बिहार: बेगूसराय में भी की जा रही सेब की खेती, लाखों रुपये कमा रहे किसान, जानिये कैसे ?
सेब की खेती से ज़्यादातर ठंडे प्रदेशों में होती है और इसकी खेती किसान अपनी आर्थिक स्थिति को काफ़ी हद तक सुधार सकते हैं।
पटना, 08 मार्च 2022। सेब की खेती से ज़्यादातर ठंडे प्रदेशों में होती है और इसकी खेती किसान अपनी आर्थिक स्थिति को काफ़ी हद तक सुधार सकते हैं। आपने आज तक यही देखा और सुना होगा कि सेब की खेती ठंडे प्रदेशों में की जाती है लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि सेब की खेती अब गर्म प्रदेशों में भी की जा सकती है। अब सेब की कई क़िस्में विकसित हो गई हैं जिसकी वजह से किसान अब गर्म प्रदेशों में भी सेब की खेती कर पा रहे हैं। इसी कड़ी में बिहार के बेगूसराय ज़िला के रहने वाले एक किसान अमित कुमार ने इस पर पहल करते हुए बेगूसराय में सेब की खेती कर रहे हैं।

अब बिहार में भी हो रही सेब की खेती
सेब की खेती के लिए ज़ेहन में सबसे पहले जम्मु और हिमाचल प्रदेश का नाम सामने आता है, लेकिन बिहार में सेब की खेती की बात सुन कर कई लोगों को यक़ीन करना मुश्किल है, लेकिन हक़िक़त यही है कि अब बिहार में भी सेब की खेती हो रही है। बेगूसराय के रहने वाले किसान अमित कुमार ने बीएससी (एग्रीकल्चर) की पढ़ाई की है। उन्होंने ने ही अपने ज़िले में सेब की खेती की पहल शुरू की है। सेब की खेती ज़्यादातर ठंडे प्रदेशों में होती है लेकि अमित कुमार ने क़रीब साल भर पहले अपने खेतों मे सेब के ऐसे पौधे लगाए थे जिन्हें 40 से 45 डिग्री तापमान पर उगाया जा रहा है। अमित कुमार के मुताबिक ऊंचे तापमान के लिए हरमन-99 के नाम से एक खास किस्म तैयार की गई जिसकी खेती गर्म प्रदेशों में की जा सकती है। हरमन-99 का प्रयोग राजस्थान में कामयाब रहा इस वजह से उन्होंने बिहार में बिहार में भी प्रयोग को दोहराया और कामयाबी हासिल की।

गर्म प्रदेशों में हो सकती है हरमन-99 वेरायटी की खेती
अमित कुमार के मुताबिक हरमन-99 वेरायटी पथरीली मिट्टी, दोमट या लाल मिट्टी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है। बेगूसराय भी सेब की इस वेरायटी की खेती के लिए उपयुक्त है। ग़ौरतलब है कि किसी भी फसल की खेती के लिए सबसे जरूरी जलवायु है। आ अगर इसके मुताबिक खेती करते हैं तो आपको कामयाबी ज़रूर मिलती है। हरमन-99 वेरायटी को जलवायु के मुताबिक तैयार किया गया है। यही वजह है कि गर्म प्रदेशों में सेब की इस वेरायटी की खेती बहुत ही आसानी की जा रही है। आपको बता दें कि बिहार के औरंगाबाद ज़िले में हरमन-99 की खेती की जा रही है। वहां के किसानों की कमाई लाखों में हो रही है। आपको बता दें कि पिछले साल 4 कट्ठा जमीन में अमित कुमार ने 86 पौधे लगाए थे जो अब फल देने लायक हो चुके हैं। वह अपनी खेती को और बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

15 लाख रुपये तक का हो सकता है मुनाफ़ा
कृषि के जानकारों की मानें तो 1 एकड़ में सेब अगर सेब की की खेती की जाए तो एक सीज़न में क़रीब 8 लाख रुपये तक का मुनाफ़ा हो सकता है। वहीं अगर दो बीघे ज़मीन में सेब की खेती की जाए तो एक साल में क़रीब 15 लाख रुपये मुनाफ़ा होने की उम्मीद है। बेगूसराय में जो हरमन-99 की खेती की जा रही है उन सेबों का आकार, रंग और स्वाद हिमाचल और जम्मू में उगाए गए सेब की तरह ही होगा। कृषि जानकारों की मानें तो हरमन-99 वेरायटी के पौधे को लगाने से पहले गड्ढा खोद कर उसे रोगनाशक दवा से उपचारित करें ताकि पौधा ख़राब नहीं हो। इसके साथ पौधे को कर्बेंडाजाइम में उपचारित करके लगाएं। सेब की खेती में ज्यादा लागत नहीं आती है लेकिन समय पर सिंचाई की जरूरत होती है। हरमन-99 वेरायटी के पौधे को नवंबर से फरवरी अंत तक लगाया जा सकता है।
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