पंजाब दी गल: सियासी गलियारों की हलचल, कौन सी पार्टी लहरा रही परचम, किस पार्टी की बढ़ रही मुश्किलें ?
पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सियासी मेला लग चुका है। सभी सियासी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए पुरज़ोर कोशिश कर रही हैं।
चंडीगढ़, 9 दिसम्बर 2021। पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सियासी मेला लग चुका है। सभी सियासी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए पुरज़ोर कोशिश कर रही हैं। आज हम आपको पंजाब के सियासी गलियारों की कुछ चटपटी बातों से रूबरू करवाने जा रहे हैं जिससे आपको आंदाज़ा लग जाएगी कि पंजाब की राजनीतिक गलियारों में क्या कुछ चर्चाएं हैं ? कौन सी पार्टी परचम लहरा रही तो है किस पार्टी को चुनौतियों का समना करना पड़ सकता है। सबसे पहले आज हम बात करने जा रहे हैं कैप्टन अमरिंदर सिंह की नई सियासी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के बारे में। हाल ही में पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी के दफ़्तर का उद्घाटन हुआ था लेकिन उद्घाटन के एक दिन बाद ही पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी के दफ़्तर में सन्नाटा पसरा रहा।

चुनावी मोड में एक्टिव नहीं हुए हैं कैप्टन
कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र चुनावी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। हाल ही में उन्होंने चंडीगढ़ में अपनी नई सियासी पार्टी का उद्घाटन भी किया। उद्घाटन के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी कांग्रेस सांसद परनीत कौर कार्यक्रम से ग़ैर हाज़िर दिखीं। अभी संशय बरकरार है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर कांग्रेस में रहेंगी या फिर कैप्टन की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस में शामिल होंगी। पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी के दफ़्तर में चुनावी हल चल बिलकुल भी नहीं दिख रहा है। पंजाब कांग्रेस के इस्तीफ़ा देने के बाद जिस तरह से कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी बनाने की घोषणा की थी इससे तो यही लग रहा था कि पार्टी का दफ़्तर खुलने के बाद सियासी रणनीतियां शुरू हो जाएंगी लेकिन पंजाब लोक कांग्रेस के दफ़्तर की जो तस्वीरें देखने को मिली इससे यही लग रहा है कि अभी कैप्टन पूरी तरह से चुनावी मोड में एक्टिव नहीं हुए हैं।

PLC और BJP के टिकट बंटवारे का ब्लू प्रिंट
पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी के दफ्तर के उद्घाटन के दूसरे दिन कैप्टन अमरिंदर सिंह औऱ गजेन्द्र सिंह शेखावत की बैठक हुई। इस दौरान पंजाब में भाजपा और कैप्टन की पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने पर सहमती दर्ज हुई। इसके औपचारिक घोषणा कैप्टन की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक के बाद हो सकती है। सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी और कैप्टन की पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी के बीच 70:35 का फार्मूला बन सकता है। बाकी की बची सीटों पर सुखदेव सिंह ढींडसा की शिरोमणि अकाली दल संयुक्त और अन्य दलों को चुनाव लड़ाया जा सकता है। गजेन्द्र सिंह शेखावत और कैप्टन के बीच हुई वन-टू-वन बैठक रीब एक घंटे तक चली। शेखावत के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह की यह मुलाकात से कांग्रेस पार्टी में बेचैनी देखी जा रही है क्योंकि, कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही कह चुके हैं कि आचार संहिता लगने के बाद पता चल जाएगा की उनके साथ कौन-कौन है।

सुच्चा सिंह ने दिया 'AAP' को बड़ा झटका
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को झटके पर झटका मिल रहा है। अब आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुच्चा सिंह छोटेपुर ने शिरोमणि अकली दल की सदस्यता ले ली है। पार्टी में शामिल होते ही शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने उन्हें पार्टी का सीनियर वाइस प्रेसीडेंट बना दिया है। इसके साथ उन्हें बटाला विधानसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया गया है। आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार के आरोप मे सुच्चा सिंह छोटेपुर को पार्टी से निष्काषित कर दिया था। अकाली दल में शामिल होने के बाद सुच्चा सिंह अरविंद केजरीवाल पर जमकार निशा साधा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल एक धोखेबाज इंसान हैं, उन्हें पंजाब में ऐसा नेता चाहिए जो कि उनके मुताबिक चले। यही वजह है कि दिल्ली के विधायक राघव चड्ढा पंजाब में आकर प्रेस कांफ्रेंस करते हैं और भगवंत मान और हरपाल चीमा बगल में बठकर मूकदर्शक बने रहते हैं ।
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