पंजाब: चरणजीत चन्नी की बयानबाज़ी ने बढाई कांग्रेस की चिंता, क्या चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाज़ा ?
पंजाब में मतदान के दिन क़रीब आते ही सियासी दलों के नेताओं के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है।
चंडीगढ़, 17 फरवरी 2022। पंजाब में मतदान के दिन क़रीब आते ही सियासी दलों के नेताओं के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। सभी राजनीतिक दलों में ख़ुद को अच्छा साबित करने की होड़ मची हुई है। आज हम आपको पंजाब ही गल में सियासी गलियारों की कुछ इसी तरह की चटपटी बातें बताने जा रहा हूं। चरणजीत सिंह चन्नी की बयानबाज़ी से पंजाब में सियासी सरगर्मियां बढ़ गईं हैं। विपक्षी दल लगातार कांग्रेस पार्टी औऱ मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर निशाना साध रहा है। मतदान के सिर्फ़ तीन दिन बचे हैं ऐसे आरोप प्रत्यारोप से कितना सियासी दलों को कितना फ़ायदा हुआ यह तो चुनाव के नतीजों से ही साफ़ हो पाएगा। फिलहाल हम आपकों पंजाब के सियासी गलियारों की कुछ चटपटी ख़बरों से रूबरू कवाने जा रहे हैं।

भगवंत मान पर चन्नी ने किया कटाक्ष
पंजाब में कांग्रेस की तरफ से चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने के बाद से ही विपक्षी दलों के नेता इस फिराक में रहते हैं कि कब उन्हें मौक़ा मिले और वह चन्नी पर निशाना साधें। इसी कड़ी में चरणजीत सिंह चन्नी की भगवंत मान के खिलाफ़ बयानबाज़ी से पंजाब में सियासी पारा चढ़ चुका है। दरअसल चरणजीत सिंह चन्नी ने एक जनसभा के दौरान भगवंत मान को शराबी और निरक्षर बोल दिया। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बठिंडा में जनसभा के दौरान कहा दिया कि भगवंत मान एक शराबी और अनपढ़ व्यक्ति हैं। तीन साल में उन्होंने 12वीं पास की है। हम पंजाब की कमान ऐसे व्यक्ति को कैसे दे सकते हैं? आपको बता दें कि इससे पहले भी मोगा रौला के दौरान उन्होंने (चन्नी) कहा था कि भगवंत मान ने बेशर्मी से अपनी मां के नाम की शपथ को तोड़ा। एक शराबी राज्य के मामलों को कैसे चला सकता है?

पंजाब में बयानबाज़ी से गरमाई सियासत
कांग्रेस की मुश्किलें चन्नी की बयानबाज़ी से बढ़ी ही वहीं दूसरी ओर 'पंजाब से यूपी-बिहार के भैयों' को भगाओ वाली बयान से भी विपक्ष कांग्रेस पर हमलावर हो चुका है। इस बयान के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने कांग्रेस के ख़िलाफ़ सियासी माइलेज लेना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि यूपी और बिहारी भैय्यो को भगाओ वाले कांग्रेस के बयान से कांग्रेस की मानसिकता साफ़ ज़ाहिर हो रही है। वो आपस में लड़ा कर राजनीति करना चाहती है। आपको बता दें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ सीएम चन्नी रूपनगर में रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि '' पंजाबियों एकजुट हो जाओ, पंजाब में यूपी, बिहार और दिल्ली के भाइयों राज करने के लिए को घुसने नहीं देना है''। चरणजीत सिंह चन्नी ने इस तरह के बयान से पंजाबियों अस्मिता को जगाते हुए कांग्रेस के लिए वोट जुटाने की कोशिश की थी। लेकिन विपक्षी दलों ने बयानबाज़ी का रुख ही मोड़ दिया।

कांग्रेस पर विपक्षी दलों ने साधा निशाना
रूपनगर में चन्नी के रौली संबोधन का वीडियो भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर जारी करते हुए कांग्रेस पर सवालिया निशान लगाया। सीएम योगी ने चन्नी के बायन की निंदा करते हुए कहा कि बयान से साफ ज़ाहिर है कि कांग्रेस की नीति विभाजनकारी है, कांग्रेस के ऐसे संस्कार हैं। बीजेपी सांसद तेजस्वी सुर्या ने भी कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि '' उत्तर प्रदेश में आकर प्रियंका वाड्रा जी अपने को यूपी की बेटी बताती हैं और उत्तर प्रदेश-बिहार के लोगो के अपमान पर पंजाब में ताली बजाती हैं। इसके साथ ही बहुजन समाजवादी पार्टी की सुप्रीमो मायावाती ने भी कांग्रेस के बयान को शर्मनाक बताया। उन्होंने ट्वीटर के ज़रिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लिखा कि यूपी और बिहार के लोगों को पंजाब के कांग्रेसी सीएम ने शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में जिस तरह से अपमानित किया वह बहुत ही शर्मनाक है । दोनों राज्यों के लोग कांग्रेस को पंजाब और यूपी चुनाव में ज़रूर सबक सिखाएं।

विचारों की लड़ाई होनी चाहिए व्यक्तिगत नहीं- अश्विनी कुमार
अश्विनी कुमार के कांग्रेस छोड़ने के बाद अटकलों का बाज़ार गर्म है। वह किस पार्टी का दामन थामेंगे यह तो साफ़ नहीं हो पाया है लेकिन सूत्रों की मानें तो वह आम आदमी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। उन्होंने हाल ही में एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में यह बयान दिया था कि आम आदमी पार्टी पंजाब में जीत रही है। वहीं उन्होंने भाजपा का दामन थामने वाले सवाल पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके लिए अछूत नहीं है। मेरा मानना है कि विचारों की लड़ाई होनी चाहिए व्यक्तिगत नहीं। उन्होंने कहा कि वह अपने दम पर सियासत करते हुए अपनी तक़दी ख़ुद लिखेंगे। आपको बता दें कि अश्वनि कुमार पहली बार 2002 पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। इसके बाद 2004 और 2010 में भी पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए। इसके साथ ही उन्हें मनमोहन सिंह की सरकार में कानून मंत्री का भी बनाया गया था। पंजाब के सियासी जानकारों की मानें तो कांग्रेस और सीएम चन्नी की बयानबाज़ी से चुनाव पर ज़्यादा असर नहीं पड़ने वाला है क्योंकि इस बार ज़्यादातर मतदाता चुनावी मुद्दे पर मतदान करेंगे।
ये भी पढ़ें: पंजाब: रणदीप सुरजेवाला के सवालों ने बढ़ाई AAP संयोजक केजरीवाल की मुश्किलें, जानिए क्या है मामला ?












Click it and Unblock the Notifications