सिद्धू को दिल्ली तलब करने के पीछे की क्या है वजह, नवजोत सिंह का क्या हो सकता है अगला क़दम ?
विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पंजाब कांग्रेस का अंदुरूनी कलह से पीछा नहीं छूट पा रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू ने सीएम चन्नी के कुछ फ़ैसलों पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था
चंडीगढ़, अक्टूबर 13, 2021। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पंजाब कांग्रेस का अंदुरूनी कलह से पीछा नहीं छूट पा रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू ने सीएम चन्नी के कुछ फ़ैसलों पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था हालांकि कांग्रेस आलाकमान की तरफ़ से अभी इस्तीफ़ा मंजूर नहीं किया गया है। वहीं सियासी गलियारों में यह हल चल है कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान नवजोत सिंह सिद्धू को हिदायत देते हुए अध्यक्ष पद पर बने रहने का प्रस्ताव दे सकती है। ग़ौरतलब है कि कांग्रेस आलाकमान की तरफ़ से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पार्टी स्तर की बात को मीडिया या सोशल मीडिया के ज़रिए कहने से कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता परहेज़ करें। लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू इसके उलट हर मुद्दे को ट्वीटर के ज़रिए उठाते हुए अकसर नज़र आ जाते हैं। सियासी गलियारों में हल चल है कि इन्ही सब मुद्दों पर बात करने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को दिल्ली तलब किया गया है। नवजोत सिंह सिद्धू 14 अक्तूबर को शाम 6 बजे हरीश रावत और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल उनके निवास पर मुलाकात करेंगे।

कई अहम मुद्दों पर चर्चा
नवजोत सिंह सिद्धू से कांग्रेस आलाकमान के साथ बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र संगठनात्मक मुद्दों पर भी पर राय शुमारी की जाएगी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू ने इस्तीफ़ा तो दे दिया लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने इस पर कोई फ़ैसला नहीं लिया है। पंजाब की सियासत में यह बात भी सुर्खियों में है कि नवजोत सिंह सिद्धू के नवनियुक्त सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के साथ ताल्लुक़ात भी अच्छे नहीं रह रहे हैं। शायद यही वजह है कि सिद्धू ने सीएम चन्नी के बेटे की शादी से नदारद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कार्यशैली पर जिस तरह नवजोत सिद्धू सवाल उठा रहे थे। अब उसी तरह वह नवनियुक्त सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पर भी हमलावर हैं। जिस मुद्दे पर वह कैप्टन अमरिंदर सिंह को घेर रहे थे ठीक उसी तरह बेअदबी और ड्रग मामले में अब वह चन्नी सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

CM चन्नी से सिद्धू ख़फ़ा
नवजोत सिंह सिद्धू ने सीएम चन्नी के फ़ैसले पर एतराज़ जताते हुए इस्तीफ़ा भी दे दिया । जिससे यह साफ़ ज़ाहिए होता है कि पंजाब कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू ख़ुद को सुपर पॉवर के तौर पर दिखाना चाहते हैं। हालांकि कांग्रेस आलाकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच पैदा हुई दूरी को कम करने की बहुत कोशिश की लेकिन कामयाबी हासिल नहीं हो पाई। लखीमपुर खीरी के लिए रोष मार्च वाले वायरल वीडियो में नवजोत सिंह सिद्धू पर कई आरोप लगे। हालांकि वीडियो में यह साफ नहीं हो पा रहा है कि सिद्धू ने क्या बात बोली थी। वह सीएम चन्नी के बेटे की शादी में नहीं गए और ठीक उसी दिन पंजाब में बिजली संकट को लेकर चन्नी सरकार पर निशाना साधते नज़र आए। इन सभी पैदा हुए हालातों के बाद कांग्रेस हाईकमान द्वारा सिद्धू को तलब किए जाने पर कई तरह के कयास शुरू हो गए हैं।

फ़ैसला वापस लेने का इंतेज़ार !
राजनीतिक सलाहकारों की मानें तो नवजोत सिंह सिद्धू ने इस इंतज़ार में अपना इस्तीफा कांग्रेस आलाकमान से में वापस नहीं लिया है, ताकि नवनियुक्त सीएम चन्नी अपने फैसले वापस लें और अपने द्वारा की गई डीजीपी और एजी की नियुक्ति को ख़ारिज करें। उधर कांग्रेस आलाकमान ने भी सिद्धू की इस हरकत से काफ़ी नाराज चल रही है। हाल ही में कांग्रेस हाईकमान ने यह भी साफ कर दिया है कि चरणजीत सिंह चन्नी ही पंजाब में अगले चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे। वहीं हरीश रावत ने सिद्धू के तलब किए जाने वाले मुद्दे पर कहा कि सगंठनात्मक मुद्दों पर चर्चा के लिए 14 अक्टूबर को सिद्धू को बुलाया गया है।

सिद्ध के मुद्दे पर हो सकती है चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह भी क़यास लगाए जा रहे हैं कि अगर कांग्रेस आलाकमान ने इस बार भी सिद्धू के इस्तीफ़े पर कोई क़दम नहीं उठाया तो आक्रामक तेवरों के साथ नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब लौटेंगे। हमेशा की तरह अपने सरकार पर हमलावर होने के साथ सीएम चन्नी पर निशाना साधेंगे। क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू सीएम चन्नी से दूरी बनाए हुए हैं यह बात उन्होंने चन्नी के बेटे के शादी में शरीक नहीं होकर साफ कर दी। सियासी जानकारों का कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा लगातार अपने सरकार पर निशाना साधने से साफ़ ज़ाहिर हो रहा है कि वह कुर्सी की लालसा में हैं। कांग्रेस के हितों के लिए बिलकुल भी नहीं सोंचते हैं।
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