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पंजाब: अब ख़ुद के बचाव में उतरी चन्नी सरकार, BJP को उनके ही तर्ज़ पर जवाब दे रही कांग्रेस

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पीएम मोदी के रैली रद्द मामले में सियासी पारा चढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं नें कांग्रेस के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है और लगातार पंजाब कांग्रेस की कार्यशेली पर सवाल उठ रहा है

चंडीगढ़, 7 जनवरी 2022। पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पीएम मोदी के रैली रद्द मामले में सियासी पारा चढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं नें कांग्रेस के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है और लगातार पंजाब कांग्रेस की कार्यशेली पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि अब चन्नी सरकार भी खुद के बचाव में उतर गई है, साथ ही भाजपा नेताओं को भी उन्हीं की तर्ज़ पर जवाब दे रही है। ऐसा लग रहा है जैसे भाजपा के सभी नेताओं को यह निर्देश दिया गया है, कि अपने हर बयानबाज़ी में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक को मुद्दा बनाकर कांग्रेस को घेरें। वहीं कांग्रेस नेताओं को भी यह आलाकमान से यह निर्देश मिला है कि हर बयानबाज़ी में भाजपा को उसी के तर्ज़ पर जवाब दें। इसलिए अब भाजपा नेताओं को उनके सवालों का जवाब भी कांग्रेस उन्हीं के अंदाज़ में दे रही है।

BJP और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाज़ी

BJP और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाज़ी

पीएम मोदी के सुरक्षा मामले में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले से इंकार किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी की जान को खतरा बताना एक घटिया सियासत है। इस तरह की नौटंकी का मक़सद सिर्फ़ पंजाब में लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई सरकार को गिराना है। प्रधानमंत्री का पद देश के सम्मानित नेताओं के पद में शुमार किया जाता है। पीएम को इस तरह की 'घटिया नौटंकी' में शामिल होना कहीं से भी शोभा नहीं देता है। सीएम चन्नी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की रैली की नाकामयाबी से ज़ाहिर होता है कि पंजाब की बुद्धिजीवी जनता भाजपा की 'विभाजनकारी' एजेंडे को समझ चुकी है। इसलिए जनता ने पंजाब में भाजपा को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया है।

PM मोदी की जान को कोई खतरा नहीं था- चन्नी

PM मोदी की जान को कोई खतरा नहीं था- चन्नी

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने दावा करते हुए कहा कि पीएम मोदी की जान को कोई खतरा नहीं था। रैली स्थल पर भीड़ जमा नहीं होने की वजह से पीएम मोदी ने सुरक्षा में चूक का झूठा बहाना बनाते हुए रैली रद्द करवा दी। 70 हज़ार कुर्सियां लगाई गईं लेकिन रैली में सिर्फ़ 700 लोग मौजूद थे। पंजाबियों ने आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के घमंडी नेताओं को सबक सिखाने का मन बना लिया है। भाजपा का यह फ्लॉप शो इसी का झलक था। उन्होंने कहा आरोप लगाया कि झूठे बहाने कर पंजाब को बदनाम करने और राज्य में लोकतंत्र की हत्या करने की पीएम मोदी ने एक बड़ी साजिश की। पीएम मोदी से प्रदर्शनकारी एक किलोमीटर दूर थे उनकी जान को खतरा कैसे हुआ। पीएम मोदी के काफिले के पास नारेबाज़ी तक नहीं हुई और उन्हें जान का ख़तरा हो गया।

'पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है BJP'

'पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है BJP'

पंजाबियों ने देश में अमन और चैन के लिए अपने जान तक गंवाए हैं, पंजाबी कभी भी पीएम की ज़िंदगी और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा नहीं कर सकते। सीएम चन्नी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री और उनकी मंडली का मकसद पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाना है। सीएम चन्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री के आसपास के खुफिया अधिकारियों को उनकी सुरक्षा के लिए खतरा महसूस हुआ था तो वो क्या कर रहे थे। पीएम नोदी को सुरक्षित स्थान पर लेकर क्यों नहीं गए। इस पूरे मामले में सियासत नहीं की जाए, सुरक्षा में चूक से इसका कोई लेना-देना नहीं है। पंजाब सरकार ने मामले की गहन जांच के लिए कमेटी का गठन किया है। फिरोजपुर में पीएम सुरक्षा में जुटे सीनियर अफसरों के बयान के आधार पर रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएम के दौरे का विरोध पूरे पंजाब में हो रहा था। इसलिए विरोध और प्रदर्शनों के मद्देनज़र अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था।

कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए थे चन्नी

कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए थे चन्नी

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रिसीव करने क् नहीं गए। इस बात का जवाब देते हुए सीएम चन्नी ने कहा कि मुझे अफसोस है कि पीएम मोदी को फिरोज़पुर दौरे से वापस लौटना पड़ा। मुझे भी प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के कार्यक्रम में जाना था लेकिन मैं नहीं सका। क्योंकि मैं कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आ गया था इसलिए सावधानी के मद्देऩर मैं कार्यक्रम में शरीक नहीं हो पाया। इसलिए मैंने वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को प्रधानमंत्री का स्वागत करने की ड्यूटी सौंप दी थी।

कांग्रेस ने कभी झूठे आरोप नहीं लगाए

कांग्रेस ने कभी झूठे आरोप नहीं लगाए

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इमोशनल होते हुए कहा कि कांग्रेस से बढ़कर कोई दूसरी पार्टी प्रधानमंत्री की सुरक्षा के बारे में नहीं सोच सकती क्योंकि इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी जैसे प्रधानमंत्रियों की हत्या कर दी गई। कांग्रेस से ज़्यादा पीएम की सुरक्षा को कोई महत्व नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आजादी के पहले से ही महात्मा गांधी के संस्कारों और परंपरा रो महत्व देते आई है। कांग्रेस कई सालों तक देश की सत्ता पर क़ाबिज़ रही लेकिन कभी झूठे आरोप नहीं लगाए। पंजाब सरकार ने पीएम मोदी के दौरे से एक रात पहले 3 बजे तक पीएम की यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पीएम मोदी का इस तरह बिना बताए सड़क मार्ग से जाना बेतुका था।

SPG की कार्यशैली पर सवालिया निशान

SPG की कार्यशैली पर सवालिया निशान

एसपीजी एक्ट में प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर नियम बनाए गए ऐसे में एसपीजी के लोग किसी भी हाल में सुरक्षा से समझौता नहीं करते हैं। गहलोत ने एसपीजी की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसपीजी को बताना चाहिए कि बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के प्रधानमंत्री को 2 घंटे से ज़्यादा वक़्त तक सड़क यात्रा क्यों करवाई गई? किसानों के प्रदर्शन के बारे में पहले से जानकारी देने का बावजूद प्रदर्शन वाले रास्ते में पीएम के काफिले को ले जाने की इजाज़त एसपीजी ने क्यों दी? वहीं किसानों के रास्ता रोकने पर गहलोत ने कहा कि डेमोक्रेसी में यह संभव है, हर कोई अपना विरोध दर्ज करवा सकता है, ऐसे में किसी को बुरा नहीं मानना चाहिए। पीएम के पंजाब के सीएम पर की गई टिप्पणी को लेकर गहलोत ने कहा कि इस तरह का माहौल बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है, इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए थी।

'रैली में भीड़ नहीं जुटी इसलिए किया ड्रामा'

'रैली में भीड़ नहीं जुटी इसलिए किया ड्रामा'

कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने भी भाजपा के आरोप का खंडन किया, उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के काफिले का अचानक रूट बदल दिया गया। रूट बदलने की जानकारी पंजाब सरकार को नहीं दी गई। किसानों के विरोध स्थल से काफि पहले ही पीएम मोदी का काफिला रोक दिया गया था। डोटासरा ने कहा कि पंजाब में पीएम की रैली में लोग नहीं पहुंचे थे, भीड़ के नहीं जुटने की सूचना मिलने के बाद यह ड्रामा किया गया जो सोची-समझी साजिश है। डोटासरा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय के अंदर आने वाली सुरक्षा एजेंसियों की है ऐसे में पंजाब की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाना बेबुनियाद है।


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