PM मोदी के मास्टर स्ट्रोक के बाद भी पंजाब में नहीं मिलेगा भाजपा को फ़ायदा, जानिए क्या है वजह ?
चुनाव में भाजपा के लिए किसान आंदोलन बहुत बड़ी चुनौती लग रही थी। इसलिए पीएम मोदी ने कृषि कानून रद्द करने का ऐलान किया है। किसान नेता दलबीर सिंह ने वन इंडिया हिंदी से बात चीत की और चुनावी तैयारियों की चर्चा की।
चंडीगढ़, 21 नवम्बर 2021। विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुई हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी पहली बार पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के बिना चुनावी मैदान में उतर रही है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने यह बात साफ कर दी है, कि भारतीय जनता पार्टी सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस ने 77 सीटें जीतकर पंजाब में पूर्ण बहुमत हासिल करते हुए सत्ता पाई थी। इस बार चुनाव में भाजपा के लिए किसान आंदोलन बहुत बड़ी चुनौती लग रही थी। इसलिए पीएम मोदी ने कृषि कानून रद्द करने का ऐलान किया है। किसान नेता दलबीर सिंह ने वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए यह दावा किया कि पीएम मोदी के मास्टर स्ट्रोक के बावजूद भी भाजपा को इसका फ़ायदा नहीं पहुंचेगा।

'भाजपा को वोट नहीं देंगे'
किसान नेता दलबीर सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि कानूनों के फ़ैसले वापस लेने के बाद भी किसान भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देंगे। सभी किसान संयुक्त मोर्चा के निर्णय पर अमल करेगा, मोर्चे में जो भी फ़ैसला लिया जाएगा वो मंजूर है। उन्होंने कहा कि ऐसे तो वोट देने के लिए सभी स्वतंत्र हैं जिन्हें जहां मन हो वहां वोट कर सकते हैं लेकिन हम लोगों ने यह फ़ैसला लिया है कि किसी भी पार्टी को वोट दे देंगे लेकिन भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देंगे। किसानों के अलावा अन्य लोगों से भी यही कहेंगे कि भाजपा को छोड़कर किसी भी पार्टी को वोट करें लेकिन भाजपा को वोट नहीं दें।

'तानाशाही की वजह से शहीद हुए किसान'
दलबीर सिंह ने कहा कि सिर्फ़ मोदी के तानाशाही रवैय्यै की वजह से हमारे 700 से ज्यादा किसान शहीद हो गए। किसान अपने भाईयों की शहादत को नहीं भूला है, हम सभी लोगों ने करीब 1 साल तक ठंड, बरसात, गर्मी सब झेला है। हम लोग खुद पर हुए अत्याचार को नहीं भूल सकते हैं। पीएम मोदी चाहे कितने भी लोकलुभावने वादे कर ले लेकिन अब कोई भी किसान भारतीय जनता पार्टी के झांसे में नहीं आने वाला है। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में किसानों की महापंचायत हुई, जिसमे पूरे देश से काफ़ी तादाद में किसान और किसान समर्थक पहुंचे। सभी किसान भाईयों का यही कहना था कि हम लोगों ने शांतिपूर्ण तरीक़े से अपनी बात रखी इसके बाद भी दिल्ली की कोठियों में बैठे लोगों को अपनी बात समझाने में साल भर लग गए।

पीएम मोदी पर कटाक्ष
किसानों का यही कहना है कि केन्द्र की भाजपा सरकार किसानों को बांटना चाह रही थी। लेकिन हम सभी किसान अपना आंदोलन उस वक्त ख़त्म करेंगे जब हम लोगों को लिखित रूप से कृषि कानून रद्द करने का दस्तावेज़ दिया जाएगा। इसके साथ ही हम लोगों की अन्य मांगों पर भी फ़ैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब मोदी सीएम थे तो उन्होंने एमएसपी गारंटी कानून बनाने की सिफारिश की थी लेकिन अब वो देश के प्रधानमंत्री हैं इसके बावजूद वो किसानों के हक में एमएसपी गारंटी कानून लाने से कतरा रहे हैं। हम सभी किसान भाई की तरफ़ से साफ़ शब्दों में कह रहे हैं कि किसी भी दूसरी सियासी पार्टी को वोट दे देंगे लेकिन भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देंगे। इसके साथ ही अन्य लोगों से भी गुज़ारिश करेंगे कि भाजपा को वोट नहीं दें क्योंकि 'बीजेपी मतलब बड़का झूठी पार्टी' है। चुनाव हारने की डर से पीएम मोदी ने अपना फ़ैसला बदला है नहीं तो वह कभी अपना फ़ैसला नहीं बदलने वाले थे।
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