क्या पंजाब कांग्रेस को अलविदा कहना चाहते हैं नवजोत सिद्धू, इन बयानों से मिल रहे हैं संकेत ?
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर विपक्ष तो हमलावर है ही साथ ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू भी सरकार के सामने नई मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 8 नवम्बर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे क़रीब आ रहे हैं, पंजाब कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर विपक्ष तो हमलावर है ही साथ ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू भी सरकार के सामने नई मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने सरकार पर दोबारा से हमला बोलते हुए कहा कि कहा कि पंजाब के पहरेदारों को बेअदबी मामले में इंसाफ दिलाना था, लेकिन वही ढाल बन गए हैं। वहीं नवजोत सिंह सिद्धू ने सस्ती बिजली और पेट्रोल-डीजल पर भी सरकार को घेरते हुए सवालिया निशान लगाया है। उन्होंने कहा कि बिजली समझौता किए बिना सस्ती बिजली कहां से दोगे? पेट्रोल-डीजल तो सस्ता कर दिया, क्या 5 साल तक ऐसा रहेगा? सिद्धू लगातार चन्नी सरकार की मुश्किले बढ़ा रहे हैं।

सिद्धू ने दी चेतावनी
कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तंज कसते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि उन्हें राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं थी इसलिए बदल दिया गया। वहीं अब ठीक उसी तरह नवजोत सिंह सिद्धू अब चन्नी सरकार पर भी आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं पंजाब कांग्रेस का प्रधान हूं, लेकिन मेरे पास कोई एग्जीक्यूटिव पावर नहीं है।उन्होंने कहा की चरणजीत चन्नी को मैंने CM नहीं बनाया है, कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है। डीजीपी और एडवोकेट जनरल की नियुक्ति को लेकर अब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार कंप्रोमाइजिंग अफसर चुने या फिर पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष चुने। सिद्धू की इस तरह की चेतावनी से यह संकेत मिल रहे हैं कि या तो सिद्भू पंजाब कांग्रेस की पूरी पॉवर अपने हाथ में लेना चाहते हैं या फिर उन्हें प्राटी से निष्कासित कर दिया जाए तो वह दूसरी पार्टी में शामिल हो सकें।
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सिद्धू की बढ़ रही नाराज़गी
नवजोत सिंह सिद्धू की सरकार के प्रति नाराजगी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। क़यास लगाए जा रहे हैं कि नाराज़गी और भी बढ़ सकती है। चर्चाएं यह भी हैं कि रविवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में एजी एपीएस देयोल के इस्तीफे पर कोई चर्चा नहीं हुई। डीजीपी को हटाने के लिए भी अभी तक UPSC से पैनल नहीं आया। इन सब मुद्दों को लेकर नवजोत सिह सिद्धू नाराज़ चल रहे हैं। ग़ौरतलब है कि पंजाब भवन में नवजोत सिद्धू ने कहा कि 9 अप्रैल 2021 को हाईकोर्ट ने दूसरी SIT की जांच रद्द की थी। यह दोनों मामले कोटकपूरा फायरिंग से जुड़े थे। हाईकोर्ट ने नई SIT से जांच के लिए कहा था। इसके लिए 6 महीने का टाइम दिया था। इसके बाद 7 मई 2021 को दूसरी एसआईटी बनी। सिद्धू ने कहा कि 6 महीने पूरे हो चुके हैं अब तक चार्जशीट नहीं आई।

चन्नी सरकार से सवाल
नवजोत सिह सिद्धू ने कहा कि बेअदबी के मामले में 2 FIR दर्ज हुई हैं। इनमें 129 नंबर में मुख्य आरोपी पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी है। जब सैनी को ब्लैंकेट बेल मिली है तो जांच कैसे होगी। सिद्धू ने पूछा कि नई सरकार ने सैनी की ब्लैंकेट बेल तोड़ने के लिए क्या किया?।सिद्धू ने चन्नी सरकार पर सवाल उठाए कि क्या उन्होंने कोई याचिका दायर की। एसएलपी में हफ्ते में केस लग जाता है। सिद्धू ने कहा कि जिसे मर्जी नियुक्त कर दो, लेकिन सवाल नैतिकता का है। डीजीपी इकबालप्रीत सहोता के बारे में सिद्धू ने कहा कि उन्होंने क्लीन चिट दी और एडवोकेट जनरल एपीएस देयोल ने ब्लैंकेट बेल दिलाई है।

सिद्धू कर सकते हैं बड़ा धमाका
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि एसटीएफ की रिपोर्ट का इतने साल से इंतजार कर रहे हैं। कोर्ट कहती है कि रिपोर्ट आपकी है, सार्वजनिक कर दो, हम किससे डरते हैं। हमें किस बात की घबराहट है। हम क्या छिपा रहे हैं। कोर्ट का रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए कोई ऑर्डर नहीं है।सिद्धू ने कहा कि मैं कभी स्टेज पर बिना नैतिकता के नहीं चढ़ा। सिद्धू पौने 5 साल से वहीं खड़ा है। जो बदले हैं, वे अपना स्टैंड क्लियर करें। मेरी लड़ाई व्यक्तिगत कुर्सी के खातिर नहीं है। सिद्धू का यह सवाल भी सीधे तौर पर सीएम चरणजीत चन्नी और डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा के लिए माना जा रहा है, जो कैप्टन के सीएम रहते इन मुद्दों को उठाते रहे। सिद्धू जिस तरह से सरकार के खिलाफ़ हमलावर हैं इससे लग रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धू बड़ा धमाका कर सकते हैं।

सुखबीर बादल ने भी साधा निशाना
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने चरणजीत सिंह चन्नी पर निशाना साधा नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने पंजाब के डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को 2015 की बेअदबी और कोटकपूरा फायरिंग मामलों में बादल परिवार को फंसाने का निर्देश दिया है। अकाली दल प्रमुख ने कहा कि चन्नी सरकार को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। इसी के साथ शिअद सुप्रीमो ने बादल परिवार को फंसाने के लिए झूठे गवाहों की व्यवस्था करने पर कांग्रेस सरकार और पंजाब के पुलिस महानिदेशक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। उन्होंने दावा किया कि सीएम चन्नी और उनके डिप्टी पांच सदस्यीय एसआईटी बैठकों में भाग ले रहे थे और बेअदबी मामले की स्वतंत्र जांच के लिए उच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे।
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