पिता भी कारगिल युद्ध में हुए थे शहीद, अब बेटे ने पुंछ में दी कुर्बानी, जानें कुलवंत सिंह की कहानी
Lance Naik Kulwant Singh: शहीद लांस नायक कुलवंत सिंह भी अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए देश के लिए कुर्बान हो गए। कुलवंत सिंह के पिता जिन्होंने 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हुए आतंकी हमले में सर्वोच्च बलिदान देने वाले पांच जवानों में से एक, लांस नायक कुलवंत सिंह को अपने पिता की तरह एक वीर अंत मिला, जिन्होंने 1999 में कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवा दी थी। आइए जानते हैं कुलवंत सिंह की वीरगाथा की कहानी।
कुलवंत सिंह की वीरगाथा
कारगिल की चोटियों में अपने पिता के सर्वोच्च बलिदान देने के 11 साल बाद, वह 2010 में सेना में शामिल हुए थे। कुलवंत सिंह की डेढ़ साल की बेटी और तीन महीने का बेटा है, जो पंजाब के मोगा के चाडिक गांव में रहते हैं। कुलवंत सिंह की की मां ने भी करीब 24 साल पहले कारगिल युद्ध में अपने पति बलदेव सिंह को खो दिया था।
पत्नी से आखिरी बार हुई थी यह बात
कुलवंत सिंह की पत्नी हरदीप कौर ने बताया कि 'कुलवंत ने शहीद होने से एक दिन पहले उसे फोन किया और कहा कि बेटे को समय पर वैक्सीन लगवाया करना। कुलवंत अपने गांव के घर को फिर से बनवाने की योजना बना रहे थे क्योंकि उनका घर काफी पुराना हो गया था।
कुलवंत सिंह की मां फफक कर रोईं, सरपंच ने कही यह बात
पंजाब के मोगा के रहने वाले बहादुर लांस नायक कुलवंत सिंह की मां अपने बेटे को याद कर फफक फफक कर रो रही हैं। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने फोन पर मुझसे बात की थी और बताया था कि वह ठीक हैं और मुझे चिंता नहीं करने के लिए कहा था। वहीं कुलवंत सिंह के गांव के सरपंच गुरुचरण सिंह ने भी इस घटना पर दुख जताया है और उन्होंने अपना बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि कुलवंत सिंह इकलौता बेटा था, उसके पिता भी कारगिल में शहीद हुए थे। पुंछ में सेना के वाहन पर आतंकी हमले में शहीद हुए लांस नायक कुलवंत सिंह के बारे में सरपंच गुरचरण सिंह ने कहा, सरकार को उनके परिवार की मदद करनी चाहिए।
पुंछ में हुआ था आतंकी हमला
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में गुरुवार को एक आतंकी हमले के बाद सेना के वाहन में आग लगने से पांच जवान शहीद हो गए थे और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सेना ने एक बयान में कहा है कि घटना में जान गंवाने वाले जवान राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के थे और इलाके में आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए तैनात किए गए थे।












Click it and Unblock the Notifications