पंजाब में नेता प्रतिपक्ष का फ़ैसला नहीं ले पा रही कांग्रेस, पार्टी किसे देगी मौक़ा, जानिए क्या है मामला ?
पंजाब में आम आदमी पार्टी के कैबिनेट का गठन हो चुका है वही विधानसभा को नेता विपक्ष अभी भी नहीं मिला पाया है।
चंडीगढ़, 23 मार्च 2022। पंजाब में आम आदमी पार्टी के कैबिनेट का गठन हो चुका है वही विधानसभा को नेता विपक्ष अभी भी नहीं मिला पाया है। चुनावी राज्यों में हार के बाद कांग्रेस जल्दबाज़ी में कोई क़दम नहीं उठाना चाह रही है। इसलिए पंजाब में विधायक दल का नेता चुन्ने के लिए कांग्रेस आलाकमान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक अभी विधायक दल के नेता के नाम की घोषणा में वक़्त लगेगा। पार्टी आलकमान ने पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी को इस बाबत ज़िम्मेदारी सौंप दी है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हुए दो हफ़्ते पूरे होने वाले हैं इसके बावजू कांग्रेस नेता विपक्ष का एलान नही कर पा रही है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पार्टी के नेताओं को एकजुट रखना बताई जा रही है।

पार्टी के नेताओं को एकजुट रखना चुनौती
कांग्रेस आलाकमान विधायक दल का नेता उस व्यक्ति को बनाना चाह रही है जिससे सभी विधायक सहमत हों। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी में फूट पड़ सकता है। क्योंकि पार्टी में गुटबाज़ी की वजह से कांग्रेस पहले ही विधानसभा में ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ चुका है। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी नेता विपक्ष का एलान करने से पहले पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सलाह मशवरा कर रहे हैं। सबकी रायशुमारी के बाद ही नेता विपक्ष के नाम पर मुहर लगेगी। पंजाब में अभी पार्टी अध्यक्ष के चयन का मुद्दा भी काफ़ी अहम माना जा रहा है। पार्टी अध्यक्ष का सही चयन नहीं हुआ तो कांग्रेस अपने नेता और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में कामयाब नहीं हो पाएगी।

सिर्फ़ 18 सीटों पर ही है कांग्रेस का क़ब्ज़ा
पंजाब के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि कांग्रेस नेता विपक्ष के साथ-साथ पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के नाम की भी घोषणा कर सकती है। आपको बता दें कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सिर्फ़ 18 सीटों पर ही क़ब्ज़ा जमा पाई थी। चरणजीत सिंह चन्नी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ़ से मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाए गए थे। कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव में मिली हार पर मंथन कर रही है। सोनिया गांधी ने चुनाव में कहां चूक हुई सारे वजहों को पता लागने की ज़िम्मेदारी अजय माकन को सौंपी है। पंजाब कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से फ़ीडबैक लेकर सोनिया गांधी को अजय माकन रिपोर्ट सौंपेंगे। अजय माकन के रिपोर्ट के बाद ही पार्टी आलाकमान पंजाब कांग्रेस में बदलाव पर फैसला लेगी।

नेता विपक्ष की सूची में कई नाम शामिल
पंजाब में ने नेता विपक्ष की बात की जाए तो सूची में सबसे ऊपर चार बार विधायक, एक बार सांसद और एक बार राज्यसभा सदस्य रहे प्रताप सिंह बाजवा का नाम है। वही दूसरे नंबर पर पांच बार विधायक बने तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा का नाम है। इसके अलावा चार बार विधायक बने और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम भी चर्चा में है। हालांकि पूर्व परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह वडिंग का नाम भी सुर्खियों में है। इसके साथ ही सुखपाल खैहरा और महिला चेहरा के तौर में चार बार विधायक बनीं अरुणा चौधरी का नाम भी इस रेस में शामिल है।
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