Punjab Opinion Poll: किस इलाके में होगी किस पार्टी की नैय्या पार ? सर्वे से मिले ये संकेत
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां चुनावी मोड में एक्टिव हो चुकी हैं। 14 फरवरी को एक चरण में पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा।
चंडीगढ़, 15 जनवरी 2022: पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां चुनावी मोड में एक्टिव हो चुकी हैं। 14 फरवरी को एक चरण में पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा। पंजाब की सत्ता पर क़ाबिज़ कौन होगा यह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले ऑपिनियन पोल के मुताबिक कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। वहीं पंजाब की अन्य राजनीतिक पार्टियां पिछड़ती हुई नज़र आ रही हैं। आंकड़ों की गणित के हिसाब सें आम आदमी पार्टी सभी सियासी दलों से आगे निकलती हुई नज़र आ रही है। माझा, मालवा और दोआबा क्षेत्रों की बात की जाए तो हर जगह के आंकड़े अलग-अलग हैं। पंजाब में आए दिन सियासी समीकरण बदलते हुए नज़र आ रहे हैं।

मालवा क्षेत्र की विधानसभा सीटों के आंकड़े
मालवा क्षेत्र में कुल 69 विधानसभा सीटें हैं, माझा क्षेत्र में कुल 25 विधानसभा सीटें हैं और दोआबा में कुल 23 विधानसभा सीटें हैं। इन क्षेत्रों के सियासी आंकड़े कुछ इस तरह है, मालवा में कुल 69 सीटें हैं जिसमें आम आदमी पार्टी को 37 सीटें मिलने की उम्मीद है। काग्रेस को 21 सीटें मिल सकती है। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल और उसके गठबंधन साथी के पाले में 9 सीटें जा सकती हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी, कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींढसा की पार्टी शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के गठबंधन के खाते में 1 सीट जा सकती है और बलबीर सिंह राजेवाल के संयुक्त समाज मोर्चा का मालवा में खाता भी नहीं खुल सकता है। इसके अलावा अन्य के खाते में 1 सीट जा सकती है। मालवा क्षेत्र के आंकड़े के मुताबिक आम आदमी पार्टी यहां अन्य दलों को पछाड़ सकती है।

माझा रीजन की विधानसभा सीटों के आंकड़े
माझा रीजन की बात की जाए तो यहां कुल 25 विधानसभा सीटें हैं। इन 25 विधानसभा सीटों के आंकड़ों के मुताबिक काग्रेस के पाले में 14 सीटें जा सकती है। वहीं आम आदमी पार्टी को 8 सीटें मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल और उसके गठबंधन साथी को 1 सीट पर ही संतोष करना पड़ा सकता है। वहीं भारतीय जनता पार्टी, कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींढसा की पार्टी शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के गठबंधन को 1 सीट मिल सकती है। बलबीर सिंह राजेवाल के संयुक्त समाज मोर्चा का माझा रीजन में भी खाता नहीं खोलने वाली है। । इसके अलावा अन्य के खाते में 1 सीट जा सकती है। माझा रीजन में कांग्रेस की आम आदमी पार्टी से आगे निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।

दोआबा की विधानसभा सीटों के आंकड़े
दोआबा की बात की जाए तो यहां कुल 23 विधानसभा सीटें हैं। इन 23 विधानसभा सीटों के आंकड़े देखें तो यहां काग्रेस के पाले में 13 सीटें जा सकती है। वहीं आम आदमी पार्टी को 7 सीटें मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल और उसके गठबंधन साथी को 1 सीट पर ही संतोष करना पड़ा सकता है। वहीं भारतीय जनता पार्टी, कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींढसा की पार्टी शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के गठबंधन को 1 सीट मिलने की उम्मीद है। बलबीर सिंह राजेवाल के संयुक्त समाज मोर्चा का दोआबा में भी खाता खुलना मुश्किल नज़र आ रहा है। इसके अलावा अन्य के खाते में 1 सीट जा सकती है। आंकड़ों के मुताबिक दोआबा क्षेत्र में भी आम आदमी पार्टी को पीछे करते हुए कांग्रेस आगे निकल सकती है।

कांग्रेस और AAP में कांटे की टक्कर
इस तरह तीनों क्षेत्रों के आंकड़ों को देखा जाए तो आम आदमी पार्टी 52 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। इसके साथ ही कांग्रेस के खाते में 48 सीटों जा सकती हैं। वहीं बची हुई 17 सीटों में 9 सीटों पर शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन का क़ब्ज़ा हो सकता है। इसके अलावा 8 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी, पंजाब लोक कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के साथ ही पंजाब की अन्य सियासी पार्टियों को मिली जुली सीटें मिल सकती है। पंजाब में बतौर मुख्यमंत्री जनता किसे पसंद कर रही है इसके आंकडे की बात की जाए तो कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी 31 फ़ीसद, आम आदमी पार्टी के भगवंत मान को 26 फीसद, अरविंद केजरीवाल- 16 फीसद, शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर बादल को 10 फीसद, कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू नवजोत सिंह सिद्धू को 8 फीसद, अन्य उम्मीदवार को 6 फीसद और कैप्टन अमरिंदर सिंह (पंजाब लोक कांग्रेस) को 3 फीसदी जनता पसंद कर रही है। इस तरह आंकड़े को देखने से यह लग रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में कांटे की टक्कर होने वाली है।
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