पंजाब: चरणजीत सिंह चन्नी ने समझाए सुरक्षा के मायने, क्या ये होता है जान का ख़तरा ?
पीएम मोदी की कथित सुरक्षा चूक मामले में भी आरोप-प्रत्यारोप जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पीएम मोदी की कथित सुरक्षा चूक मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ़ से बनाई गई चांच कमेटी का स्वागत किया है।
चंडीगढ़, 11 जनवरी 2022। पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां बढ़ी हुई हैं, वहीं पीएम मोदी की कथित सुरक्षा चूक मामले में भी आरोप-प्रत्यारोप जारी है। इसी कड़ी में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पीएम मोदी की कथित सुरक्षा चूक मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ़ से बनाई गई चांच कमेटी का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का लोकतांत्रिक ढांचे के साथ जुड़ना अच्छी बात है। पंजाब और केंद्र सरकार द्वार बनाई गई जांच कमेटियों पर रोक लगाकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपनी कमेटी बनाने का फैसला स्वागत योग्य है। पीएम मोदी के कथित सुरक्षा चूक मामले में पूरी घटना की सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कथित सुरक्षा चूक मामले में सफ़ाई दी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की जान को ख़तरा नहीं था, सिर्फ़ सियासी फ़ायदे के लिए यह रंग दिया गया है, ये जान का ख़तरा नहीं होता है।

सिक्योरिटी को किनारा कर ली चाय की चुस्की
पंजाब के मुख्यमंत्री चरजीत सिंह चन्नी सोमवार को नेशनल हाइवे 95 पर (लुधियाना-फिरोजपुर मुख्य मार्ग) के रास्ते मोगा जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने चौकीमान के पास स्थित राजा ढाबा पर अपना काफिला रुकवाया। ढाबा मालिक नमिता के पैर छू कर आशीर्वाद लेते हुए वहां मौजूद सभी लोगा का हालचाल जाना। इसके बाद वहां उन्होंने चाय की चुस्कियां भी लीं। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सादगी की वहां मौजूद लोगों ने तारीफ़ भी की। इस मौक़े पर सीएम चन्नी ने पीएम मोदी की कथित सुरक्षा के मामले में का भी ज़िक्र भी किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और पंजाब सरकार की बनाई गई कमेटियों को भंग करने का फ़ैसला सराहनीय है। एनआईए के अधिकारी, सेवामुक्त जस्टिस, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार और चंडीगढ़ के डीजीपी को शामिल कर कमेटी का बनाने का फ़ैसला बहुत ही कारगर क़दम है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई कमेटी के ज़रिए सबके सामने सच आएगा।

'सियासी फ़ायदे के लिए घटना को दिया जा रहा तूल'
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सियासी फ़ायदे के लिए इस घटना का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी बात के यह कहना कि मैं जिंदा लौट आया हूं, पीएम को शोभा नहीं देता है। पीएम मोदी की जान को अगर वाकई खतरा है तो उनकी अच्छी सेहत के लिए वह खुद बगलामुखी जाकर पाठ करवाएंगे। ग़ौरतलब है कि हाल ही में एक निजी न्यूज़ चैनल को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपनी गाड़ी में इंटरव्यू दे रहे थे। रास्ते में कुछ प्रदर्शनकारियों ने इनके काफ़िले को घेर लिया, सीएम चन्नी ने तुरंत गाड़ी रुकवाई और न्यूज़ चैनल वाले से कहा कि यह फूटेज दिखाएं। जब प्रदर्शनकारियों ने सीएम चन्नी का काफ़िला रोका तो गाड़ी रोक कर वह उनसे मिलने पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया। उसके बाद उन्होंने(चन्नी) कहा कि क्या ये मेरी जान को ख़त्रा हो गया। प्रदर्शनकारियों ने मेरा काफिला रोक दिया तो मैं इसे यह कह दूं कि मेरी जान को ख़तरा है।

'पंजाब और पंजाबियत को नीचा दिखाने के लिए सियासत'
चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पीएम मोदी का काफिला जहां रुका था वहां तो एक किलोमीटर की दूरी तक कोई भी प्रदर्शनकारी नज़र नहीं आ रहे थे। इसे जान का ख़तरा नहीं कहते। पिछले दिनों सीएम चन्नी ने कहा कि पीएम मोदी की जान का ख़तरा है तो उनके लिए मैं खुद बगलामुखी का मंत्र बोल देता हूं और उन्होंने बगलामुखी का जाप भी किया। उन्होंने कहा कि इससे उनकी (पीएम मोदी) सेहत अच्छी रहेगी और दुश्मन आगे नहीं आएंगे। सीएम चन्नी ने कहा कि अगर पीएम मोदी के लिए मैं अपने घर में खुद पाठ करवाऊंगा और खुद ही मंत्र का जाप भी करूंगा। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा की पीएम मोदी के काफिले के साथ केंद्र की सारी सिक्योरिटी होती है। देश की इतनी अच्छी फौज और सिक्योरिटी के बावजूद पीएम की जान को खतरा कैसे हो सकता है? कोई सियासी वजह से खतरा बना ले तो वो अलग ही बात है। यह सिर्फ पंजाब और पंजाबियत को नीचा दिखाने के लिए सियासत की गई है।
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