AAP ने पंजाब को दिवालियापन में धकेल दिया है, कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रही सरकार: वड़िंग
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ की सरकार ने राज्य को दिवालियापन में धकेल दिया है। सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन भी नहीं दे पा रही है।
चंडीगढ़, 7 सितंबर 2022। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 'आप' की सरकार ने राज्य को दिवालियापन में धकेल दिया है। सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन भी नहीं दे पा रही है। प्रदेश में ऐसे हालात कभी नहीं बने, अगर सरकार ने वित्तीय मामलों को संभालने में कुछ वित्तीय विवेक और समझदारी दिखाई होती तो इनसे बचा जा सकता था। आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर काम करने की बजाए मीडिया मीडिया में दिखावा के लिए फिजूलखर्ची कर रही है। अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि सरकार की गलत चीज़ों को प्राथमिकता दे रही है। सरकार ने लोगों की भलाई पर खर्च करने या फिर अपने कर्मचारियों के वेतन देने की बजाय पैसों को विज्ञापनों पर बर्बाद कर दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि यह अब तक की सबसे नाकाबिल सरकार है। पंजाब की आर्थिक और वित्तीय गिरावट की शुरुआत हो चुकी है। वड़िंग ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में हालात और खराब होने की आशंका है। 'आप' ने पंजाब के लोगों की वोट लेने के लिए उनसे झूठे वादे कर धोखा किया । अभी तक पंजाब में हर महिला को 1000 रुपये प्रति माह देने जैसे वादे पूरे करने बाकी हैं। सरकार अपने स्टाफ का वेतन ही नहीं दे सकती, तो वह इन लोक लुभावन स्कीमों के को कैसे पूरा करेगी।
वड़िंग ने खुलासा करते हुए कहा कि सरकार ने केंद्र द्वारा इस साल जून में जीएसटी मुआवजा बंद किए जाने के मद्देनजर भी कोई वैकल्पिक प्रबंध नहीं किए। सरकार द्वारा रेत के खनन से 20 हज़ार करोड़ रुपये जुटाने संबंधी दावे का जिक्र करते हुए पूछा कि यह रकम कहां गई? वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट के एसवाईएल मुद्दे पर आदेश के अगले दिन सीएम मान भगवंत मान के हिसार दौरे की योजना बनाई थी।
राजा वड़िंग ने हरियाणा के संदर्भ में भगवंत मान की राजनीतिक समझ पर सवाल किया है। कहीं भी जाने का फैसला करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है, लेकिन राजनीतिक समझ यह मांग करती थी कि कम से कम आज सीएम मान को अरविंद केजरीवाल के साथ हिसार जाने से बचना चाहिए था। उन्होंने कहा कि एसवाईएल के मुद्दे पर हरियाणा के साथ पंजाब "जीने या मरने" की कानूनी लड़ाई में आ चुका है, जो राज्य के किसानों, खास तौर पर मालवा क्षेत्र के लिए, जिंदगी और मौत का विषय है, जहां से मान खुद भी ताल्लुक रखते हैं और यहां मुख्यमंत्री हरियाणा के लोगों की मेहमान नवाजी का आनंद ले रहे थे।
वड़िंग ने आशंका जाहिर की है कि शायद केजरीवाल ने जानबूझकर आज के लिए मान के हिसार दौरे की योजना बनाई हो, क्योंकि एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट में एसवाईएल के केस पर सुनवाई हुई थी। ऐसे में मान को अपने साथ ले जाकर केजरीवाल हरियाणा के लोगों को यह बताना चाहते होंगे कि पंजाब के मुख्यमंत्री उनकी आज्ञा का पालन करते हैं और वह उनसे कुछ भी करवा सकते हैं।
इसके अलावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एसवाईएल के मुद्दे पर मान का हिसार में बयान उत्साह पूर्ण नहीं था। जिन्हें यह स्पष्ट तौर पर कहना चाहिए था कि पंजाब के पास देने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है और इससे स्पष्ट संदेश जाना चाहिए था। लेकिन उन्होंने अस्पष्ट रहने की कोशिश की, शायद वह सुझाव दे रहे थे कि पानी बांटा जा सकता है।
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