पंजाब: BJP-PLC और SAD (संयुक्त) की कुछ सीटों पर बनी सहमति, जानिए क्या है इनकी चुनावी रणनीति?
पंजाब में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होते ही भीरतीय जनता पार्टी और उसके गठबंधन के साथियों ने (पंजाब लोक कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल संयुक्त) विधानसभा सीटों पर टिकटों की दावेदारी के लिए मंथन शुरू कर दिया है।
चंडीगढ़: 14 जनवरी 2022। पंजाब में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होते ही भीरतीय जनता पार्टी और उसके गठबंधन के साथियों ने (पंजाब लोक कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल संयुक्त) विधानसभा सीटों पर टिकटों की दावेदारी के लिए मंथन शुरू कर दिया है। ख़बर है कि फिलहाल 65 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी, कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी (पंजाब लोक कांग्रेस) और ढींढसा की पार्टी (शिरोमणि अकाली दल संयुक) के बीच सहमति बन चुकी है। 65 सीटों में से 41 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी अपने उम्मीदवार घोषित करेगी। ग़ौरतलब है कि 41 सीटें जो भाजपा ने चुनीं है। उनमें से 23 विधानसभा सीटें ऐसी है जिन पर शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन के समय से भाजपा चुनाव लड़ती आ रही है। इसी के साथ 18 सीटें ऐसी हैं जिन पर भारतीय जनता पार्टी पहली बार चुनावी मैदान में उतरेगी।

पटियाला के सभी सीटों पर कर सकते हैं दावा
कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस को 65 सीटों में से 17 विधानसभा सीटें दी गई हैं। सूत्रों की मानें तो पंजाब लोक कांग्रेस पटियाला की पांचों विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसी के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह ( पंजाब लोक कांग्रेस) ने अमृतसर नॉर्थ की सीट पर भी अपने उम्मीदवार को उतारने की बात रखी है। ग़ौरतलब है कि अमृतसर नॉर्थ विधानसभा सीट पर पंजाब के पूर्व मंत्री अनिल जोशी भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ते रहे हैं। लेकिन उन्होंने अब भारतीय जनता पार्टी को अलविदा बोल दिया है और शिरोमणि अकाली दल का दामन थाम चुके हैं। वहीं जालंधर के सभी सीटों पर भाजपा अपने उम्मीदवार उतारने की कोशिश में है, हालांकि अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।

ढिंढसा की पार्टी को दी गई सात सीटें
सुखदेव सिंह ढींढसा की पार्टी शिरोमणि अकाली दल संयुक्त को 65 सीटों में 7 सीटें दी गई हैं। ग़ौरतलब है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी के बाद सुखदेव सिंह ढींढसा की पार्टी को भी चुनाव निशान मिल गया है। चुनाव आयोग ने ढींढसा की पार्टी शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) को टेलीफोन चुनाव चिह्न आवंटित किया है। शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींढसा ने चुनाव निशान मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए टेलीफोन को विज्ञान में सबसे शानदार खोज बताया। उन्होंने कहा कि टेलीफोन दुनिया के विकास में संचार के सबसे महत्वपूर्ण साधनों में से एक है, इससे भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने पंजाब के लोगों से वादा किया कि अकाली दल (संयुक्त) सभी लोगों की उम्मीदों पर खड़ी उतरेगी।

भाजपा नहीं होने देना चाहती थोड़ी सी भी चूक
पंजाब के चुनावी रण में भारतीय जनता पार्टी थोड़ी सी भी चूक नहीं होने देना चाहती है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी हर मुमकिन कोशिश कर रही है कि वह पंजाब की सत्ता पर क़ाबिज़ हो जाए। इसी सिलसिले में (लोक इंसाफ़ पार्टी) को अपने साथ जोड़ने की क़वायद तेज कर चुकी है। हालांकि बैंस ब्रदर्स की तरफ़ से भाजपा को किसी भी तरह की हरी झंडी फिलहाल नहीं मिली है। इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने 65 सीटें की सहमति के अलावा बैंस ब्रदर्स की लोक इंसाफ पार्टी के लिए पांच विधानसभा सीटें छोड़ रखीं हैं।
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