नई पार्टी के सीएम पद की दावेदारी से गुरनाम सिंह चढूनी ने उठाया पर्दा, वीडियो देखें
गुरनाम सिंह चढूनी ने एक वीडियो मैसेज जारी कर के भारतीय आर्थिक पार्टी में शामिल होने की अफवाह पर स्पष्टिकरण दिया है। उन्होंने कहा की अगर मैं 2022 में पंजाब विधानभा के चुनाव लड़ुंगा तो पार्टी की तरफ़ से उन्हे सहयोग मिलेगा।
चंडीगढ़, अगस्त 11, 2021। आंदोलन से सियासी पार्टी का आग़ाज़ होता है ऐसा अक्सर देखने और सुन्ने को मिल ही जाता है। कुछ इसी तरह किसान आंदोलन से एक नई सियासी पार्टी भारतीय आर्थिक पार्टी का गठन किया गया है। पंजाब से ताल्लुक रखने वाले उद्योगपतियों के एक संगठन ने भारतीय आर्थिक पार्टी का गठन किया है। गुरनाम सिंह चढूनी का नाम भारतीय आर्थिक पार्टी से मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में सुर्खियों में है। वहीं गुरनाम सिंह चढूनी ने एक वीडियो मैसेज जारी कर के भारतीय आर्थिक पार्टी में शामिल होने की अफवाह पर स्पष्टिकरण दिया है। उन्होंने कहा की अगर मैं 2022 में पंजाब विधानभा के चुनाव लड़ुंगा तो भारतीय आर्थिक पार्टी की तरफ़ से उन्हें पूरा सहयोग किया जाएगा। उन्होंने अफवाह से पर्दा उठाते हुए कहा कि हमने भारतीय आर्थिक पार्टी ज्वॉइन नहीं की है। अभी भारतीय आर्थिक पार्टी की प्रक्रिया चल रही है उन्हें काफि संगठन का सहयोग मिल रहा है।
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किसानों, व्यापारियों और श्रमिकों का 'भारतीय आर्थिक पार्टी ने प्रतिनिधित्व करने का दावा किया है। कई व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा के किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की मौजूदगी में मुलाक़ात कर नई पार्टी की नींव रखी। तरुण बावा को नवगठित पार्टी भारतीय आर्थिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। तरुण बावा भी एक व्यापारिक संगठन का नेतृत्व करते आ रहे हैं। ग़ौरतलब है कि गुरनाम सिंह चढूनी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं इसके बावजूद में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए गुरनाम सिंह चढूनी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर उनके नाम की घोषणा के दौरान वह मंच पर मौजूद थे। आपको बता दें कि पिछले महीने चढूनी ने 'मिशन पंजाब' की बात करते हुए कहा था कि पंजाब में केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन करने वाले संगठनों को पंजाब विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहिए क्योंकि इससे एक मॉडल पेश होगा कि तंत्र को कैसे बदला जाता है।
लुधियाना में हुई पार्टी सभा में कहा गया कि भारतीय आर्थिक पार्टी 'मिशन पंजाब-2022' को कामयाब बनाने के लिए काम करेगी। पंजाब विधानसभा चुनाव-2022 में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का भी फैसला किया गया है। पार्टी सभा में कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा गया। गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसान, व्यापारी और श्रमिकों को कांग्रेस और भाजपा दोनों के हाथों लगातार उपेक्षा का शिकार होना पड़ा है। भारतीय आर्थिक पार्टी समाज के उपेक्षित वर्गों के लिए काम करेगी।
आपको बता दें कि गुरनाम सिंह चढूनी ने कुछ दिन पहले संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की सभी बैठकों से अलग रहने की घोषणा की थी। चढूनी ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा के कुछ नेता उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि किसान आंदोलन कमज़ोर हो इसलिए संगठन के सभी फैसलों का पालन करेंगे। गौर करने वाली बात है कि पिछले महिने संयुक्त किसान मोर्चा ने चढूनी को सात दिन के लिए निलंबित कर दिया था, क्योंकि उन्होंने ये बयान दिया था कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब के किसान संगठनों को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरना चाहिए।












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