सिद्धू के करीबी परगट सिंह का बयान, हरीश रावत ने कैसे तय किया कि कैप्टन के नेतृत्व में लड़ेगे पंजाब का चुनाव?
चंडीगढ़, अगस्त 30। पंजाब कांग्रेस में मचा सियासी घमासान अभी थमा नहीं है। हाल ही में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने ये कहा था कि अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। हरीश रावत के इस बयान पर जालंधर के विधायक और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के महासचिव परगट सिंह ने कहा है कि हरीश रावत ने ये कैसे तय कर लिया कि पंजाब का चुनाव कैप्टन के चेहरे पर लड़ा जाएगा?

हरीश रावत के बयान से कांग्रेस वोट बैंक का हुआ नुकसान!
पंजाब प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी माने जाने वाले परगट सिंह ने कहा है कि हरीश रावत को ये बताना चाहिए कि उन्होंने ये फैसला कब लिया कि पंजाब का चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा जाएगा, जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे वाली समिति ने ये साफ शब्दों में कहा था कि पंजाब का विधानसभा चुनाव सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। परगट सिंह ने ये भी कहा कि हरीश रावत के बयान से पंजाब में कांग्रेस के वोट बैंक को नुकसान पहुंच सकता है।
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परगट सिंह के बयान पर हरीश रावत की प्रतिक्रिया
वहीं परगट सिंह के बयान पर हरीश रावत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि किसी को अधीर होने की जरूरत नहीं है, मुझे पता है कि कब, किस समय क्या बात कहनी है। हरीश रावत ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर हमारे पास सोनिया और राहुल गांधी समेत कई बड़े चेहरे हैं तो वहीं स्थानीय स्तर पर भी हमारे पास कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू और यहां तक कि खुद परगट सिंह जैसे कई चेहरे हैं तो ऐसे में किसी को अधीर नहीं होना चाहिए।

सिद्धू के लिए सॉफ्ट कॉर्नर रखते हैं परगट सिंह
आपको बता दें कि परगट सिंह को नवजोत सिंह सिद्धू का समर्थक माना जाता है। पिछले हफ्ते ही उन्होंने सिद्धू के उस बयान का समर्थन करते हुए सिद्धू का बचाव किया था, जिसमें उन्होंने पार्टी आलाकमान पर निशाना साधा था। सिद्धू के समर्थक के रूप में अब हरीश रावत को लेकर दिया गया उनका ये बयान ये दिखाता है कि पंजाब कांग्रेस में अभी सबकुछ ठीक नहीं है। सिद्धू समर्थक अभी भी कैप्टन को सीएम से हटाने की मांग पर अड़े हैं।

पंजाब में कैप्टन को बदलने की उठी थी मांग
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते करीब 30 विधायकों ने कांग्रेस हाईकमान से कैप्टन अमरिंदर सिंह को बदलने की मांग रख दी थी, जिसके बाद बागी विधायक देहरादून में हरीश रावत से मिले थे। इस मुलाकात के बाद हरीश रावत ने कहा था कि पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में ही 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। पंजाब कांग्रेस में मची इस तनातनी के बीच हरीश रावत इसी हफ्ते चंडीगढ़ भी जा सकते हैं, जहां वो मतभेदों को दूर करने के लिए दोनों पक्षों से मुलाकात करेंगे।












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