डेरा सच्चा सौदा हुआ फिर से सक्रिय, इसकी गतिविधियों से पंजाब में सिख समूहों की चिंता बढ़ी
Dera Sacha Sauda punjab news: राम रहीम की अगुवाई वाला पंथ डेरा सच्चा सौदा पंजाब में पिछले 5-6 सालों में निष्क्रिय-सा हो गया था। मगर, अब यह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इस पर न केवल सिख समूहों की तीखी प्रतिक्रिया हुई है, बल्कि बेअदबी की घटनाओं और एक बड़े आतंकी मामले में डेरा की कथित संलिप्तता को देखते हुए राजनीतिक नेताओं और पुलिस हलकों को भी हैरान कर दिया है।

डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख ठिकाना हरियाणा का सिरसा है। वहीं, हरियाणा में अगले साल चुनाव होने हैं और कई सिख संगठन यह कह रहे हैं कि, डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दी गई पैरोल हरियाणा में चुनावों के अनुरूप है, अगस्त 2017 में उसे सजा होने के बाद यह पहली बार है कि डेरा ने पंजाब में सक्रिय होने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। डेरा सात साल पहले पंजाब में अत्यधिक राजनीतिक बेअदबी की घटनाओं के लिए जांच के दायरे में आया था। एक बार बेअदबी की घटनाओं और फिर एक विस्फोट, जिसमें सात लोग मारे गए थे, इन घटनाओं से डेरे पर उंगली उठी थीं। लिहाजा डेरे के फिर से सक्रिय होने पर, सिख समूहों ने न केवल विरोध की घोषणा की है, बल्कि कई सिख कार्यकर्ता मौर विस्फोट में डेरा की भूमिका बताते हुए कार्रवाई कराने की मांग कर रहे हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह आश्चर्यजनक है कि जब राज्य अभी भी बेअदबी के प्रभाव में है और मौर विस्फोट का मामला भी इससे जुड़ा हुआ है, डेरा अचानक पंजाब में सक्रिय हो गया है। यह हमारे काम को जटिल करेगा।," वहीं, कांग्रेस के एक विधायक ने कहा, "डेरा प्रमुख हालांकि पहले भी जेल से बाहर आया था, लेकिन इस बार वह अपनी ऑनलाइन उपस्थिति बना रहा है जिसमें भाजपा नेताओं ने भी भाग लिया है। पंजाब में भी डेरा सक्रिय हो रहा है, इसकी सक्रियता राजनीतिक नेताओं को भ्रमित कर रही है, क्योंकि वे खुद को 22 स्थिति में पाएंगे, "
अकाली दल और आम आदमी पार्टी के सूत्रों ने यह भी खुलासा किया कि डेरे के घटनाक्रम को लेकर उनकी पार्टियां आश्चर्य जता रही हैं। आप के एक नेता ने कहा, "हमारी पार्टी में यह चिंता है कि अंततः राज्य सरकार को एक विकट स्थिति का सामना करना पड़ेगा और इस मुद्दे पर कड़वाहट बढ़ने पर परिणाम भी भुगतने होंगे।"












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