पंजाब: विधायक अंगद सिंह का क्यों कटा टिकट, बीवी के बग़ावती तेवर या फिर कुछ और है वजह ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस ने सभी विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
चंडीगढ़, 31 जनवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस ने सभी विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने रविवार को 8 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की। इसके बाद से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में काफ़ी रोष हैं। कुछ प्रत्याशियों को यह उम्मीद थी की वह आखरी सूची में उन्हें जगह मिल जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं रायबरेली से विधायक अदिति सिंह ने हाल ही में कांग्रेस को अलविदा कह कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। उनके पति अंगद सैनी को पार्टी ने पंजाब के नवांशहर सीट से टिकट से नहीं दिया। ग़ौरतलब है कि अंगद सिंह नवांशहर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के मौजूदा विधायक हैं।

अंगद सिंह का क्यों कटा टिकट ?
पंजाब में कांग्रेस से अंगद सिंह का टिकट कटने के बाद चर्चाओं का बज़ार गर्म है, कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। कुछ लोग तो यह कह रहे हैं कि यूपी में बीवी की बग़ावत की वजह से पंजाब में उनके पति का टिकट काट दिया गया है। आपको बता दें कि यूपी में पिछले कई दिनों से अदिती सिंह पार्टी लाइन से बाहर जाकर बयानबाज़ी कर रही थी। उनके तेवर को देखते हुए यह अंदाज़ा लगाया जा सकता था कि वो पार्टी से इस्तीफा देंगी और वैसा ही हुआ। अदिती सिंह ने कांग्रेस का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। इसके साथ ही भाजपा ने उन्हें रायबरेली से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। सियासी गलियारों में यही चर्चा है कि पत्नि की वजह से पंजाब में कांग्रेस ने उनके पति उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

अंगद की जगह सतवीर सिंह को दिया टिकट
पंजाब कांग्रेस ने नवांशहर से विधायक अंगद सिंह की जगह पर जिला योजना बोर्ड के अध्यक्ष सतवीर सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है। सूत्रों की मानें तो पंजाब में नवांशहर से कांग्रेस अंगद सिंह को उम्मीदवार घोषित कर देती लेकिन उनकी पत्नी नें यूपी में भाजपा का दामन थाम लिया जिस वजह से कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंगद सिंह को टिकट देने का विरोध कर दिया वहीं कुछ नेताओं ने उन्हें टिकट देने का समर्थन भी किया था। अंगद सिंह को टिकट देने का विरोध करने वाले गुटों का कहना था कि वह (अंगद सिंह) चुनाव जीतने के बाद भविष्य में अपनी पत्नि की तरह ही कांग्रेस का साथ छोड़ सकते हैं। इसलिए उन्हें टिकट देने की बजाए दूसरे प्रत्याशी को नवांशहर से उम्मीदवार घोषित किया जाए। पार्टी में नेता और कार्यकर्ता एकजुट रहे इसलिए कांग्रेस आलाकमान ने सबके सुक्षाव पर सतवीर सिंह को उम्मीदवार घोषित किया।

अंगद सिंह निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव
अंगद सिंह ने टिकट कटने के बाद बग़ावती तेवर अपनाते हुए नवांशहर से आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। इस बाबत उन्होंने सरपंच, जिला परिषद सदस्यों और पार्षदों के साथ बैठक भी आमंत्रित की। सियासी जानकारों की मानें तो अंगद सिंह की बगावत से नवांशहर में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि वहां के नेता और कार्यकर्ता दो गुटों में बंट चुके हैं। इससे कांग्रेस के वोटों का ध्रुवीकरण होगा और दूसरी पार्टियों को फ़ायदा पहुंच सकता है। नवां शहर विधानसभा सीट पंजाबके नवांशहर जिले में आती है। 2017 में नवां शहर में कुल 29.70 फीसद वोट पड़े थे कांग्रेस से अंगद सिंह ने शिरोमणि अकाली दल के जरनैल सिंह वाहिद को 3323 वोटों के मार्जिन से हराया था। इस बार पंजाब लोक कांग्रेस से सतवीर सिंह पल्ली झिक्की, शिरोमणि अकाली दल से नछत्तर पाल, आम आदमी पार्टी से ललित मोहन उर्फ बल्लु पाठक चुनावी मैदान हैं।
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