फ्लिपकार्ट का ऑर्डर कर रहे हैं कैंसिल तो हो जाएं सावधान, आप भी हो सकते हैं ठगी का शिकार
सिटी ब्युटीफुल में साइबर क्राइम बढ़ते ही जा रहा है। पिछले दो महीने में 650 शिकायते ल चुकी है। चंडीगढ़ ( ओल्ड एयरपोर्ट चौक) रायपुरखुर्द के किराना व्यापारी विजेंद पालभी साइबर ठगी का शिकार हुए हैं।
चंडीगढ़, 07 मार्च 2022। सिटी ब्युटीफुल में साइबर क्राइम बढ़ते ही जा रहा है। पिछले दो महीने में 650 शिकायते ल चुकी है। चंडीगढ़ ( ओल्ड एयरपोर्ट चौक) रायपुरखुर्द के किराना व्यापारी विजेंद पालभी साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। ठगों ने उनके खाते से 48 हज़ार 072 रुपये उड़ा लिए। दरअसल विजेंद्र पाल ने फ्लिपकार्ट से ऑनलाइन शॉपिंग की थी और उन्हें कुछ सामान के ऑर्डर कैन्सिल करना था। इस बाबत उन्होंने फ्लिपकार्ट के कस्टमर केयर को कॉल कर अपने द्वारा किए गए ऑर्डर को कैन्सिल करने की बात कही, उसके बाद उन्हें +91-9163695417 नंबर से कॉल आई औऱ उनसे कहा कि आपने ऑर्डर कैन्सिल करने के लिए कॉस किया था, उन्होंने कहा हां मैंने कॉल की थी। इसके बाद ठगों ने उन्हें अपना शिकार बनाते हुए हज़ारों रुपये का चूना लगा दिया।

ऑर्डर कैन्सिल करने पर हुई ठगी
किराना व्यापारी विजेंद्र पाल ने बताया कि उन्होंने फ्लिपकार्ट के कस्टमर केयर को अपने द्वार किए गए ऑर्डर को कैन्सिल करने के लिए फ्लिपकार्ट के कस्टमर केयर नंबर 1800202989 पर कॉल किया था, जिसके बाद उन्होंने कहा था कि आपको फ्लिपकार्ट की तरफ़ से ऑर्डर कैन्सिल करवाने के लिए कॉल आएगी। कस्टमर केयर के कॉल रखने के तुरंत बाद +91-9163695417 नंबर से कॉल आई। उन्होंने एनी डेस्क एप्प इंस्टाल करवाया और कहा कि अब आप फ्लिपकार्ट का एप्प खोलें और माई ऑर्डर में जा कर जो ऑर्डर को कैन्सिल करना चाहते हैं, उस पर क्लिक करके आर्डर कैन्सिल कर दें। विजेंद्र पाल ने वैसा ही किया इतना करते ही ठगो ने पूछा देखें आपका आर्डर कैन्सिल हो गया है । इतना ही करते ही विजेंद्र पाल के पास 842 रुपये का मैसेज आया तो उन्होंने समझा की उनके पैसे वापस आ गए हैं। लेकिन जब ग़ौर से देखा तो वह अकाउंट में क्रेडिट होने के नहीं बल्कि डेबिट होने का मैसेज था।

OTP शेयर किए बिना ही हुई ठगी
विजेंद्र पाल ने जैसे ही यह देखा वह तुरंत बैंक में जा कर ठगी की बात बताई लेकि इतने ही देर में पहले 842 रुपये फिर 30 हज़ार 823 उसके बाद 5 हज़ार रुपये और आखिर में 11 हज़ार 407 रुपये ठगों ने उनके अकॉउंट से उड़ा लिए। ग़ौरतलब है कि विजेंद्र पाल ने किसी भी ट्राज़ेक्शन का ओटीपी शेयर नहीं किया था इसके बावजूद उन्हें कुल 48 हज़ार 072 रुपये का ठगों ने चूना लगा दिया। वहीं विजेंद्र पाल ने इस ठगी में फ्लिपकार्ट के अधिकारियों की मिली भगत का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब फ्लिपकार्ट के अधिकारिक नंबर पर मैंने ऑर्डर कैन्सिल करने के लिए कॉल किया था तो ठगों को कैसे पता चला कि मैंने किस प्रोडक्ट को कैन्सिल करने के लिए कॉल किया था। कस्टमर केयर से बात करने के तुरंत बाद ठगों ने कैसे कॉल किया। इससे साफ ज़ाहिर है कि फ्लिपकार्ट के कर्मचारी ग्राहकों का डाटा ठगों से शेयर करते हैं।

अनाधिकृत ट्रांज़ैक्शन के पैसे मिल सकते हैं वापस
साइबर क्राइम पुलिस मे इस मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं बैंक के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ठगों द्वारा की गई ठगी के पैसे जल्द ही विजेंद्र पाल के खाते में आ जाएंगे। आपको बता दे कि भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक अगर आपके अकाउंट से कोई भी अनाधिकृत लेन-देन होता है तो आपका पूरा पैसा वापस मिल सकता है। इसके लिए बस आपको कुछ ज़रूरी कदम उठाने होंगें जैसे की धोखाधड़ी की तुरंत शिकायत साइब क्राइम को दें। साथ ही संबधित बैंक को अनाधिकृत ट्रांज़ैक्शन की जानकारी दें। ग़ैरतलब है कि अनाधिकृत लेन-देन का पैसा तभी वापस आपको अकाउंट में आ सकता है अगर आपने किसी भी तरह से ओटीपी शेयर नहीं किया हो। अगर आपने ओटीपी शेयर कर दिया तो तो निकाले गए रकम की जिम्मेदारी बैंक नहीं लेती है। अगर किसी और तरीक़े से आपके अकाउंट से पैसे निकलते हैं तो और बैंक को लगता है कि आपकी कोई ग़लती नहीं है तो शिकायत के बाद 72 घंटे में आपको अकाउंट से निकाले गए रुपये वापस आ जाते हैं।
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