Singh Badal पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के संरक्षक थे। प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार को 95 वर्ष की आयु में निधन हुआ। कभी चुनाव न हारने का रिकॉर्ड रखने वाले बादल को पहली बार चुनाव में AAP नेता खुडियन ने हराया।
पांच बार पंजाब के CM बने
प्रकाश सिंह बादल के नाम कभी चुनाव नहीं हारने का कीर्तिमान होने के साथ-साथ सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री होने का गौरव भी रहा। बादल 1970-1971, 1977-1980, 1997-2002 और 2007-2017 तक पांच बार पंजाब के मुख्यमंत्री पद पर रहे।
बीजेपी की सीनियर पार्टनर शिरोमणी अकाली दल
पंजाब की संवेदनशील राजनीति में बादल के प्रभावी कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शिरोमणी अकाली दल लंबे समय तक भाजपा की सीनियर पार्टनर के तौर पर पंजाब की सत्ता में रही।
आखिरी सियासी दंगल में करारी मात
हालांकि, कभी चुनाव न हारने का रिकॉर्ड रखने वाले प्रकाश सिंह बादल को जीवन के आखिरी सियासी दंगल में करारी हार मिली। पिछली बार 15 सीटें जीतने वाली SAD को इस बार केवल तीन सीटें मिलीं।
11 हजार से अधिक वोटों से हारे बादल
बादल को पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 AAP उम्मीदवार के हाथों 11 हजार से अधिक वोटों से पटखनी मिली थी। प्रकाश सिंह बादल की पार्टी SAD को अधिकांश सीटों पर आम आदमी पार्टी (AAP) से करारी शिकस्त मिली थी।
2022 में AAP की आंधी में उड़े दिग्गज
भाजपा से अलग होने के बाद शिरोमणी अकाली दल ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। बादल जैसे दिग्गज के अलावा अन्य SAD विधायकों और दूसरे दिग्गज नेताओं को भी AAP ने जबरदस्त तरीके से धूल चटाई थी।
36 साल जूनियर नेता से हारे चुनाव
30 साल से अधिक समय तक कांग्रेस में रहे 59 साल के गुरमीत सिंह खुडियन ने जुलाई, 2021 में दल बदला। आम आदमी पार्टी (AAP) के इस 36 साल जूनियर नेता ने बादल को पहली बार सियासी दंगल में हरा दिया।

बादल की पार्टी के वोट शेयर आधे से अधिक घटे
Prakash Singh Badal के बेटे सुखबीर सिंह बादल को भी AAP उम्मीदवार ने 30 हजार से अधिक मतों से धूल चटाई थी। 1997 में 37 फीसद से अधिक वोट शेयर रखने वाली SAD को इस बार महज 18.4 प्रतिशत वोटरों का साथ मिला।
बादल अस्पताल में भर्ती कराए गए
मंगलवार रात करीब 9 बजे बादल के की पुष्टि उनके बेटे के निजी सहायक और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने की। इससे पहले शुक्रवार, 21 अप्रैल को खबर आई थी कि प्रकाश सिंह बादल मोहाली के फोर्टिस अस्पताल के आईसीयू में थे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने ली थी जानकारी
पार्टी के मुताबिक, सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद बादल को 21 अप्रैल को आईसीयू में भर्ती कराया गया था। खुद गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी सेहत की जानकारी ली और उनके स्वस्थ होने की कामना की।












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