पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस आलाकमान गंभीर, इस तरह सुलझाए जा रहे पार्टी के मुद्दे
विधानसभा चुनाव के दिन नज़दीक आ रहे हैं, पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।
चंडीगढ़, अक्टूबर 23,2021। विधानसभा चुनाव के दिन नज़दीक आ रहे हैं, पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस को इसका ख़ामियाज़ा नहीं भुगतना पड़े इसके लिए आलाकमान ख़ुद भी सतर्क हो गया है। हाल ही में पंजाब प्रभारी हरीश रावत को पद से मुक्त कर हरीश चौधरी को पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनाया गया। वहीं अब ख़बर आ रही है कि हरीश चौधरी भी मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। वह अभी राजस्थान सरकार में राजस्व मंत्री हैं। हरीश चौधरी से जब राजस्थान के कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो शुरू से ही 'एक व्यक्ति एक पद' में विश्वास रखते हैं। जो भी फ़ैसला लेंगे उसके बारे में बता देंगे। पार्टी आलाकमान के फैसले का सम्मान करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की विचारधारा को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए वह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे।

'पंजाब की बेहतरी के लिए करेंगे काम'
पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि वह पंजाब की बेहतरी के लिए सबको साथ लेकर चलेंगे। पंजाब को 'पंजाबियत' के आधार पर आगे बढ़ाने के लिए सभी को साथ लेकर चलूंगा। हरीश चौधरी ने कहा कि पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अगर कैप्टन वाले काम किए होते तो पंजाब में मुख्यमंत्री बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने दावा करते हुए कहा पंजाब में कांग्रेस फिर से सरकार बनाएगी, मौजूदा वक्त में कोई भी सियासी दल कांग्रेस से लड़ने की स्थिति में नहीं है। वही अब नवजोत सिंह सिद्धू और चन्नी के विवाद को भी ख़त्म करने की कांग्रेस आलाकमान पुरज़ोर कोशिश कर रही है। इन्हीं सब मुद्दों के बीच उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु ने कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की और उन्हें मौजूदा हालात की जानकारी दी।

कांग्रेस आलाकमान से मुलाक़ात
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से डीजीपी और एजी की नियुक्ति को लेकर नाराज़ चल रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान इस मुद्दे को लेकर बहुत ही ज़्यादा गंभीर है और इसका हल निकालने के पीछे चर्चा की जा रही है। इस बाबत शुक्रवार को पंजाब सरकार के चॉपर से उप मुख्यमंत्री रंधावा और कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु दिल्ली पहुंचे। दोनों नेताओं ने दिल्ली में कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। हालांकि पार्टी नेताओं ने सुखजिंदर रंधावा और भारत भूषण आशु की बैठक को अनौपचारिक मुलाकात करार दिया है। दलील यह दी जा रही है कि उप मुख्यमंत्री बनने के बाद रंधावा ने हाईकमान का धन्यवाद नहीं किया इसलिए आलाकमान का शुक्रिया अदा करने गए थे।

हरीश रावत ने पार्टी आलाकमान से की थी अपील
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी रहे हरीश रावत ने पार्टी आलाकमान से प्रभारी पद से मुक्त करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पंजाब और उत्तराखंड दोनों जगह चुनाव आने वाले हैं, दोनों जगहों पर उन्हें पूरा वक़्त देना होगा। इसलिए उनके लिए यह मुमकिन नही हो पा रहा है कि वह दोनों जगह पूरा वक़्त दे पाएं। हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। हरीश रावत के अपील को मानते हुए आलाकमान ने राजस्थान के कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी को पंजाब कांग्रेस प्रभारी नियुक्त किया।
ये भी पढ़ें : पंजाब में बदले सियासी समीकरण, सत्ता पक्ष के साथ सुर में सुर मिला सकते हैं विपक्षी दल












Click it and Unblock the Notifications