पंजाब: गुरमीत राम रहीम को चुनाव से ठीक पहले मिला 21 दिन का फ़रलो, निकाले जा रहे सियासी मायने

पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक 13 दिन पहले गुरमीत राम रहीम को फरलो मिलने से सियासा पारा चढ़ गया है।

चंडीगढ़, 7 फ़रवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक 13 दिन पहले गुरमीत राम रहीम को फरलो मिलने से सियासा पारा चढ़ गया है। सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि गुरमीत राम रहीम को चुनाव से पहले जेल से बाहर लाकर भाजपा इसका सियासी माइलेज ले सकती है। सोमवार को रोहतक (हरियाणा) के सुनारिया जेल में क़ैद डेरा सच्चा सौदा का प्रुमख राम रहीम फरलो पर बाहर आ गया। आपको बता दें कि हरियाणा के सिरसा जिले में डेरा सच्चा सौदा स्थित है। लेकिन इसका प्रभाव पंजाब के मालवा रीजन की 69 सीटों पर है। सिरसा डेरा प्रमुख राम रहीम को रोहतक के कमिश्नर के दस्तखत के बाद जेल से बाहर लाया गया।

फरलो पर जेल से बाहर हुआ राम रहीम

फरलो पर जेल से बाहर हुआ राम रहीम

क़ैदी एक कारावास अवधि के बाद फरलो की अर्ज़ी दाखिल कर सकता है, इसे (फरलो) जेल से अल्पकालिक रिहाई भी माना जाता है। क़ैदी को समाजिक और परिवारिक संबध की बुनियाद पर फरलो मिल सकता है। सुनारिया जेल से आज सुबह ही राम रहीम को निकाला गया है। फरलो देते हुए राम रहीम के साथ कड़ी शर्त रखी गई है कि वह 21 दिनों तक पुलिस की निगरानी में रहने के साथ ही ज़्यादा वक़्त डेरा मी गुज़ारेगा। आपको बता दें कि राम रहीम अपने दो महिला अनुयायियों से बलात्कार मामले में सज़ा याफ़्ता है। अगस्त 2017 में उसे पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने दोषि करार देते हुए 20 साल क़ैद की सज़ा सुनाई है। बलात्कार और हत्या में सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को उसके अनुयायी छुपाकर डेरा ले गए।

काफ़ी तादाद में हैं डेरा के अनुयायी

काफ़ी तादाद में हैं डेरा के अनुयायी

चुनावी राज्या पंजाब और उत्तर प्रेदश में सिरसा मुख्यालय वाले डेरा के काफ़ी तादाद में अनुयायी हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। पजाब चुनाव से 13 दिन पहले राम रहीम की फरलो से कई तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। पंजाब के 23 जिलों में 300 बड़े डेरों का सीधा दखल प्रदेश की सियासत में है। इनका वर्चस्व पंजाब के माझा, मालवा और दोआबा क्षेत्र में है। पंजाब के मालवा रीजन के फिरोजपुर, फजिल्का, मोगा, अबोहर, मुक्तसर साहिब,फरीदकोट,भठिंडा, पटियाला, लुधियाना, मानसा, संगरुर, बरनाला, मलेरकोटला, फतेहगढ़ साहिब में राम रहीम की पकड़ अच्छी है। इन ज़िलों की 69 विधानसभा सीटों में डेरे का पूरा प्रभाव माना जाता है।

भाजपा ले सकती है सियासी माइलेज

भाजपा ले सकती है सियासी माइलेज

विधानसभा चुनाव से पहले राम रहीम को फरलो मिलने के सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ गया है। ग़ौरतलब है इससे पहले राम रहीम की फरलो/पैरोल की अर्जी तीन बार खारिज हो गई थी। लेकि इस बार मज़ूर कर ली गई है, इस मुद्दे को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सियासी जानकारों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी इस बार शिरोमणि अकाली दल से अलग होकर चुनावी रण में है। इसलिए गुरमीत राम रहीम के ज़रिए भाजपा सियासी माइलेज लेने की रणनीति तैयार करेगी। पंजाब में डेरा समर्थकों की काफ़ी तादाद है, जो चुनावी रुझान को प्रभावित कर सकती है। पंजाब में डेरा समर्थक कांग्रेस से नाराज़ चल रहे हैं और गुरमीत राम रहीम के प्रभाव में वह भाजपा के पाले में मतदान कर सकते हैं।


ये भी पढ़ें: Punjab Election Special: भोआ विधानसभा क्षेत्र का चुनावी इतिहास, कैसे रहे हैं यहां के सियासी समीकरण ?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+