पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह जारी, मुख्यमंत्री बदलने की मांग कर सकता है सिद्धू खेमा
पार्टी के प्रावधान के मुताबिक प्रदेश प्रधान विधायक दल की बैठक बुला सकता है। मुख्यमंत्री बदलने की मांग करने के एजेंडे पर यह मुमकिन है कि विधायक नहीं आएं। इसलिए आगामी विधानसभा चुनाव पर चर्चे को लेकर एजेंडा बनाया जा सकता है
चंडीगढ़, अगस्त 11, 2021। पंजाब कांग्रेस में खेमेबाज़ी का दौर जारी है । पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह अभी तक नहीं सुलझी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पिछले दिनों सोनिया गांधी से मुलाक़ात की थी ये मुलाक़ात महज़ एक औपचारिकता नहीं थी। बल्कि नए प्रदेश अध्यक्ष के रवैये को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोनिया गंधी से नाराज़गी ज़ाहिर की थी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह जब सोनिया गांधी से मुलाक़ात करने पहुंचे थे तो अपने साथ नवजोत सिंह सिद्धू के बयानों और ट्वीट की फ़ाइल साथ लेकर गए थे।

सोनिया गांधी से मुलाक़ात के दौरान जहां आगामी चुनावी में पंजाब कांग्रेस की रणनीतियों पर चर्चा की गई वहीं नवजोत सिंह सिद्धू की शिकायत भी हुई। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू के ट्वीट्स और बयानों का हवाला देते हुए कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू की इस तरह की हरकत से विपक्ष को हमारी पार्टी पर निशाना साधने का मौक़ा मिलता है। उन्होंने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी की बेहतरी पर फोकस करने के बजाए अपनी ही सरकार की आलोचना में लगे हुए हैं। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ़ से नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर दिए फ़ीडबैक के बाद सोनिया गांधी ने प्रदेश प्रभारी हरीश रावत को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह पंजाब जाकर इन सारी समस्याओं को सुलझाएं।
वहीं, कैबिनेट में फेरबदल करने पर सोनिया गांधी की सहमति के बाद नवजोत सिंह खेमे में खासी बेचैनी है। नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस भवन में ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधियों, अपने करीबी मंत्रियो और विधायक की के साथ बैठक की। बैठक के बाद बाजवा के सरकारी आवास पर एक बैठक जिसमें बदलते राजनीतिक हालातों पर चर्चा हुई। सूत्रों की मानें तो नवजोत सिंह सिद्धू खेमा कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सीधा हमला करते हुए मुख्यमंत्री बदलने की मांग कर सकता है। ग़ौरतलब है कि जिस वक़्त सिद्धू मंत्रियों के साथ बैठ कर रहे थे, उसी वक़्त मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली में सोनिया गांधी के सिद्धू की बयानबाज़ी और ट्वीट से पार्टी को हो रहे नुकसान पर चर्चा कर रहे थे।
तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के आवास पर हुई बैठक में नवजोत सिंह सिद्धू और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा समेत करीब एक दर्जन से ज़्यादा नेता मौजूद थे। इस बैठक में यह चर्चा हुई कि पार्टी की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास मुख्यमंत्री को बदलने की मांग उठाई जाए। अपने स्तर पर मांग उठाने से ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ सकता है। इसके लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलानी ज़रूरी है। आपको बता दें कि पार्टी के प्रावधान के मुताबिक प्रदेश प्रधान विधायक दल की बैठक बुला सकता है। मुख्यमंत्री बदलने की मांग करने के एजेंडे पर यह मुमकिन है कि विधायक नहीं आएं। इस मसले का हल निकालते हुए आगामी विधानसभा चुनाव पर चर्चे को लेकर एजेंडा बनाया जाए। सूत्र बताते हैं कि इसी बैठक के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू खेमे का कोई विधायक मुख्यमंत्री बदलने का मुद्दा उठा सकता है। ग़ौरतलब है कि पहले ही पांच कैबिनेट मंत्री और कुछ विधायकों ने सोनिया गांधी को पत्र लिख कर मिलने के लिए वक्त मांगा हुआ है।












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