पंजाब: कहीं आग ने कर डाले खेत खाक, कहीं डूब गया गेहूं पानी में, किसानों की फसल ऐसे हुई बर्बाद

चंडीगढ़। किसानों के गेहूं की फसल खरीद की इस साल बहुत सी अच्छी-बुरी खबरें आ रही हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद पंजाब में जहां गेहूं खरीद का 5 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया, वहीं किसानों को तत्काल भुगतान कराकर भी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तारीफ बटोरी। इसके अलावा किसानों के गेहूं की बर्बादी की घटनाएं भी सामने आईं, जिनसे उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल जली

सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल जली

पिछले एक हफ्ते में राज्य के विभिन्न इलाकों में गेहूं के खेतों में आग लगी, जिससे बड़ी मात्रा में फसल जल गई। संगरूर में मूनक के पास गांव हमीरगढ़, मंडवी और बुशैहरा के खेतों में किसानों की 50 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इसके अलावा धूरी के गांव शेरपुर सोढियां में 25 एकड़ में गेहूं की फसल जल गई। इसी तरह फिरोजपुर में 164 और खनौरी में 10 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। बताया जा रहा है कि, मलोट के गांव उड़ाग में वीरवार को आग लगने से सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल जल गई। वहीं, दूसरी ओर खनौरी में आग लगने के कारण गांव अनदाना में 10 एकड़ गेहूं और 60 एकड़ नाड़ जलकर राख हो गई। यहां आग लगने का कारण तूड़ी बनाने वाली मशीन से निकली चिंगारी बताया जा रहा है।

जिनकी बर्बादी हुई, वे किसान पीट रहे माथा

जिनकी बर्बादी हुई, वे किसान पीट रहे माथा

मूनक क्षेत्र के किसान भी माथा पीट रहे हैं। यहां के किसान गुरमीत सिंह, राम सिंह, कप्तान सिंह और राम सरूप ने बताया कि उनके खेतों में अचानक आग लगी दिखी तो घिग्घी बंध गई। आनन-फानन में उन्होंने ट्रैक्टर आदि की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, परंतु इस दौरान विभिन्न किसानों की करीब 50 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने यहां पहुंचकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है।

इधर, आग नहीं, पानी से आई आफत

इधर, आग नहीं, पानी से आई आफत

पंजाब के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश हुई। जिससे मंडियों में रखा गेहूं पानी में भीग गया। किसानों ने बताया कि, कल देर शाम कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे कुछ मंडियों में खुले में रखा गेहूं भीग गया। इसके बाद खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग, मंडी बोर्ड, मार्कफेड, पनसप, एफसीआई और पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने मंडी बोर्ड को कहा कि, बारिश के थामते ही पानी मंडी यार्ड से बाहर पंप किया जाए। इस घटना के बाद, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खरीद एजेंसियों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश रुकने के कुछ घंटों के भीतर मंडी संचालन फिर से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि खराब मौसम के कारण किसानों को असुविधा न हो।

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