पंजाब: चुनाव से ठीक पहले CM चन्नी की बढ़ी मुश्किलें, अरविंद केजरीवाल ने मारा मौक़े पर चौका
पंजाब में चुनावी तारीखों का एलान होते ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है।
चंडीगढ़, 18 जनवरी 2022। पंजाब में चुनावी तारीखों का एलान होते ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में पंजाब के मुख्यमंत्री स चरणजीत सिंह चन्नी ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से रूबरू होते हुए आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आम आदमी पार्टी ने किसानों के खिलाफ वक्तव्य दिए हैं, उससे पंजाब के लोगों में काफ़ी नाराजगी है। आम आदमी पार्टी अब एक ड्रामा पार्टी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता का आम आदमी पार्टी से भरोसा उठ गया है। आम आदमी पार्टी के फिरोजपुर ग्रामीण से उम्मीदवार आशु बांगड़ ने भी सोमवार को से पार्टी इस्तीफ़ा दे दिया और सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए। मीडिया से बातचीत करते हुए आशु बांगड़ ने कहा कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल एक मल्टीनेशनल कंपनी की तरह अपने स्वार्थ के लिए काम कर रहे हैं। पार्टी नीतियों से सहमत नहीं होने की वजह से उन्होंने (आशु बांगड़) इस्तीफा दिया है। वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी से सीएम चन्नी की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।

दस से ज्यादा ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सीएम चन्नी के क़रीबी रिश्तेदार के घर समेत अन्य ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध बालू खनन मामले में छापेमारी की। इस मामले पर सीएम चन्नी ने कहा कि मैं 2018 में मुख्यमंत्री नहीं था, हमें दबाने की कोशिश की जा रही है लेकिन पंजाबी कभी दबते नहीं है। उन्होंने कहा पश्चिम बंगाल में भी चुनाव के दौरान इसी तरह से ममता बनर्जी के रिश्तेदारों पर अटैक हुए थे। प्रवर्तन निदेशालय अब पंजाब में भी ऐसा ही कर रही है । चुनाव आने के बाद इन्हें ईडी की रेड याद आ गई है। हालांकि हम हारने वाले नहीं हैं, ये लोकतंत्र के लिए ख़तरा है। ग़ौरतलब है जिनके यहा छापेमारी हुई है उनका नाम भूपेंद्र सिंह हनी बताया जा रहा है। मोहाली में भूपिंदर सिंह हनी के घर समेत पंजाब में 10 से ज्यादा ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है।

केजरीवाल ने मारा मौक़े पर चौका
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय के रेड मामले में कहा कि बहुत ही अफसोस की बात है पंजाब सीएम के रिश्तेदार के घर पर अवैध बालू खनन मामले में छापेमारी हो रही है। राघव चड्ढा ने चरणजीत सिंह चन्नी को उनके हलके में रेत की चोरी से अवगत कराया था। उन्होंने भी दिखाया था कि किस तरह वहां पर रेत चोरी हो रही है लेकिन फिर भी चन्नी ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया। कोई कार्रवाई करने के बजाए उन्होंने जस्टिफाई करने की कोशिश की। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि वह (चन्नी) और उनका परिवार रेत माफिया से मिले हुए हैं। पंजाब की जनता से सवाल करते हुए कहा कि आप उनसे (चन्नी) पंजाब की भविष्य की क्या अपेक्षा करेंगे ?

कांग्रेस और AAP में होगा दिलचस्प मामला
मालवा, दोआबा और माझा तीनों क्षेत्रों के चुनावी सर्वेक्षण के आंकड़ों को देखा जाए तो आम आदमी पार्टी 52 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। इसके साथ ही कांग्रेस के खाते में 48 सीटों जा सकती हैं। वहीं बची हुई 17 सीटों में 9 सीटों पर शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन का क़ब्ज़ा हो सकता है। इसके अलावा 8 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी, पंजाब लोक कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के साथ ही पंजाब की अन्य सियासी पार्टियों को मिली जुली सीटें मिल सकती है। पंजाब में बतौर मुख्यमंत्री जनता किसे पसंद कर रही है इसके आंकडे की बात की जाए तो कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी 31 फ़ीसद, आम आदमी पार्टी के भगवंत मान को 26 फीसद, अरविंद केजरीवाल- 16 फीसद, शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर बादल को 10 फीसद, कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू नवजोत सिंह सिद्धू को 8 फीसद, अन्य उम्मीदवार को 6 फीसद और कैप्टन अमरिंदर सिंह (पंजाब लोक कांग्रेस) को 3 फीसदी जनता पसंद कर रही है। इस तरह आंकड़े को देखने से यह लग रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में कांटे की टक्कर होने वाली है।
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