बिहार में पहली बार पुलिस में होगी थर्ड जेंडरों की भर्ती, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया संकल्प पत्र
हिंदुस्तान में पहले थर्ड जेडरों को लोग नीची निगाह से देखते थे, कोई भी व्यक्ति उनसे ताल्लुक बताने से परहेज़ करता था।
पटना, 15 मार्च 2022। हिंदुस्तान में पहले थर्ड जेडरों को लोग नीची निगाह से देखते थे, कोई भी व्यक्ति उनसे ताल्लुक बताने से परहेज़ करता था। यहां तक के समाज में थर्ड जेडरों को समानता का अधाकार नहीं मिल पाता था। लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार के बाद बिहार सरकार ने शर्ड जेंडरों को पुलिस में भर्ती करने का सराहनीय क़दम उठाया है। थर्ड जेंडरों की बिहार पुलिस में बहाली के लिए बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार पुलिस में सिपाही और दारोगा के लिए सामान्य प्रशासन विभाग में थर्ड जेंडरों की सीधी नियुक्ति की जा सकती है। थर्ड जेंडरों की नियुक्ति को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की की तरफ से एक संकल्प पत्र भी जारी किया गया है।

थर्ड जेंडरों की भर्ती के लिए संकल्प पत्र जारी
बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक हुई थी। बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ़ से थर्ड जेंडरों की भर्ती के लिए संकल्प पत्र जारी किया गया। विभाग की तरफ़ से जारी संकल्प पत्र के मुताबिक पिछड़ा वर्ग अनुसूची (2) किन्नरों या ट्रांसजेंडरों को शामिल किया गया है। इस अनुसूची के मुताबिक आगामी सिपाही या दारोगा की नियुक्तियों में हर पांच सौ पदों पर एक ट्रांसजेंडर की सीधी नियुक्ति की जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि थर्ड जेंडरों की नियुक्ति के लिए बिहार पुलिस की अगली तमाम नियुक्तियों में सीट अलग से रिजर्व रखी जाएगी।

सामान्य प्रशासन की तरफ से संकल्प पत्र जारी
सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी किए गएं संकल्प पत्र के मुताबिक हर पांच सौ की नियुक्ति के स्लॉट में पिछड़ा वर्ग सूची के तहत एक ट्रांसजेंडर की नियुक्ति होगी। अगर नियुक्ति के पैमाने पर योग्य ट्रांसजेंडर नहीं मिले तो फिर पिछड़ा वर्ग कोटि के सामान्य उम्मीदवार उक्त पद पर आवेदन कर सकेंगे। ग़ौरतलब है कि अगले कुछ महीने में बिहार पुलिस के लिए बड़ी तादाद में दारोगा और सिपाही की बहाली होने वाली है। आंकड़ों के के हिसाब से देखा जाए तो पुलिस में क़रीब 51 किन्नरों की नियुक्ति की जाने की उम्मीद है। इन नियुक्तियों में 41 सिपाही और 10 थर्ड जेंडरों को सीधे दारोगा बनने का मौका मिल सकता है।

थर्ड जेंडरों के लिए पुलिस सेवा में सीट आरक्षित
मुख्य सचिव की बैठक के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने इस पर मुहर लगा दी है। आपको बता दें कि बैठक में चैतन्य प्रसाद (गृह विभाग सह सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव) सेंथिल कुमार (गृह सचिव), महेंद्र कुमार (सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव) और अनिमेष पांडेय (गृह विभाग विशेष शाखा के संयुक्त सचिव) मौजूद थे। ग़ौरतलब है कि पिछले साल इस बाबत बिहार हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने बिहार सरकार को ज़रूरी निर्देश दिया था। जिसमे पुलिस सेवा में किन्नरो की नियुक्ति के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर जवाब देते हुए सरकार ने थर्ड जेंडर के लिए पुलिस सेवा में सीट आरक्षित करने की बात कही थी।

पुलिस विभाग में थर्ड जेंडरों की नियुक्ति
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार इससे पहले पुलिस विभाग में थर्ड जेंडरों की नियुक्ति कर चुकी है। छत्तीसगढ़ पुलिस में 13 थर्ड जेंडरों का कॉन्स्टेबल के पद पर तैनाय किया गया था। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने थर्ड जेंडर कॉन्सटेबलों को सम्मानित भी कर चुके हैं। सीएम भूपेश बघेल ने सीएम हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान थर्ड जेंडर समुदाय के 13 पुलिस आरक्षकों को सम्मानित कर बधाई और शुभकामनाएं भी दी थी। उन्होंने कहा था कि थर्ड जेंडरों के कल्याण के लिए संचालित कार्यक्रम और छत्तीसगढ़ शासन की नीति का फ़ायदा उठाकर थर्ड जेंडरों ने अपनी ज़िंदगी को नई रौशनी दी है।
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