पंजाब: CM चन्नी की कैबिनेट में नए चेहरों को मिल सकती है जगह, अपनी कुर्सी बचाने में जुटे कैप्टन के क़रीबी
पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने दलित सीएम देने के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार के ज़रिए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन के समीकरणों को साधने की कोशिश में है।
चंडीगढ़, सितंबर 21, 2021। पंजाब में मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने के बाद पंजाब कांग्रेस मंत्रिमंडल के गठन में जुट गई है। इस बाबत पंजाब के मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी, दोनों उप मुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी दिल्ली में पंजाब कैबिनेट को लेकर शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे। क़यास लगाए जा रहे हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में शामिल रहे कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। वहीं नवनियुक्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की कैबिनेट में कई युवा चेहरों को शामिल किया जा सकता है।

कैबिनेट गठन की क़वायद में जुटे CM चन्नी
पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने दलित सीएम देने के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार के ज़रिए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन के समीकरणों को साधने की कोशिश में है। मुख्यमंत्री बन्ने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी कैबिनेट गठन की क़वायद में जुट गए है। इसी के मद्देनज़र मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, दोनों उप मुख्यमंत्री और नवजोत सिंह सिद्धू दिल्ली पहुंचे। सभी लोग पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत और कांग्रेस के दूसरे नेताओं के साथ कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा करेंगे। वहीं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए बात की जाएगी। क्योंकि सोनिया गांधी और राहुल गांधी शिमला में हैं। कांग्रेस में यह मांग भी उठ रही है कि 75 प्लस उम्र वाले किसी भी नेता को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाए।

कैप्टन के क़रीबी नेताओं पर गिर सकती है गाज
फिरोजपुर से कांग्रेस विधायक परमिंदर सिंह पिंकी ने सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिखी कैबिनेट में 75 पार उम्र वाले नेताओं को शामिल नहीं किए जाने मांग की है। 75 प्लस में कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके करीबी सात बार के विधायक रहे ब्रह्म महिंद्रा आते हैं। चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने एंटी-इनकंबेंसी को ख़त्म करने के लिए जिस तरह से पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन किया है, उसी तर्ज़ पर मंत्रिमंडल का गठन करना भी कांग्रेस के लिए एक चुनौती है। कैप्टन अमरिंदर सिंह खेमा से ताल्लुक रखने वाले मंत्री भी अपनी कुर्सी बचाने में जुट गए हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें विजय इंदर सिंगला, ब्रह्म महिंद्रा, दो पूर्व महिला मंत्री रजिया सुल्ताना और अरुणा चौधरी के नाम भी शामिल हैं। विजय इंदर सिंगला और रजिया सुल्ताना की कुर्सी बच सकती है। जबकि रजिया सुल्ताना के पति और पूर्व आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा कैप्टन अमरिंदर के खिलाफ खुलकर मुखर हैं। पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा शिवपुर घड़े से ताल्लुक रखते हैं इसलिए उनकी भी कुर्सी को कोई ख़तरा नहीं है।

मंत्रिमंडल में किया जा सकता है नये चेहरों को शामिल
कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पंजाब कांग्रेस मंत्रिमंडल में नये चेहरों को शामिल किया जा सकता है। मंत्रिमंडल में विस्तार में अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मदन लाल जलालपुर, इंदरबीर सिंह बोलारिया, गुरकीरत सिंह कोटली, परगट सिंह और संगत सिंह गिल्जियां का नाम चर्चाओं में है। ऐसी अटकले हैं कि कैप्टन के विश्वासपात्र गुरमीत सिंह सोढी और साधू सिंह धरमसोत कैबिनेट में बने रह सकते हैं। दलित वर्ग से ताल्लुक रखने वाले विधायक चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया जा चुका है इसलिए अन्य दलित विधायक अरुणा चौधरी और राजकुमार वेरका आदि कैबिनेट में शामिल होने वाले विधायकों के नाम पर मुहर लगने के बाद असली रस्साकशी विभागों को लेकर होगी।
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