Opinion: मुफ्त गुरबानी प्रसारण विवाद पर सीएम भगवंत मान ने की विरोधियों की बोलती बंद, दिया ये शानदार तर्क
Opinion: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने मुफ्त गुरबानी प्रसारण पर चल रहे विवाद पर विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब दिया है। कांग्रेस समेत अकाली दल के तर्क को सीएम मान ने यूं काट दिया है। उन्होंने विपक्षी दलों को अपने तर्क से समझाया कि कैसे गुरबानी का मुफ्त प्रसारण होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमृतसर में हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) से गुरबानी का प्रसारण सभी के लिए मुफ्त होना चाहिए। राज्य विधानसभा में प्रस्ताव के बाद अब सीएम मान सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 में एक नया खंड जोड़ने की योजना बना रही है।

बता दें कि हरमंदिर साहिब 1998 से सुबह और शाम गुरबानी का प्रसारण कर रहा है। गुरबानी के प्रसारण अधिकार 2007 से राजनीतिक रूप से शक्तिशाली बादल परिवार के स्वामित्व वाले पीटीसी नेटवर्क के पास हैं। पीटीसी नेटवर्क इसके लिए हरमंदिर साहिब का प्रबंधन करने वाली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति को सालाना 2 करोड़ रुपये का भुगतान करता है।
पीटीसी नेटवर्क का कहना है कि वह देश भर में एसजीपीसी की सभी सभाओं और कार्यक्रमों को कवर करता है और उन्हें अपने चैनल के माध्यम से दुनिया भर में दिखाता है। यह हर सप्ताह एसजीपीसी के कार्यक्रमों पर एक अलग कार्यक्रम भी प्रसारित करता है। पीटीसी नेटवर्क का दावा है कि वह कुल मिलाकर कवरेज और प्रसारण पर 10 से 12 करोड़ रुपये खर्च करता है। गुरबानी के प्रसारण के लिए एसजीपीसी और पीटीसी नेटवर्क का अनुबंध जुलाई 2023 में समाप्त हो रहा है।
हालांकि, आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने कहा है कि प्रसारण अधिकार निविदा प्रक्रिया के आधार पर नहीं दिए जाने चाहिए और जो भी चैनल गुरबानी का प्रसारण करना चाहता है उसे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए। हालांकि एसजीपीसी का आरोप है कि सरकार धार्मिक मामलों में दखल दे रही है।
विपक्ष ने तर्क दिया है कि सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 एक केंद्र सरकार का अधिनियम है जिसमें राज्य द्वारा संशोधन नहीं किया जा सकता है। पंजाब में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस मुद्दे पर बंटी हुई नजर आ रही है। पार्टी नेता नवजोत सिंह सिद्धू जहां राज्य सरकार के इस कदम की सराहना कर रहे हैं।
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