पंजाब: CM चन्नी के भतीजे भुपिंदर हनी ने बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किलें, ईडी पर कार्रवाई का दवाब
पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन क़रीब आ रहे हैं लेकिन पंजाब कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम ही नही ले रहीं हैं।
चंडीगढ़, 8 फरवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन क़रीब आ रहे हैं लेकिन पंजाब कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम ही नही ले रहीं हैं। अवैध खनन मामले में ईडी ने अपने बयान में दावा किया है कि भूपिंदर सिंह (हनी) ने बालू खनन से जुड़ी गतिविधियों और अधिकारियों की नियुक्ति/तबादले में मदद करने के एवज में राशि मिली थी। लेकिन दोष साबित करने वाला डेटा देने टालमटोल करने लगा। इस बयान से चन्नी के भतीजे को लेकर ईडी के दावे पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष दबाव बना रहा है कि अगर चन्नी के भतीजे के पास डाटा है तो उसे निकलवा कर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। आपको बता दें कि 11 फरवरी तक भूपिंदर सिंह हनी प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में रहेंगे।

चुनाव से पहले ईडी की कार्रवाई
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ईडी की कार्रवाई के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस मामले में हाल ही में एक बयान दिया था। उन्होंने कहा कि 'चोर दरवाज़े' से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मदद करने के लिए यह करवाया जा रहा है। वहीं भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि क़ानून अपना काम कर रही है। शिअद नेता और पूर्व कैंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी इस मामले में कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव के मद्देनज़र सीएम उम्मीदवार घोषित किया। कांग्रेस के ने यह क़दम उठाकर भ्रष्ट गतिविधियों में चन्नी के शामिल होने पर सहमति दर्ज कर दी है। कांग्रेस के इस फ़ैसले से साफ़ ज़ाहिर होता है कि चरणजीत चन्नी के भ्रष्टाचार मामले में कांग्रेस साथ है।

हरसिमरत कौर बादल ने लगाए आरोप
हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाए कि सीएम भतीजे हनी के पास से काली कमायी बरामद हुई इस बात का उसने बालू माफिया और तैनाती और तबादलों के लिए घूस से मिली धनराशि की बात क़बूल की है। इसके बावजूद कांग्रेस आलाकमान ने चरणजीत सिंह चन्नी के साथ खड़े रहना चुना। ईडी ने दावा किया है कि भूपिंदर सिंह हनी अपना गुनाह क़बूल कर चुका है। इसके साथ ही अवैध रेत खनन की जांच में पंजाब के एक दिग्गज सियासी चेहरे का नाम सामने आने की बात कही जा रही है लेकिन ईडी के अधिकारियों ने नाम को लेकर कोई भी खुलासा नहीं किया है। ग़ौरतलब है कि अब तक हुई जांच में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग विपक्षी दलों के नेता लगातार कर रहे हैं। लेकिन अभी किसी भी नेता के नाम का ख़ुलासा नहीं किया गया है।

जिला सेशन जज ने दी 3 दिन की रिमांड
जालंधर की ज्यूडिशियल कोर्ट में इनफोर्समेंट डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने आज( मंगलवार) हनी को जिला सेशन जज रुपिंदरजीत चिहल की कोर्ट में पेश किया। भूपिंदर सिंह हनी के वकील हरनीत सिंह ओबरॉय और ईडी के वकील लोकेश नारंग के बीच अपने-अपने दलीलों पर बहस हुई। भूपिंदर सिंह हनी के 10 दिनों के रिमांड की ईडी के वकील ने लोकेश नारंगे ने की थी लेकिन ज्यूडिशियल कोर्ट जिला सेशन जज ने 3 दिन की रिमांड दी है। आपको बता दे कि पंजाब में कथित अवैध बालू खनन मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने हनी को तीन फरवरी को गिरफ्तार किया था। 18 जनवरी को भूपिंदर हनी और अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच एजेंसी ने छापेमारी की कार्रवाई की थी। हनी के ठिकाने से इस दौरान लगभग 7.9 करोड़ रुपये मिले थे। हनी से जुड़े एक और व्यक्ति संदीप कुमार के पास से लगभग दो करोड़ रुपये जब्त किए गए थे।
ये भी पढ़ें: पंजाब: गुरमीत राम रहीम को चुनाव से ठीक पहले मिला 21 दिन का फ़रलो, निकाले जा रहे सियासी मायने












Click it and Unblock the Notifications